Leviticus · chapter 16 · verse 10
Leviticus 16:10 in Hindi
परन्तु जिस बकरे पर अजाजेल के लिये चिट्ठी निकले वह यहोवा के साम्हने जीवता खड़ा किया जाए कि उस से प्रायश्चित्त किया जाए, और वह अजाजेल के लिये जंगल में छोड़ा जाए।
Parantu jis bakare par ajaajel ke liye chitthee nikale vah yahovaa ke saamhane jeevataa khadaa kiyaa jaae ki us se praayashchitt kiyaa jaae, aur vah ajaajel ke liye jangal mem chhodaa jaae.
Leviticus 16:10 in English
- King James Version (KJV)
- But the goat, on which the lot fell to be the scapegoat, shall be presented alive before the LORD, to make an atonement with him, [and] to let him go for a scapegoat into the wilderness.
- World English Bible (WEB)
- But the goat on which the lot fell for the scapegoat shall be presented alive before the LORD, to make atonement for him, to send him away as the scapegoat into the wilderness.
- American Standard Version (ASV)
- But the goat, on which the lot fell for Azazel, shall be set alive before Jehovah, to make atonement for him, to send him away for Azazel into the wilderness.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the goat for Azazel is to be placed living before the Lord, for the taking away of sin, that it may be sent away for Azazel into the waste land.
- Darby Translation (DBY)
- And the goat upon which the lot fell for Azazel shall be set alive before Jehovah, to make atonement with it, to send it away as Azazel into the wilderness.
- Webster's Bible (WBS)
- But the goat on which the lot fell to be the scape-goat, shall be presented alive before the LORD, to make an atonement with him, [and] to let him go for a scape-goat into the wilderness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And the goat on which the lot for a goat of departure hath gone up is caused to stand living before Jehovah to make atonement by it, to send it away for a goat of departure into the wilderness.
Read in context
- 8और हारून दोनों बकरों पर चिटि्ठयां डाले, एक चिट्ठी यहोवा के लिये और दूसरी अजाजेल के लिये हो।
- 9और जिस बकरे पर यहोवा के नाम की चिट्ठी निकले उसको हारून पापबलि के लिये चढ़ाए;
- 10परन्तु जिस बकरे पर अजाजेल के लिये चिट्ठी निकले वह यहोवा के साम्हने जीवता खड़ा किया जाए कि उस से प्रायश्चित्त किया जाए, और वह अजाजेल के लिये जंगल में छोड़ा जाए।
- 11और हारून उस पापबलि के बछड़े को जो उसी के लिये होगा समीप ले आए, और उसको बलिदान करके अपने और अपने घराने के लिये प्रायश्चित्त करे।
- 12और जो वेदी यहोवा के सम्मुख है उस पर के जलते हुए कोयलों से भरे हुए धूपदान को लेकर, और अपनी दोनों मुटि्ठयों को फूटे हुए सुगन्धित धूप से भरकर, बीचवाले पर्दे के भीतर ले आकर
Cross references
- 1 John 2:2 1 यूहन्ना 2:2और वही हमारे पापों का प्रायश्चित्त है: और केवल हमारे ही नहीं, बरन सारे जगत के पापों का भी।
- Hebrews 9:23–24 इब्रानियों 9:23–24इसलिये अवश्य है, कि स्वर्ग में की वस्तुओं के प्रतिरूप इन के द्वारा शुद्ध किए जाएं; पर स्वर्ग में की वस्तुएं आप इन से उत्तम बलिदानों के द्वारा। क्योंकि मसीह ने उस हाथ के बनाए हुए पवित्रा स्थान में जो सच्चे पवित्रा स्थान का नमूना है, प्रवेश नहीं किया, पर स्वर्ग ही में प्रवेश किया, ताकि हमारे लिये अब परमेश्वर के साम्हने दिखाई दे।
- Leviticus 16:21–22 लैव्यव्यवस्था 16:21–22और हारून अपने दोनों हाथों को जीवित बकरे पर रखकर इस्त्राएलियों के सब अधर्म के कामों, और उनके सब अपराधों, निदान उनके सारे पापों को अंगीकार करे, और उनको बकरे के सिर पर धरकर उसको किसी मनुष्य के हाथ जो इस काम के लिये तैयार हो जंगल में भेजके छुड़वा दे। और वह बकरा उनके सब अधर्म के कामों को अपने ऊपर लादे हुए किसी निराले देश में उठा ले जाएगा; इसलिये वह मनुष्य उस बकरे को जंगल मे छोड़े दे।
- 1 John 3:16 1 यूहन्ना 3:16हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।
- Isaiah 53:4–11 यशायाह 53:4–11निश्चय उस ने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा- कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा। परन्तु वह हमारे ही अपराधो के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं। हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।। वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला। अत्याचार करके और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किस ने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया? मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी। और उसकी कब्र भी दुष्टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उस ने किसी प्रकार का अपद्रव न किया था और उसके मुंह से कभी छल की बात नहीं निकली थी।। तौभी यहोवा को यही भया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी। वह अपने प्राणों का दु:ख उठाकर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा।
- 2 Corinthians 5:21 2 कुरिन्थियों 5:21जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।
- Romans 3:25 रोमियों 3:25उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धार्मिकता प्रगट करे।
- Leviticus 14:7 लैव्यव्यवस्था 14:7और कोढ़ से शुद्ध ठहरनेवाले पर सात बार छिड़ककर उसको शुद्ध ठहराए, तब उस जीवित पक्षी को मैदान में छोड़ दे।
- Hebrews 7:26–27 इब्रानियों 7:26–27सो ऐसा ही महायाजक हमारे योग्य था, जो पवित्रा, और निष्कपट और निर्मल, और पापियों से अलग, और स्वर्ग से भी ऊंचा किया हुआ हो। और उन महायाजकों की नाई उसे आवश्यक नहीं कि प्रति दिन पहिले अपने पापों और फिर लोगों के पापों के लिये बलिदान चढ़ाए; क्योंकि उस ने अपने आप को बलिदान चढ़ाकर उसे एक ही बार निपटा दिया।
- Romans 4:25 रोमियों 4:25वह हमारे अपराधों के लिये पकड़वाया गया, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाया भी गया।।
Original words (Hebrew)
- goat · H8163שָׂעִיר sâʻîyr
- lot · H1486גּוֹרָל gôwrâl
- fell · H5927עָלָה ʻâlâh
- scapegoat · H5799עֲזָאזֵל ʻăzâʼzêl
- presented · H5975עָמַד ʻâmad
- alive · H2416חַי chay
- before · H6440פָּנִים pânîym
- atonement · H3722כָּפַר kâphar
- go · H7971שָׁלַח shâlach
- scapegoat · H5799עֲזָאזֵל ʻăzâʼzêl
- wilderness · H4057מִדְבָּר midbâr