Romans · chapter 3 · verse 25
Romans 3:25 in Hindi
उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धार्मिकता प्रगट करे।
Use parameshvar ne usake lohoo ke kaaran ek aisaa praayashchitt thaharaayaa, jo vishvaas karane se kaaryakaaree hotaa hai, ki jo paap pahile kie gae, aur jin kee parameshvar ne apanee sahanasheelataa se aanaakaanee kee; un ke vishay mem vah apanee dhaarmikataa pragat kare.
Romans 3:25 in English
- King James Version (KJV)
- Whom God hath set forth [to be] a propitiation through faith in his blood, to declare his righteousness for the remission of sins that are past, through the forbearance of God;
- World English Bible (WEB)
- whom God sent to be an atoning sacrifice through faith in his blood, for a demonstration of his righteousness through the passing over of prior sins, in God’s forbearance;
- American Standard Version (ASV)
- whom God set forth [to be] a propitiation, through faith, in his blood, to show his righteousness because of the passing over of the sins done aforetime, in the forbearance of God;
- Bible in Basic English (BBE)
- Whom God has put forward as the sign of his mercy, through faith, by his blood, to make clear his righteousness when, in his pity, God let the sins of earlier times go without punishment;
- Darby Translation (DBY)
- whom God has set forth a mercy-seat, through faith in his blood, for [the] shewing forth of his righteousness, in respect of the passing by the sins that had taken place before, through the forbearance of God;
- Webster's Bible (WBS)
- Whom God hath set forth [to be] a propitiation, through faith in his blood, to declare his righteousness for the remission of sins that are past, through the forbearance of God;
- Young's Literal Translation (YLT)
- whom God did set forth a mercy seat, through the faith in his blood, for the shewing forth of His righteousness, because of the passing over of the bygone sins in the forbearance of God —
Read in context
- 23इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित है।
- 24परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
- 25उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धार्मिकता प्रगट करे।
- 26बरन इसी समय उस की धार्मिकता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहरानेवाला हो।
- 27तो घमण्ड करना कहां रहा? उस की तो जगह ही नहीं: कौन सी व्यवस्था के कारण से? क्या कर्मों की व्यवस्था से? नहीं, बरन विश्वास की व्यवस्था के कारण।
Cross references
- Romans 3:23–24 रोमियों 3:23–24इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित है। परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
- 1 Peter 1:18–20 1 पतरस 1:18–20क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ। पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ। उसका ज्ञान तो जगत की उत्पत्ति के पहिले ही से जाना गया था, पर अब इस अन्तिम युग में तुम्हारे लिये प्रगट हुआ।
- 1 John 4:10 1 यूहन्ना 4:10प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उस ने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्चित्त के लिये अपने पुत्रा को भेजा।
- 1 John 2:2 1 यूहन्ना 2:2और वही हमारे पापों का प्रायश्चित्त है: और केवल हमारे ही नहीं, बरन सारे जगत के पापों का भी।
- Colossians 1:20–23 कुलुस्सियों 1:20–23और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप करके, सब वस्तुओं को उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की। और उस ने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे। ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्रा और निष्कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे। यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।।
- Romans 5:9 रोमियों 5:9सो जब कि हम, अब उसके लोहूं के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?
- Hebrews 9:14–22 इब्रानियों 9:14–22तो मसीह का लोहू जिस ने अपने आप को सनातन आत्मा के द्वारा परमेश्वर के साम्हने निर्दोष चढ़ाया, तुम्हारे विवेक को मरे हुए कामों से क्यों न शुद्ध करेगा, ताकि तुम जीवते परमेश्वर की सेवा करो। और इसी कारण वह नई वाचा का मध्यस्थ है, ताकि उस मृत्यु के द्वारा जो पहिली वाचा के समय के अपराधों से छुटकारा पाने के लिये हुई है, बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्त मीरास को प्राप्त करें। क्योंकि जहां वाचा बान्धी गई है वहां वाचा बान्धनेवाले की मृत्यु का समझ लेना भी अवश्य है। क्योंकि ऐसी वाचा मरने पर पक्की होती है, और जब तक वाचा बान्धनेवाला जीवित रहता है, तब तक वाचा काम की नहीं होती। इसी लिये पहिली वाचा भी बिना लोहू के नहीं बान्धी गई। क्योंकि जब मूसा सब लोगों को व्यवस्था की हर एक आज्ञा सुना चुका, तो उस ने बछड़ों और बकरों का लोहू लेकर, पानी और लाल ऊन, और जूफा के साथ, उस पुस्तक पर और सब लोगों पर छिड़क दिया। और कहा, कि यह उस वाचा का लोहू है, जिस की आज्ञा परमेश्वर ने तुम्हारे लिये दी है। और इसी रीति से उस ने तम्बू और सेवा के सारे सामान पर लोहू छिड़का। और व्यवस्था के अनुसार प्राय: सब वस्तुएं लोहू के द्वारा शुद्ध की जाती हैं; और बिना लोहू बहाए क्षमा नहीं होती।।
- Acts 13:38–39 प्रेरितों के काम 13:38–39इसलिये, हे भाइयो; तुम जान लो कि इसी के द्वारा पापों की क्षमा का समाचार तुम्हें दिया जाता है। और जिन बातों से तुम मूसा की व्यवस्था के द्वारा निर्दोष नहीं ठहर सकते थे, उन्हीं सब से हर एक विश्वास करनेवाला उसके द्वारा निर्दोष ठहरता है।
- Acts 17:30 प्रेरितों के काम 17:30इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी करके, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है।
- Hebrews 10:4 इब्रानियों 10:4क्योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे।
- Revelation 13:8 प्रकाशितवाक्य 13:8और पृथ्वी के वे सब रहनेवाले जिन के नाम उस मेम्ने की जीवन की पुस्तक में लिखे नहीं गए, जो जंगल की उत्पत्ति के समय से घात हुआ है, उस पशु की पूजा करेंगे।
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
Original words (Greek)
- Whom · G3739ὅς hós
- God · G2316θεός theós
- forth · G4388προτίθεμαι protíthemai
- propitiation · G2435ἱλαστήριον hilastḗrion
- through · G1223διά diá
- faith · G4102πίστις pístis
- in · G1722ἐν en
- his · G846αὐτός autós
- blood · G129αἷμα haîma
- to · G1519εἰς eis
- declare · G1732ἔνδειξις éndeixis
- his · G846αὐτός autós
- righteousness · G1343δικαιοσύνη dikaiosýnē
- for · G1223διά diá
- remission · G3929πάρεσις páresis
- sins · G265ἁμάρτημα hamártēma
- past · G4266προγίνομαι progínomai