Leviticus · chapter 18 · verse 26
Leviticus 18:26 in Hindi
इस कारण तुम लोग मेरी विधियों और नियमों को निरन्तर मानना, और चाहे देशी चाहे तुम्हारे बीच रहनेवाला परदेशी हो तुम में से कोई भी ऐसा घिनौना काम न करे;
Is kaaran tum log meree vidhiyom aur niyamom ko nirantar maananaa, aur chaahe deshee chaahe tumhaare beech rahanevaalaa paradeshee ho tum mem se koee bhee aisaa ghinaunaa kaam na kare;
Leviticus 18:26 in English
- King James Version (KJV)
- Ye shall therefore keep my statutes and my judgments, and shall not commit [any] of these abominations; [neither] any of your own nation, nor any stranger that sojourneth among you:
- World English Bible (WEB)
- You therefore shall keep my statutes and my ordinances, and shall not do any of these abominations; neither the native-born, nor the stranger who lives as a foreigner among you
- American Standard Version (ASV)
- Ye therefore shall keep my statutes and mine ordinances, and shall not do any of these abominations; neither the home-born, nor the stranger that sojourneth among you
- Bible in Basic English (BBE)
- So then keep my rules and my decisions, and do not do any of these disgusting things, those of you who are Israelites by birth, or any others who are living with you:
- Darby Translation (DBY)
- But ye shall observe my statutes and my judgments, and shall not commit any of all these abominations: the home-born, and the stranger that sojourneth among you;
- Webster's Bible (WBS)
- Ye shall therefore keep my statutes and my judgments, and shall not commit [any] of these abominations; [neither] any of your own nation, nor any stranger that sojourneth among you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and ye — ye have kept My statutes and My judgments, and do not [any] of all these abominations, the native and the sojourner who is sojourning in your midst,
Read in context
- 24ऐसा ऐसा कोई भी काम करके अशुद्ध न हो जाना, क्योंकि जिन जातियों को मैं तुम्हारे आगे से निकालने पर हूं वे ऐसे ऐसे काम करके अशुद्ध हो गई है;
- 25और उनका देश भी अशुद्ध हो गया है, इस कारण मैं उस पर उसके अधर्म का दण्ड देता हूं, और वह देश अपने निवासियों उगल देता है।
- 26इस कारण तुम लोग मेरी विधियों और नियमों को निरन्तर मानना, और चाहे देशी चाहे तुम्हारे बीच रहनेवाला परदेशी हो तुम में से कोई भी ऐसा घिनौना काम न करे;
- 27क्योंकि ऐसे सब घिनौने कामों को उस देश के मनुष्य तो तुम से पहिले उस में रहते थे वे करते आए हैं, इसी से वह देश अशुद्ध हो गया है।
- 28अब ऐसा न हो कि जिस रीति से जो जाति तुम से पहिले उस देश में रहती थी उसको उसने उगल दिया, उसी रीति जब तुम उसको अशुद्ध करो, तो वह तुम को भी उगल दे।
Cross references
- Leviticus 18:5 लैव्यव्यवस्था 18:5इसलिये तुम मेरे नियमों और मेरी विधियों को निरन्तर मानना; जो मनुष्य उन को माने वह उनके कारण जीवित रहेगा। मैं यहोवा हूं।
- John 14:21–23 यूहन्ना 14:21–23जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा। उस यहूदा ने जो इस्करियोती न था, उस से कहा, हे प्रभु, क्या हुआ की तू अपने आप को हम पर प्रगट किया चाहता है, और संसार पर नहीं। यीशु ने उस को उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
- Deuteronomy 4:1–2 व्यवस्थाविवरण 4:1–2अब, हे इस्राएल, जो जो विधि और नियम मैं तुम्हें सिखाना चाहता हूं उन्हें सुन लो, और उन पर चलो; जिस से तुम जीवित रहो, और जो देश तुम्हारे पितरों का परमेश्वर यहोवा तुम्हें देता है उस में जाकर उसके अधिकारी हो जाओ। जो आज्ञा मैं तुम को सुनाता हूं उस में न तो कुछ बढ़ाना, और न कुछ घटाना; तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की जो जो आज्ञा मैं तुम्हें सुनाता हूं उन्हें तुम मानना।
- Psalm 105:44–45 भजन संहिता 105:44–45और उनको अन्यजातियों के देश दिए; और वे और लोगों के श्रम के फल के अधिकारी किए गए, कि वे उसकी विधियों को मानें, और उसकी व्यवस्था को पूरी करें। याह की स्तुति करो!
- Deuteronomy 12:32 व्यवस्थाविवरण 12:32जितनी बातों की मैं तुम को आज्ञा देता हूं उनको चौकस होकर माना करना; और न तो कुछ उन में बढ़ाना और न उन में से कुछ घटाना।।
- John 14:15 यूहन्ना 14:15यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।
- Luke 11:28 लूका 11:28उस ने कहा, हां; परन्तु धन्य वे हैं, जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं।।
- Luke 8:15 लूका 8:15पर अच्छी भूमि में के वे हैं, जो वचन सुनकर भले और उत्तम मन में सम्भाले रहते हैं, और धीरज से फल लाते हैं॥
- Leviticus 17:8 लैव्यव्यवस्था 17:8और तू उन से कह, कि इस्त्राएल के घराने के लोगों में से वा उनके बीच रहनेहारे परदेशियों में से कोई मनुष्य क्यों न हो जो होमबलि वा मेलबलि चढ़ाए,
- John 15:14 यूहन्ना 15:14जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्रा हो।
- Leviticus 17:10 लैव्यव्यवस्था 17:10फिर इस्त्राएल के घराने के लोगों में से वा उनके बीच रहनेवाले परदेशियों में से कोई मनुष्य क्यों न हो जो किसी प्रकार का लोहू खाए, मैं उस लोहू खानेवाले के विमुख होकर उसको उसके लोगों के बीच में से नाश कर डालूंगा।
- Deuteronomy 4:40 व्यवस्थाविवरण 4:40और तू उसकी विधियों और आज्ञाओं को जो मैं आज तुझे सुनाता हूं मानना, इसलिये कि तेरा और तेरे पीछे तेरे वंश का भी भला हो, और जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तेरे दिन बहुत वरन सदा के लिये हों।