Leviticus · chapter 21 · verse 12
Leviticus 21:12 in Hindi
और वह पवित्रास्थान से बाहर भी न निकले, और न अपने परमेश्वर के पवित्रास्थान को अपवित्रा ठहराए; क्योंकि वह अपने परमेश्वर के अभिषेक का तेलरूपी मुकुट धारण किए हुए है; मैं यहोवा हूं।
Aur vah pavitraasthaan se baahar bhee na nikale, aur na apane parameshvar ke pavitraasthaan ko apavitraa thaharaae; kyonki vah apane parameshvar ke abhishek kaa telaroopee mukut dhaaran kie hue hai; maim yahovaa hoon.
Leviticus 21:12 in English
- King James Version (KJV)
- Neither shall he go out of the sanctuary, nor profane the sanctuary of his God; for the crown of the anointing oil of his God [is] upon him: I [am] the LORD.
- World English Bible (WEB)
- He shall not go out of the sanctuary, nor profane the sanctuary of his God; for the crown of the anointing oil of his God is upon him. I am the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- neither shall he go out of the sanctuary, nor profane the sanctuary of his God; for the crown of the anointing oil of his God is upon him: I am Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- He may not go out of the holy place or make the holy place of his God common; for the crown of the holy oil of his God is on him: I am the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- neither shall he go out of the sanctuary, nor profane the sanctuary of his God; for the consecration of the anointing oil of his God is upon him: I am Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Neither shall he go out of the sanctuary, nor profane the sanctuary of his God; for the crown of the anointing oil of his God [is] upon him: I [am] the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- nor from the sanctuary doth he go out, nor doth he pollute the sanctuary of his God, for the separation of the anointing oil of his God [is] on him; I [am] Jehovah.
Read in context
- 10और जो अपने भाइयों में महायाजक हो, जिसके सिर पर अभिषेक का तेल डाला गया हो, और जिसका पवित्रा वस्त्रों को पहिनने के लिये संस्कार हुआ हो, वह अपने सिर के बाल बिखरने न दे, और अपने वस्त्रा फाड़े;
- 11और न वह किसी लोथ के पास जाए, और न अपने पिता वा माता के कारण अपने को अशुद्ध करे;
- 12और वह पवित्रास्थान से बाहर भी न निकले, और न अपने परमेश्वर के पवित्रास्थान को अपवित्रा ठहराए; क्योंकि वह अपने परमेश्वर के अभिषेक का तेलरूपी मुकुट धारण किए हुए है; मैं यहोवा हूं।
- 13और वह कुंवारी ही स्त्री को ब्याहे।
- 14जो विधवा, वा त्यागी हुई, वा भ्रष्ट, वा वेश्या हो, ऐसी किसी को वह न ब्याहे, वह अपने ही लोगों के बीच में की किसी कुंवारी कन्या को ब्याहे;
Cross references
- Leviticus 10:7 लैव्यव्यवस्था 10:7और तुम लोग मिलापवाले तम्बू के द्वार के बाहर न जाना, ऐसा न हो कि तुम मर जाओ; क्योंकि यहोवा के अभिषेक का तेल तुम पर लगा हुआ है। मूसा के इस वचन के अनुसार उन्हों ने किया।।
- Exodus 29:6–7 निर्गमन 29:6–7और उसके सिर पर पगड़ी को रखना, और पगड़ी पर पवित्रा मुकुट को रखना। तब अभिषेक का तेल ले उसके सिर पर डालकर उसका अभिषेक करना।
- Exodus 28:36 निर्गमन 28:36फिर चोखे सोने का एक टीका बनवाना, और जैसे छापे में वैसे ही उस में ये अक्षर खोदें जाएं, अर्थात् यहोवा के लिये पवित्रा।
- Leviticus 8:9–12 लैव्यव्यवस्था 8:9–12तब उस ने उसके सिर पर पगड़ी बान्धकर पगड़ी के साम्हने पर सोने के टीके को, अर्थात् पवित्रा मुकुट को लगाया, जिस प्रकार यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी। तब मूसा ने अभिषेक का तेल लेकर निवास का और जो कुछ उस में था उन सब को भी अभिषेक करके उन्हें पवित्रा किया। और उस तेल में से कुछ उस ने वेदी पर सात बार छिड़का, और कुल सामान समेत वेदी का और पाए समेत हौदी का अभिषेक करके उन्हें पवित्रा किया। और उस ने अभिषेक के तेल में से कुछ हारून के सिर पर डालकर उसका अभिषेक करके उसे पवित्रा किया।
- Leviticus 8:30 लैव्यव्यवस्था 8:30और मूसा ने अभिषेक के तेल ओर वेदी पर के लोहू, दोनों में से कुछ लेकर हारून और उसके वस्त्रों पर, और उसके पुत्रों और उनके वस्त्रों पर भी छिड़का; और उस ने वस्त्रों समेत हारून को ओर वस्त्रों समेत उसके पुत्रों को भी पवित्रा किया।
- Acts 10:38 प्रेरितों के काम 10:38कि परमेश्वर ने किस रीति से यीशु नासरी को पवित्र आत्मा और सामर्थ से अभिषेक किया: वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा; क्योंकि परमेश्वर उसके साथ था।
- Isaiah 61:1 यशायाह 61:1प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्राता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं;