Leviticus · chapter 22 · verse 2
Leviticus 22:2 in Hindi
हारून और उसके पुत्रों से कह, कि इस्त्राएलियों की पवित्रा की हुई वस्तुओं से जिनको वे मेरे लिये पवित्रा करते हैं न्यारे रहें, और मेरे पवित्रा नाम को अपवित्रा न करें, मैं यहोवा हूं।
Haaroon aur usake putrom se kah, ki istraaeliyom kee pavitraa kee huee vastuom se jinako ve mere liye pavitraa karate haim nyaare rahem, aur mere pavitraa naam ko apavitraa na karem, maim yahovaa hoon.
Leviticus 22:2 in English
- King James Version (KJV)
- Speak unto Aaron and to his sons, that they separate themselves from the holy things of the children of Israel, and that they profane not my holy name [in those things] which they hallow unto me: I [am] the LORD.
- World English Bible (WEB)
- “Tell Aaron and his sons to separate themselves from the holy things of the children of Israel, which they make holy to me, and that they not profane my holy name. I am the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- Speak unto Aaron and to his sons, that they separate themselves from the holy things of the children of Israel, which they hallow unto me, and that they profane not my holy name: I am Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give orders to Aaron and to his sons to keep themselves separate from the holy things of the children of Israel which they give to me, and not to make my holy name common: I am the Lord,
- Darby Translation (DBY)
- Speak unto Aaron, and to his sons, that they separate themselves from the holy things of the children of Israel, and that they profane not my holy name in the things that they hallow unto me: I am Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Speak to Aaron and to his sons, that they separate themselves from the holy things of the children of Israel, and that they profane not my holy name [in those things] which they hallow to me: I [am] the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Speak unto Aaron, and unto his sons, and they are separated from the holy things of the sons of Israel, and they pollute not My holy name in what they are hallowing to Me; I [am] Jehovah.
Read in context
- 1फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- 2हारून और उसके पुत्रों से कह, कि इस्त्राएलियों की पवित्रा की हुई वस्तुओं से जिनको वे मेरे लिये पवित्रा करते हैं न्यारे रहें, और मेरे पवित्रा नाम को अपवित्रा न करें, मैं यहोवा हूं।
- 3और उन से कह, कि तुम्हारी पीढ़ी- पीढ़ी में तुम्हारे सारे वंश में से जो कोई अपनी अशुद्धता की दशा में उन पवित्रा की हुई वस्तुओं के पास जाए, जिन्हें इस्त्राएली यहोवा के लिये पवित्रा करते हैं, वह प्राणी मेरे साम्हने से नाश किया जाएगा; मैं यहोवा हूं।
- 4हारून के वंश में से कोई क्यों न हो जो कोढ़ी हो, वा उसके प्रमेह हो, वह मनुष्य जब तक शुद्ध न हो जाए तब तक पवित्रा की हुई वस्तुओं में से कुछ न खाए। और जो लोथ के कारण अशुद्ध हुआ हो, वा वीरर्य स्खलित हुआ हो, ऐसे मनुष्य को जो कोई छूए,
Cross references
- Leviticus 18:21 लैव्यव्यवस्था 18:21और अपने सन्तान में से किसी को मोलेक के लिये होम करके न चढ़ाना, और न अपने परमेश्वर के नाम को अपवित्र ठहराना; मैं यहोवा हूं।
- Deuteronomy 15:19 व्यवस्थाविवरण 15:19तेरी गायों और भेड़- बकरियों के जितने पहिलौठे नर हों उन सभों को अपने परमेश्वर यहोवा के लिये पवित्रा रखना; अपनी गायों के पहिलौठों से कोई काम न लेना, और न अपनी भेड़- बकरियों के पहिलौठों का ऊन कतरना।
- Exodus 13:12 निर्गमन 13:12तब तुम में से जितने अपनी अपनी मां के जेठे हों उनको, और तुम्हारे पशुओं में जो ऐसे हों उनको भी यहोवा के लिये अर्पण करना; सब नर बच्चे तो यहोवा के हैं।
- Leviticus 22:32 लैव्यव्यवस्था 22:32और मेरे पवित्रा नाम को अपवित्रा न ठहराना, क्योंकि मैं इस्त्राएलियों के बीच अवश्य ही पवित्रा माना जाऊंगा; मैं तुम्हारा पवित्रा करनेवाला यहोवा हूं।
- Exodus 28:38 निर्गमन 28:38और हारून के माथे पर रहे, इसलिये कि इस्त्राएली जो कुछ पवित्रा ठहराएं, अर्थात् जितनी पवित्रा वस्तुएं भेंट में चढ़ावें उन पवित्रा वस्तुओं का दोष हारून उठाए रहे, और वह नित्य उसके माथे पर रहे, जिस से यहोवा उन से प्रसन्न रहे।।
- Numbers 18:32 गिनती 18:32और जब तुम उसका उत्तम से उत्तम भाग उठाकर दो तब उसके कारण तुम को पाप न लगेगा। परन्तु इस्त्राएलियों की पवित्रा की हुई वस्तुओं को अपवित्रा न करना, ऐसा न हो कि तुम मर जाओ।।
- Leviticus 19:12 लैव्यव्यवस्था 19:12तुम मेरे नाम की झूठी शपथ खाके अपने परमेश्वर का नाम अपवित्रा न ठहराना; मैं यहोवा हूं।
- Leviticus 15:31 लैव्यव्यवस्था 15:31इस प्रकार से तुम इस्त्राएलियों को उनकी अशुद्धता से न्यारे रखा करो, कहीं ऐसा न हो कि वे यहोवा के निवास को जो उनके बीच में है अशुद्ध करके अपनी अशुद्धता में फंसे हुए मर जाएं।।
- Numbers 6:3–8 गिनती 6:3–8तब वह दाखमधु आदि मदिरा से न्यारा रहे; वह न दाखमधु का, न और मदिरा का सिरका पीए, और न दाख का कुछ रस भी पीए, वरन दाख न खाए, चाहे हरी हो चाहे सूखी। जितने दिन यह न्यारा रहे उतने दिन तक वह बीज से ले छिलके तक, जो कुछ दाखलता से उत्पन्न होता है, उस में से कुछ न खाए। फिर जितने दिन उस ने न्यारे रहने की मन्नत मानी हो उतने दिन तक वह अपने सिर पर छुरा न फिराए; और जब तक वे दिन पूरे न हों जिन में वह यहोवा के लिये न्यारा रहे तब तक वह पवित्रा ठहरेगा, और अपने सिर के बालों को बढ़ाए रहे। जितने दिन वह यहोवा के लिये न्यारा रहे उतने दिन तक किसी लोथ के पास न जाए। चाहे उसका पिता, वा माता, वा भाई, वा बहिन भी मरे, तौभी वह उनके कारण अशुद्ध न हो; क्योंकि अपने परमेश्वर के लिये न्यारा रहने का चिन्ह उसके सिर पर होगा। अपने न्यारे रहने के सारे दिनों में वह यहोवा के लिये पवित्रा ठहरा रहे।
- Leviticus 20:3 लैव्यव्यवस्था 20:3और मैं भी उस मनुष्य के विरूद्ध होकर उसको उसके लोगों में से इस कारण नाश करूंगा, कि उस ने अपनी सन्तान मोलेक को देकर मेरे पवित्रास्थान को अशुद्ध किया, और मेरे पवित्रा नाम को अपवित्रा ठहराया।
- Leviticus 21:6 लैव्यव्यवस्था 21:6वे अपने परमेश्वर के लिये पवित्रा बने रहें, और अपने परमेश्वर का नाम अपवित्रा न करें; क्योंकि वे यहोवा के हव्य को जो उनके परमेश्वर का भोजन है चढ़ाया करते हैं; इस कारण वे पवित्रा बने रहें।
- Leviticus 22:3–6 लैव्यव्यवस्था 22:3–6और उन से कह, कि तुम्हारी पीढ़ी- पीढ़ी में तुम्हारे सारे वंश में से जो कोई अपनी अशुद्धता की दशा में उन पवित्रा की हुई वस्तुओं के पास जाए, जिन्हें इस्त्राएली यहोवा के लिये पवित्रा करते हैं, वह प्राणी मेरे साम्हने से नाश किया जाएगा; मैं यहोवा हूं। हारून के वंश में से कोई क्यों न हो जो कोढ़ी हो, वा उसके प्रमेह हो, वह मनुष्य जब तक शुद्ध न हो जाए तब तक पवित्रा की हुई वस्तुओं में से कुछ न खाए। और जो लोथ के कारण अशुद्ध हुआ हो, वा वीरर्य स्खलित हुआ हो, ऐसे मनुष्य को जो कोई छूए, और जो कोई किसी ऐसे रेंगनेहारे जन्तु को छूए जिस से लोग अशुद्ध हो सकते हैं, वा किसी ऐसे मनुष्य को छूए जिस में किसी प्रकार की अशुद्धता हो जो उसको भी लग सकती है। तो वह प्राणी जो इन में से किसी को छूए सांझ तक अशुद्ध ठहरा रहे, और जब तक जल से स्नान न कर ले तब तक पवित्रा वस्तुओं में से कुछ न खाए।