Numbers · chapter 6 · verse 3
Numbers 6:3 in Hindi
तब वह दाखमधु आदि मदिरा से न्यारा रहे; वह न दाखमधु का, न और मदिरा का सिरका पीए, और न दाख का कुछ रस भी पीए, वरन दाख न खाए, चाहे हरी हो चाहे सूखी।
Tab vah daakhamadhu aadi madiraa se nyaaraa rahe; vah na daakhamadhu kaa, na aur madiraa kaa sirakaa peee, aur na daakh kaa kuchh ras bhee peee, varan daakh na khaae, chaahe haree ho chaahe sookhee.
Numbers 6:3 in English
- King James Version (KJV)
- He shall separate [himself] from wine and strong drink, and shall drink no vinegar of wine, or vinegar of strong drink, neither shall he drink any liquor of grapes, nor eat moist grapes, or dried.
- World English Bible (WEB)
- he shall separate himself from wine and strong drink. He shall drink no vinegar of wine, or vinegar of fermented drink, neither shall he drink any juice of grapes, nor eat fresh grapes or dried.
- American Standard Version (ASV)
- he shall separate himself from wine and strong drink; he shall drink no vinegar of wine, or vinegar of strong drink, neither shall he drink any juice of grapes, nor eat fresh grapes or dried.
- Bible in Basic English (BBE)
- He is to keep himself from wine and strong drink, and take no mixed wine or strong drink or any drink made from grapes, or any grapes, green or dry.
- Darby Translation (DBY)
- he shall separate himself from wine and strong drink: he shall drink no vinegar of wine, nor vinegar of strong drink, neither shall he drink any liquor of grapes, nor eat grapes, fresh or dried.
- Webster's Bible (WBS)
- He shall separate [himself] from wine and strong drink, and shall drink no vinegar of wine, or vinegar of strong drink, neither shall he drink any liquor of grapes, nor eat moist grapes, or dried.
- Young's Literal Translation (YLT)
- from wine and strong drink he doth keep separate; vinegar of wine, and vinegar of strong drink he doth not drink, and any juice of grapes he doth not drink, and grapes moist or dry he doth not eat;
Read in context
- 1फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- 2इस्त्राएलियों से कह, कि जब कोई पुरूष वा स्त्री नाज़ीर की मन्नत, अर्थात् अपने को यहोवा के लिये न्यारा करने की विशेष मन्नत माने,
- 3तब वह दाखमधु आदि मदिरा से न्यारा रहे; वह न दाखमधु का, न और मदिरा का सिरका पीए, और न दाख का कुछ रस भी पीए, वरन दाख न खाए, चाहे हरी हो चाहे सूखी।
- 4जितने दिन यह न्यारा रहे उतने दिन तक वह बीज से ले छिलके तक, जो कुछ दाखलता से उत्पन्न होता है, उस में से कुछ न खाए।
- 5फिर जितने दिन उस ने न्यारे रहने की मन्नत मानी हो उतने दिन तक वह अपने सिर पर छुरा न फिराए; और जब तक वे दिन पूरे न हों जिन में वह यहोवा के लिये न्यारा रहे तब तक वह पवित्रा ठहरेगा, और अपने सिर के बालों को बढ़ाए रहे।
Cross references
- Luke 1:15 लूका 1:15क्योंकि वह प्रभु के साम्हने महान होगा; और दाखरस और मदिरा कभी न पिएगा; और अपनी माता के गर्भ ही से पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण हो जाएगा।
- 1 Timothy 5:23 1 तीमुथियुस 5:23भविष्य में केवल जल ही का पीनेवाला न रह, पर अपने पेट के और अपने बार बार बीमार होने के कारण थोड़ा थोड़ा दाखरस भी काम में लाया कर।
- Leviticus 10:9 लैव्यव्यवस्था 10:9कि जब जब तू वा तेरे पुत्रा मिलापवाले तम्बू में आएं तब तब तुम में से कोई न तो दाखमधु पिए हो न और किसी प्रकार का मद्य, कहीं ऐसा न हो कि तुम मर जाओ; तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में यह विधि प्रचलित रहे,
- Ephesians 5:18 इफिसियों 5:18और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपर होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।
- Judges 13:14 न्यायियों 13:14यह कोई वस्तु जो दाखलता से उत्पन्न होती है न खाए, और न दाखमधु वा और किसी भंाति की मदिरा पीए, और न कोई अशुद्ध वस्तु खाए; जो जो आज्ञा मैं ने इसको दी थी उसी को माने।
- Amos 2:12 आमोस 2:12परन्तु तुम ने नाजीरों को दाखमधु पिलाया, और नबियों को आज्ञा दी कि भविष्यद्ववाणी न करें।।
- Proverbs 31:4–5 नीतिवचन 31:4–5हे लमूएल, राजाओं का दाखमघु पीना उनको शोभा नहीं देता, और मदिरा चाहना, रईयों को नहीं फबता; ऐसा न हो कि वे पीकर व्यवस्था को भूल जाएं और किसी दु:खी के हक को मारें।
- Luke 21:34 लूका 21:34इसलिये सावधान रहो, ऐसा न हो कि तुम्हारे मन खुमार और मतवालेपन, और इस जीवन की चिन्ताओं से सुस्त हो जाएं, और वह दिन तुम पर फन्दे की नाई अचानक आ पड़े।
- 1 Thessalonians 5:22 1 थिस्सलुनीकियों 5:22सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।।
- Jeremiah 35:6–8 यिर्मयाह 35:6–8उन्हों ने कहा, हम दाखमधु न पीएंगे क्योंकि रेकाब के पुत्रा योनादाब ने जो हमारा पुरखा था हम को यह आज्ञा दी थी कि तुम कभी दाखमधु न पीना; न तुम, न तुम्हारे पुत्रा। न घर बनाना, न बीज बोना, न दाख की बारी लगाना, और न उनके अधिकारी होना; परन्तु जीवन भर तम्बुओं ही में रहना जिस से जिस देश में तुम परदेशी हो, उस में बहुत दिन तक जीते रहो। इसलिये हम रेकाब के पुत्रा अपने पुरखा योनादाब की बात मानकर, उसकी सारी आज्ञाओं के अनुसार चलते हैं, न हम और न हमारी स्त्रियां वा पुत्रा- पुत्रियां कभी दाख मधु पीती हैं,
- Luke 7:33–34 लूका 7:33–34क्योंकि यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला ने रोटी खाता आया, न दाखरस पीता आया, और तुम कहते हो, उस में दुष्टात्मा है। मनुष्य का पुत्रा खाता- पीता आया है; और तुम कहते हो, देखो, पेटू और पियक्कड़ मनुष्य, चुंगी लेनेवालों का और पापियों का मित्रा।
Original words (Hebrew)
- separate · H5144נָזַר nâzar
- wine · H3196יַיִן yayin
- drink · H7941שֵׁכָר shêkâr
- drink · H8354שָׁתָה shâthâh
- vinegar · H2558חֹמֶץ chômets
- wine · H3196יַיִן yayin
- vinegar · H2558חֹמֶץ chômets
- drink · H7941שֵׁכָר shêkâr
- drink · H8354שָׁתָה shâthâh
- liquor · H4952מִשְׁרָה mishrâh
- grapes · H6025עֵנָב ʻênâb
- eat · H398אָכַל ʼâkal
- moist · H3892לַח lach
- grapes · H6025עֵנָב ʻênâb
- dried · H3002יָבֵשׁ yâbêsh