Luke · chapter 11 · verse 4
Luke 11:4 in Hindi
और हमारे पापों को क्षमा कर, क्योंकि हम भी अपने हर एक अपराधी को क्षमा करते हैं, और हमें परीक्षा में न ला।।
Aur hamaare paapom ko kshamaa kar, kyonki ham bhee apane har ek aparaadhee ko kshamaa karate haim, aur hamem pareekshaa mem na laa..
Luke 11:4 in English
- King James Version (KJV)
- And forgive us our sins; for we also forgive every one that is indebted to us. And lead us not into temptation; but deliver us from evil.
- World English Bible (WEB)
- Forgive us our sins, for we ourselves also forgive everyone who is indebted to us. Bring us not into temptation, but deliver us from the evil one.’”
- American Standard Version (ASV)
- And forgive us our sins; for we ourselves also forgive every one that is indebted to us. And bring us not into temptation.
- Bible in Basic English (BBE)
- May we have forgiveness for our sins, as we make free all those who are in debt to us. And let us not be put to the test.
- Darby Translation (DBY)
- and remit us our sins, for we also remit to every one indebted to us; and lead us not into temptation.
- Webster's Bible (WBS)
- And forgive us our sins; for we also forgive every one that is indebted to us. And lead us not into temptation; but deliver us from evil.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and forgive us our sins, for also we ourselves forgive every one indebted to us; and mayest Thou not bring us into temptation; but do Thou deliver us from the evil.'
Read in context
- 2उस ने उन से कहा; जब तुम प्रार्थना करो, तो कहो; हे पिता, तेरा नाम पवित्रा माना जाए, तेरा राज्य आए।
- 3हमारी दिन भर की रोटी हर दिन हमें दिया कर।
- 4और हमारे पापों को क्षमा कर, क्योंकि हम भी अपने हर एक अपराधी को क्षमा करते हैं, और हमें परीक्षा में न ला।।
- 5और उस ने उन से कहा, तुम में से कौन है कि उसका एक मित्रा हो, और वह आधी रात को उसके पास आकर उस से कहे, कि हे मित्रा; मुझे तीन रोटियां दे।
- 6क्योंकि एक यात्री मित्रा मेरे पास आया है, और उसके आगे रखने के लिये मेरे पास कुछ नहीं है।
Cross references
- Matthew 6:12–15 मत्ती 6:12–15और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर। और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही है।" आमीन। इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा।।
- Matthew 26:41 मत्ती 26:41जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है।
- Isaiah 43:25–26 यशायाह 43:25–26मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा। मुझे स्मरण करो, हम आपस में विवाद करें; तू अपनी बात का वर्णन कर जिस से तू निर्दोष ठहरे।
- Matthew 18:35 मत्ती 18:35इसी प्रकार यदि तुम में से हर एक अपने भाई को मन से क्षमा न करेगा, तो मेरा पिता जो स्वर्ग में है, तुम से भी वैसा ही करेगा।।
- Colossians 3:13 कुलुस्सियों 3:13और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
- 2 Thessalonians 3:3 2 थिस्सलुनीकियों 3:3परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्ट से सुरक्षित रखेगा।
- 2 Timothy 4:18 2 तीमुथियुस 4:18और प्रभु मुझे हर एक बुरे काम से छुड़ाएगा, और अपने स्वर्गीय राज्य में उद्धार करके पहुंचाएगा: उसी की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- James 2:13 याकूब 2:13क्योंकि जिस ने दया नहीं की, उसका न्याय बिना दया के होगा: दया न्याय पर जयवन्त होती है।।
- 2 Corinthians 12:7–8 2 कुरिन्थियों 12:7–8और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात् शैतान का एक दूत कि मुझे घूसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं। इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए।
- Luke 22:46 लूका 22:46उठो, प्रार्थना करो, कि परीक्षा में न पड़ो।।
- Ephesians 4:31–32 इफिसियों 4:31–32सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- Revelation 2:10 प्रकाशितवाक्य 2:10जो दु:ख तुझ को झेलने होंगे, उन से मत डर: क्योंकि देखो, शैतान तुम में से कितनों को जेलखाने में डालने पर है ताकि तुम परखे जाओ; और तुम्हें दस दिन तक क्लेश उठाना होगा: प्राण देने तक विश्वासी रह; तो मैं तुझे जीवन का मुकुट दूंगा।