Luke · chapter 12 · verse 11
Luke 12:11 in Hindi
जब लोग तुम्हें सभाओं और हाकिमों और अधिकारियों के साम्हने ले जाएं, तो चिन्ता न करना कि हम किस रीति से या क्या उत्तर दें, या क्या कहें।
Jab log tumhem sabhaaom aur haakimom aur adhikaariyom ke saamhane le jaaem, to chintaa na karanaa ki ham kis reeti se yaa kyaa uttar dem, yaa kyaa kahen.
Luke 12:11 in English
- King James Version (KJV)
- And when they bring you unto the synagogues, and [unto] magistrates, and powers, take ye no thought how or what thing ye shall answer, or what ye shall say:
- World English Bible (WEB)
- When they bring you before the synagogues, the rulers, and the authorities, don’t be anxious how or what you will answer or what you will say;
- American Standard Version (ASV)
- And when they bring you before the synagogues, and the rulers, and the authorities, be not anxious how or what ye shall answer, or what ye shall say:
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they take you before the Synagogues and the authorities and the rulers, take no thought about what answers you will give, or what you will say:
- Darby Translation (DBY)
- But when they bring you before the synagogues and rulers and the authorities, be not careful how or what ye shall answer, or what ye shall say;
- Webster's Bible (WBS)
- And when they bring you to the synagogues, and [before] magistrates, and powers, be not solicitous how or what thing ye shall answer, or what ye shall say:
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And when they bring you before the synagogues, and the rulers, and the authorities, be not anxious how or what ye may reply, or what ye may say,
Read in context
- 9परन्तु जो मनुष्यों के साम्हने मुझे इन्कार करे उसका परमेश्वर के स्वर्गदूतों के साम्हने इन्कार किया जाएगा।
- 10जो कोई मनुष्य के पुत्रा के विरोध में कोई बात कहे, उसका वह अपराध क्षमा किया जाएगा।
- 11जब लोग तुम्हें सभाओं और हाकिमों और अधिकारियों के साम्हने ले जाएं, तो चिन्ता न करना कि हम किस रीति से या क्या उत्तर दें, या क्या कहें।
- 12क्योंकि पवित्रा आत्मा उसी घड़ी तुम्हें सिखा देगा, कि क्या कहना चाहिए।।
- 13फिर भीड़ में से एक ने उस से कहा, हे गुरू, मेरे भाई से कह, कि पिता की संपत्ति मुझे बांट दे।
Cross references
- Matthew 10:17–20 मत्ती 10:17–20परन्तु लोगों से सावधान रहो, क्योंकि वे तुम्हें महासभाओं में सौपेंगे, और अपनी पंचायत में तुम्हें कोड़े मारेंगे। तुम मेरे लिये हाकिमों ओर राजाओं के साम्हने उन पर, और अन्यजातियों पर गवाह होने के लिये पहुंचाए जाओगे। जब वे तुम्हें पकड़वाएंगे तो यह चिन्ता न करता, कि हम किस रीति से; या क्या कहेंगे: क्योंकि जो कुछ तुम को कहना होगा, वह उसी घड़ी तुम्हें बता दिया जाएगा। क्योंकि बोलनेवाले तुम नहीं हो परन्तु तुम्हारे पिता का आत्मा तुम में बोलता है।
- Acts 4:5–7 प्रेरितों के काम 4:5–7दूसरे दिन ऐसा हुआ कि उन के सरदार और पुरनिये और शास्त्री। और महायाजक हन्ना और कैफा और यूहन्ना और सिकन्दर और जितने महायाजक के घराने के थे, सब यरूशलेम में इकट्ठे हुए। और उन्हें बीच में खड़ा करके पूछने लगे, कि तुम ने यह काम किस सामर्थ से और किस नाम से किया है?
- Luke 21:12–14 लूका 21:12–14परन्तु इन सब बातों से पहिले वे मेरे नाम के कारण तुम्हें पकडें़गे, और सताएंगे, और पंचायतों में सौपेंगे, और बन्दीगृह मे डलवाएंगे, और राजाओं और हाकिमों के साम्हने ले जाएंगे। पर यह तुम्हारे लिये गवाही देने का अवसर हो जाएगा। इसलिये अपने अपने मन में ठान रखो कि हम पहिले से उत्तर देने की चिन्ता न करेंगे।
- Luke 12:22 लूका 12:22फिर उस ने अपने चेलों से कहा; इसलिये मैं तुम से कहता हूं, अपने प्राण की चिन्ता न करो, कि हम क्या खाएंगे; न अपने शरीर की कि क्या पहिनेंगे।
- Matthew 23:34 मत्ती 23:34इसलिये देखो, मैं तुम्हारे पास भविष्यद्वक्ताओं और बुद्धिमानों और शास्त्रियों को भेजता हूं; और तुम उन में से कितनों को मार डालोगे, और क्रूस पर चढ़ाओगे; और कितनों को अपनी सभाओं में कोड़े मारोगे, और एक नगर से दूसरे नगर में खदेड़ते फिरोगे।
- Mark 13:9–11 मरकुस 13:9–11परन्तु तुम अपने विषय में चौकस रहो; क्योंकि लोग तुम्हें महासभाओं में सौंपेंगे और तुम पंचायतों में पीटे जाओगे; और मेरे कारण हाकिमों और राजाओं के आगे खड़े किए जाओगे, ताकि उन के लिये गवाही हो। पर अवश्य है कि पहिले सुसमाचार सब जातियों में प्रचार किया जाए। जब वे तुम्हें ले जाकर सौंपेंगे, तो पहिले से चिन्ता न करना, कि हम क्या कहेंगे; पर जो कुछ तुम्हें उसी घड़ी बताया जाए, वही कहना; क्योंकि बोलनेवाले तुम नहीं हो, परन्तु पवित्रा आत्मा है।
- Acts 6:9–15 प्रेरितों के काम 6:9–15तब उस अराधनालय में से जो लिबरतीनों की कहलाती थी, और कुरेनी और सिकन्दरिया और किलकिया और एशीया के लोगों में से कई एक उठकर स्तिफनुस से वाद- विवाद करने लगे। परन्तु उस ज्ञान और उन आत्मा का जिस से वह बातें करता था, वे साम्हना न कर सके। इस पर उन्हो ने कई लोगों को उभारा जो कहने लगे, कि हम ने इस मूसा और परमेश्वर के विरोध में निन्दा की बातें कहते सुना है। और लोगों और प्राचीनों और शास्त्रियों को भड़काकर चढ़ आए और उसे पकड़कर महासभा में ले आए। और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता। क्योंकि हम ने उसे यह कहते सुना है, कि यही यीशु नासरी इस जगह को ढ़ा देगा, और उन रीतों को बदल डालेगा जो मूसा ने हमें सौंपी हैं। तब सब लोगों ने जो सभा में बैठे थे, उस की ओर ताककर उसका मुखड़ा स्वर्गदूत का सा देखा।।
- Acts 5:27–32 प्रेरितों के काम 5:27–32उन्हों ने उन्हें फिर लाकर महासभा के साम्हने खड़ा कर दिश: और महायाजक ने उन से पूछा। क्या हम ने तुम्हें चिताकर आज्ञा न दी थी, कि तुम इस नाम से उपदेश न करना? तौभी देखो, तुम ने सारे यरूशलेम को अपने उपदेश से भर दिया है और उस व्यक्ति का लोहू हमारी गर्दन पर लाना चाहते हो। तक पतरस और, और प्रेरितों ने उत्तर दिया, कि मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही कर्तव्य कर्म है। हमारे बापदादों के परमेश्वर ने यीशु को जिलाया, जिसे तुम ने क्रूस पर लटकाकर मार डाला था। उसी को परमेश्वर ने प्रभु और उद्धारक ठहराकर, अपने दहिने हाथ से सर्वोच्च कर दिया, कि वह इस्त्राएलियों को मन फिराव की शक्ति और पापों की क्षमा प्रदान करे। और हम इन बातों के गवाह हैं, और पवित्रा आत्मा भी, जिसे परमेश्वर ने उन्हें दिया है, जो उस की आज्ञा मानते हैं।।