Luke · chapter 19 · verse 23
Luke 19:23 in Hindi
तो तू ने मेरे रूपये कोठी में क्यों नहीं रख दिए, कि मैं आकर ब्याज समेत ले लेता?
To too ne mere roopaye kothee mem kyom naheem rakh die, ki maim aakar byaaj samet le letaa?
Luke 19:23 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore then gavest not thou my money into the bank, that at my coming I might have required mine own with usury?
- World English Bible (WEB)
- Then why didn’t you deposit my money in the bank, and at my coming, I might have earned interest on it?’
- American Standard Version (ASV)
- then wherefore gavest thou not my money into the bank, and I at my coming should have required it with interest?
- Bible in Basic English (BBE)
- Why then did you not put my money in a bank, so that when I came I would get it back with interest?
- Darby Translation (DBY)
- And why didst thou not give my money to [the] bank; and I should have received it, at my coming, with interest?
- Webster's Bible (WBS)
- Why then gavest thou not my money into the bank, that at my coming I might have required my own with interest?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and wherefore didst thou not give my money to the bank, and I, having come, with interest might have received it?
Read in context
- 21क्योंकि मैं तुझ से डरता था, इसलिये कि तू कठोर मनुष्य है: जो तू ने नहीं रखा उसे उठा लेता है, और जो तू ने नहीं बोया, उसे काटता है।
- 22उस ने उस से कहा; हे दुष्ट दास, मैं तेरे ही मुंह से तुझे दोषी ठहराता हूं: तू मुझे जानता था कि कठोर मनुष्य हूं, जो मैं ने नहीं रखा उसे उठा लेता, और जो मैं ने नहीं बोया, उसे काटता हूं।
- 23तो तू ने मेरे रूपये कोठी में क्यों नहीं रख दिए, कि मैं आकर ब्याज समेत ले लेता?
- 24और जो लोग निकट खड़े थे, उस ने उन से कहा, वह मोहर उस से ले लो, और जिस के पास दस मोहरें हैं उसे दे दो।
- 25(उन्हों ने उस से कहा; हे स्वामी, उसके पास दस मोहरें तो हैं)।
Cross references
- Deuteronomy 23:19–20 व्यवस्थाविवरण 23:19–20अपने किसी भाई को ब्याज पर ऋण न देना, चाहे रूपया हो, चाहे भोजन- वस्तु हो, चाहे कोई वस्तु हो जो ब्याज पर दी जाति है, उसे ब्याज न देना। तू परदेशी को ब्याज पर ऋण तो दे, परन्तु अपने किसी भाई से ऐसा न करना, ताकि जिस देश का अधिकारी होने को तू जा रहा है, वहां जिस जिस काम में अपना हाथ लगाए, उन सभों को तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे आशीष दे।।
- Exodus 22:25–27 निर्गमन 22:25–27यदि तू मेरी प्रजा में से किसी दीन को जो तेरे पास रहता हो रूपए का ऋण दे, तो उस से महाजन की नाई ब्याज न लेना। यदि तू कभी अपने भाईबन्धु के वस्त्रा को बन्धक करके रख भी ले, तो सूर्य के अस्त होने तक उसको लौटा देना; क्योंकि वह उसका एक ही ओढ़ना है, उसकी देह का वही अकेला वस्त्रा होगा फिर वह किसे ओढ़कर सोएगा? तोभी जब वह मेरी दोहाई देगा तब मैं उसकी सुनूंगा, क्योंकि मैं तो करूणामय हूं।।
- Romans 2:4–5 रोमियों 2:4–5क्या तू उस की कृपा, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और कया यह नहीं समझता, कि परमेश्वर की कृपा तुझे मन फिराव को सिखाती है? पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित्त क्रोध कमा रहा है।