Malachi · chapter 1 · verse 6
Malachi 1:6 in Hindi
पुत्रा पिता का, और दास स्वामी का आदर करता है। यदि मैं पिता हूं, तो मेरा आदर मानना कहां है? और यदि मैं स्वामी हूं, तो मेरा भय मानना कहां? सेनाओं का यहोवा, तुम याजकों से भी जो मेरे नाम का अपमान करते हो यही बात पूछता है। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने किस बात में तेरे नाम का अपमान किया है? तुम मेरी वेदी पर अशुद्ध भोजन चढ़ाते हो।
Putraa pitaa kaa, aur daas svaamee kaa aadar karataa hai. Yadi maim pitaa hoom, to meraa aadar maananaa kahaam hai? Aur yadi maim svaamee hoom, to meraa bhay maananaa kahaam? Senaaom kaa yahovaa, tum yaajakom se bhee jo mere naam kaa apamaan karate ho yahee baat poochhataa hai. Parantu tum poochhate ho, ham ne kis baat mem tere naam kaa apamaan kiyaa hai? Tum meree vedee par ashuddh bhojan chadhaate ho.
Malachi 1:6 in English
- King James Version (KJV)
- A son honoureth [his] father, and a servant his master: if then I [be] a father, where [is] mine honour? and if I [be] a master, where [is] my fear? saith the LORD of hosts unto you, O priests, that despise my name. And ye say, Wherein have we despised thy name?
- World English Bible (WEB)
- “A son honors his father, and a servant his master. If I am a father, then where is my honor? And if I am a master, where is the respect due me?” says the LORD of Armies to you priests who despise my name. “You say, ‘How have we despised your name?’
- American Standard Version (ASV)
- A son honoreth his father, and a servant his master: if then I am a father, where is mine honor? and if I am a master, where is my fear? saith Jehovah of hosts unto you, O priests, that despise my name. And ye say, Wherein have we despised thy name?
- Bible in Basic English (BBE)
- A son gives honour to his father, and a servant has fear of his master: if then I am a father, where is my honour? and if I am a master, where is the fear of me? says the Lord of armies to you, O priests, who give no value to my name. And you say, How have we not given value to your name?
- Darby Translation (DBY)
- A son honoureth [his] father, and a servant his master: if then I be a father, where is mine honour? and if I be a master, where is my fear? saith Jehovah of hosts unto you, priests, that despise my name. But ye say, Wherein have we despised thy name?
- Webster's Bible (WBS)
- A son honoreth [his] father, and a servant his master: if then I [am] a father, where [is] my honor? and if I [am] a master, where [is] my fear? saith the LORD of hosts to you, O priests, that despise my name. And ye say, In what have we despised thy name?
- Young's Literal Translation (YLT)
- A son honoureth a father, and a servant his master. And if I [am] a father, where [is] Mine honour? And if I [am] a master, where [is] My fear? Said Jehovah of Hosts to you, O priests, despising My name! And ye have said: 'In what have we despised Thy name?'
Read in context
- 4एदोम कहता है, हमारा देश उजड़ गया है, परन्तु हम खण्डहरों को फिरकर बसाएंगे; सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यदि वे बनाए भी, परन्तु मैं ढा दूंगा; उनका नाम दुष्ट जाति पड़ेगा, और वे ऐसे लोग कहलाएंगे जि पर यहोवा सदैव क्रोधित रहे।
- 5तुम्हारी आंखे इसे देखेंगी, और तुम कहोगे, यहोवा का प्रताप इस्राएल के सिवाने की परली ओर भी बढ़ता जाए।।
- 6पुत्रा पिता का, और दास स्वामी का आदर करता है। यदि मैं पिता हूं, तो मेरा आदर मानना कहां है? और यदि मैं स्वामी हूं, तो मेरा भय मानना कहां? सेनाओं का यहोवा, तुम याजकों से भी जो मेरे नाम का अपमान करते हो यही बात पूछता है। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने किस बात में तेरे नाम का अपमान किया है? तुम मेरी वेदी पर अशुद्ध भोजन चढ़ाते हो।
- 7तौभी तुम पूछते हो कि हम किस बात में तुझे अशुद्ध ठहराते हैं? इस बात में भी, कि तुम कहते हो, यहोवा की मेज तुच्छ है।
- 8जब तुम अन्धे पशु को बलि करने के लिये समीप ले आते हो तो क्या यह बुरा नहीं? और जब तुम लंगड़े वा रोगी पशु को ले आते हो, तो क्या यह बुरा नहीं? अपने हाकिम के पास ऐसी भेंट ले आओ; क्या वह तुम से प्रसन्न होगा वा तुम पर अनुग्रह करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।
Cross references
- Luke 6:46 लूका 6:46जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो क्यों मुझे हे प्रभु, हे प्रभु, कहते हो?
- Isaiah 1:2 यशायाह 1:2हे स्वर्ग सुन, और हे पृथ्वी कान लगा; क्योंकि यहोवा कहता है: मैं ने बालबच्चों का पालन पोषण किया, और उनको बढ़ाया भी, परन्तु उन्हों ने मुझ से बलवा किया।
- John 13:13–17 यूहन्ना 13:13–17तुम मुझे गुरू, और प्रभु, कहते हो, और भला कहते हो, क्योंकि मैं वहीं हूं। यदि मैं ने प्रभु और गुरू होकर तुम्हारे पांव धोए; तो तुम्हें भी एक दुसरे के पांव धोना चाहिए। क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो। मैं तुम से सच सच कहता हूं, दास अपने स्वामी से बड़ा नहीं; और न भेजा हुआ अपने भेजनेवाले से। तुम तो ये बातें जानते हो, और यदि उन पर चलो, तो धन्य हो।
- Exodus 20:12 निर्गमन 20:12तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए।।
- 1 Peter 2:17–19 1 पतरस 2:17–19सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।। हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी। क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार करके अन्याय से दुख उठाता हुआ क्लेश सहता है, तो यह सुहावना है।
- 1 Peter 1:17 1 पतरस 1:17और जब कि तुम, हे पिता, कह कर उस से प्रार्थना करते हो, जो बिना पक्षपात हर एक के काम के अनुसार न्याय करता है, तो अपने परदेशी होने का समय भय से बिताओ।
- Hosea 12:8 होशे 12:8एप्रैम कहता है, मैं धनी हो गया, मैं ने सम्पत्ति प्राप्त की है; मेरे किसी काम में ऐसा अधर्म नहीं पाया गया जिस से पाप लगे।
- Malachi 3:13–14 मलाकी 3:13–14यहोवा यह कहता है, तुम ने मेरे विरूद्ध ढिठाई की बातें कही हैं। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने तेरे विरूद्ध में क्या कहा है? तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ?
- Isaiah 64:8 यशायाह 64:8तौभी, हे यहोवा, तू हमार पिता है; देख, हम तो मिट्टी है, और तू हमारा कुम्हार है; हम सब के सब तेरे हाथ के काम हैं।
- Proverbs 30:17 नीतिवचन 30:17जिस आंख से कोई अपने पिता पर अनादर की दृष्टि करे, और अपमान के साथ अपनी माता की आज्ञा न माने, उस आंख को तराई के कौवे खोद खोदकर निकालेंगे, और उकाब के बच्चे खा डालेंगे।।
- Matthew 6:9 मत्ती 6:9सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; "हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में हैं; तेरा नाम पवित्रा माना जाए।
- Titus 2:9–10 तीतुस 2:9–10दासों को समझा, कि अपने अपने स्वामी के आधीन रहें, और सब बातों में उन्हें प्रसन्न रखें, और उलटकर जवाब न दें। चोरी चालाकी न करें; पर सब प्रकार से पूरे विश्वासी निकलें, कि वे सब बातों में हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर के उपदेश की शोभा दें।
Original words (Hebrew)
- son · H1121בֵּן bên
- honoureth · H3513כָּבַד kâbad
- father · H1אָב ʼâb
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed
- master · H113אָדוֹן ʼâdôwn
- father · H1אָב ʼâb
- honour · H3519כָּבוֹד kâbôwd
- master · H113אָדוֹן ʼâdôwn
- fear · H4172מוֹרָא môwrâʼ
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- priests · H3548כֹּהֵן kôhên
- despise · H959בָּזָה bâzâh
- name · H8034שֵׁם shêm
- say · H559אָמַר ʼâmar
- despised · H959בָּזָה bâzâh
- name · H8034שֵׁם shêm