Malachi · chapter 2 · verse 7
Malachi 2:7 in Hindi
क्योंकि याजक को चाहिये कि वह अपने आंठों से ज्ञान की रक्षा करे, और लोग उसके मुंह से व्यवस्था पूछें, क्योंकि वह सेनाओं के यहोवा का दूत है।
Kyonki yaajak ko chaahiye ki vah apane aanthom se jnyaan kee rakshaa kare, aur log usake munh se vyavasthaa poochhem, kyonki vah senaaom ke yahovaa kaa doot hai.
Malachi 2:7 in English
- King James Version (KJV)
- For the priest’s lips should keep knowledge, and they should seek the law at his mouth: for he [is] the messenger of the LORD of hosts.
- World English Bible (WEB)
- For the priest’s lips should keep knowledge, and they should seek the law at his mouth; for he is the messenger of the LORD of Armies.
- American Standard Version (ASV)
- For the priest’s lips should keep knowledge, and they should seek the law at his mouth; for he is the messenger of Jehovah of hosts.
- Bible in Basic English (BBE)
- For it is right for the priest's lips to keep knowledge, and for men to be waiting for the law from his mouth: for he is the servant sent from the Lord of armies.
- Darby Translation (DBY)
- For the priest's lips should keep knowledge, and at his mouth they seek the law; for he is the messenger of Jehovah of hosts.
- Webster's Bible (WBS)
- For the priest's lips should keep knowledge, and they should seek the law at his mouth: for he [is] the messenger of the LORD of hosts.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For the lips of a priest preserve knowledge, And law they do seek from his mouth, For a messenger of Jehovah of Hosts he [is].
Read in context
- 5मेरी जो वाचा उसके साथ बन्धी थी वह जीवन और शान्ति की थी, ओर मैं ने यह इसलिये उसको दिया कि वह भय मानता रहे; और उस ने मेरा भय मान भी लिया और मेरे नाम से अत्यन्त भय खाता था।
- 6उसको मेरी सच्ची व्यवस्था कण्ठ थी, और उसके मुंह से कुटिल बात न निकलती थी। वह शान्ति और सीधाई से मेरे संग संग चलता था, और बहुतों को अधर्म से लौटा ले आया था।
- 7क्योंकि याजक को चाहिये कि वह अपने आंठों से ज्ञान की रक्षा करे, और लोग उसके मुंह से व्यवस्था पूछें, क्योंकि वह सेनाओं के यहोवा का दूत है।
- 8परन्तु तुम लोग धर्म के मार्ग से ही हट गए; तुम बहुतों के लिये व्यवस्था के विषय में ठोकर का कारण हुए; तुम ने लेवी की वाचा को तोड़ दिया है, सेनाओं के यहोवा क यही वचन है।
- 9इसलिये मैं ने भी तुम को सब लोगों के साम्हने तुच्छ और नीचा कर दिया है, क्योंकि तुम मेरे मार्गो पर नहीं चलते, वरन व्यवस्था देने में मुंह देखा विचार करते हौ।।
Cross references
- 2 Timothy 2:24–25 2 तीमुथियुस 2:24–25और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- Leviticus 10:11 लैव्यव्यवस्था 10:11और इस्त्राएलियों को उन सब विधियों को सिखा सको जिसे यहोवा ने मूसा के द्वारा उनको सुनवा दी हैं।।
- Deuteronomy 21:5 व्यवस्थाविवरण 21:5और लेवीय याजक भी निकट आएं, क्योंकि तेरे परमेश्वर यहोवा ने उनको चुन लिया है कि उसकी सेवा टहल करें और उसके नाम से आशीर्वाद दिया करें, और उनके कहने के अनुसार हर एक झगड़े और मारपीट के मुक मे का निर्णय हो।
- 2 Corinthians 5:20 2 कुरिन्थियों 5:20सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
- Acts 16:17 प्रेरितों के काम 16:17वह पौलुस के और हमारे पीछे आकर चिल्लाने लगी कि ये मनुष्य परम प्रधान परमेश्वर के दास हैं, जो हमें उद्धार के मार्ग की कथा सुनाते हैं।
- Ezra 7:10 एज्रा 7:10क्योंकि एज्रा ने यहोवा की व्यवस्था का अर्थ बूझ लेने, और उसके अनुसार चलने, और इस्राएल में विधि और नियम सिखाने के लिये अपना मन लगाया था।
- John 20:21 यूहन्ना 20:21यीशु ने फिर उन से कहा, तुम्हें शान्ति मिले; जैसे पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूं।
- 1 Thessalonians 4:8 1 थिस्सलुनीकियों 4:8इस कारण जो तुच्छ जानता है, वह मनुष्य को नहीं, परन्तु परमेश्वर को तुच्छ जानता है, जो अपना पवित्रा आत्मा तुम्हें देता है।।
- John 13:20 यूहन्ना 13:20मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो मेरे भेजे हुए को ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है, और जो मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है।।
- 2 Chronicles 30:22 2 इतिहास 30:22और जितने लेवीय यहोवा का भजन बुध्दिमानी के साथ करते थे, उनको हिजकिरयाह ने शान्ति के वचन कहे। इस प्रकार वे मेलबलि चढ़ाकर और अपने पुर्वजों के परमेश्वर यहोवा के सम्मुख पापांगीकार करते रहे और उस नियत पर्व्व के सातों दिन तक खाते रहे।
- Nehemiah 8:2–8 नहेमायाह 8:2–8तब एज्रा याजक सातवें महीने के पहिले दिन को क्या स्त्री, क्या पुरूष, जितने सुनकर समझ सकते थे, उन सभों के साम्हने व्यवस्था को ले आया। और वह उसकी बातें भोर से दो पहर तक उस चौक के साम्हने जो जलफाटक के साम्हने था, क्या स्त्री, क्या पुरूष और सब समझने वालों को पढ़कर सुनाता रहा; और लोग व्यवस्था की पुस्तक पर कान लगाए रहे। एज्रा शास्त्री, काठ के एक मचान पर जो इसी काम के लिये बना था, ख्ड़ा हो गयां; और उसकी दाहिनी अलंग मत्तित्याह, शेमा, अनायाह, ऊरिरयाह, हिल्किरयाह और मासेयाह; और बाई अलंग, पदायाह, मीशाएल, मल्किरयाह, हाशूम, हश्बस्राना,जकर्याह और मशुल्लाम खड़े हुए। तब एज्रा ने जो सब लोगों से ऊंचे पर था, सभों के देखते उस पुस्तक को खोल दिया; और जब उस ने उसको खोला, तब सब लोग उठ खाड़े हुए। तब एज्रा ने महान परमेश्वर यहोवा को धन्य कहा; और सब लोगों ने अपने अपने हाथ उठाकर आमेन, आमेन, कहा; और सिर झुकाकर अपना अपना माथा भूमि पर टेक कर यहोवा को दणडवत किया। और येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिरयाह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नाम लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे। और उन्हों ने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया।
- Jeremiah 15:19 यिर्मयाह 15:19यह सुनकर यहोवा ने यों कहा, यदि तू फिरे, तो मैं फिरसे तुझे अपने साम्हने खड़ा करूंगा। यदि तू अनमोल को कहे और निकम्मे को न कहे, तब तू मेरे मुख के समान होगा। वे लोग तेरी ओर फिरेंगे, परन्तु तू उनकी ओर न फिरना।