Mark · chapter 1 · verse 13
Mark 1:13 in Hindi
और जंगल में चालीस दिन तक शैतान ने उस की परीक्षा की; और वह वन पशुओं के साथ रहा; और स्वर्गदूत उन की सेवा करते रहे।।
Aur jangal mem chaalees din tak shaitaan ne us kee pareekshaa kee; aur vah van pashuom ke saath rahaa; aur svargadoot un kee sevaa karate rahe..
Mark 1:13 in English
- King James Version (KJV)
- And he was there in the wilderness forty days, tempted of Satan; and was with the wild beasts; and the angels ministered unto him.
- World English Bible (WEB)
- He was there in the wilderness forty days, tempted by Satan. He was with the wild animals; and the angels were serving him.
- American Standard Version (ASV)
- And he was in the wilderness forty days tempted of Satan; and he was with the wild beasts; and the angels ministered unto him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he was in the waste land for forty days, being tested by Satan; and he was with the beasts; and the angels took care of him.
- Darby Translation (DBY)
- And he was in the wilderness forty days tempted by Satan, and was with the wild beasts; and the angels ministered to him.
- Webster's Bible (WBS)
- And he was there in the wilderness forty days tempted by Satan: and was with the wild beasts, and the angels ministered to him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he was there in the wilderness forty days, being tempted by the Adversary, and he was with the beasts, and the messengers were ministering to him.
Read in context
- 11और यह आकाशवाणी हई, कि तू मेरा प्रिय पुत्रा है, तुझ से मैं प्रसन्न हूं।।
- 12तब आत्मा ने तुरन्त उस को जंगल की ओर भेजा।
- 13और जंगल में चालीस दिन तक शैतान ने उस की परीक्षा की; और वह वन पशुओं के साथ रहा; और स्वर्गदूत उन की सेवा करते रहे।।
- 14यूहन्ना के पकड़वाए जाने के बाद यीशु ने गलील में आकर परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार प्रचार किया।
- 15और कहा, समय पूरा हुआ है, और परमेश्वर का राज्य निकट आ गया है; मन फिराओ और सुसमाचार पर विश्वास करो।।
Cross references
- Hebrews 4:15 इब्रानियों 4:15क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; बरन वह सब बातों में हमारी नाई परखा तो गया, तौभी निष्पाप निकला।
- Hebrews 2:17–18 इब्रानियों 2:17–18इस कारण उस को चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्चित्त करे। क्योंकि जब उस ने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है॥
- Exodus 34:28 निर्गमन 34:28मूसा तो वहां यहोवा के संग चालीस दिन और रात रहा; और तब तक न तो उस ने रोटी खाई और न पानी पिया। और उस ने उन तख्तियों पर वाचा के वचन अर्थात् दस आज्ञाएं लिख दीं।।
- Matthew 26:53 मत्ती 26:53क्या तू नहीं समझता, कि मैं अपने पिता से बिनती कर सकता हूं, और वह स्वर्गदूतों की बारह पलटन से अधिक मेरे पास अभी उपस्थित कर देगा?
- Matthew 4:10–11 मत्ती 4:10–11तब यीशु ने उस से कहा; हे शैतान दूर हो जा, क्योंकि लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर, और केवल उसी की उपासना कर। तब शैतान उसके पास से चला गया, और देखो, स्वर्गदूत आकर उस की सेवा करने लगे।।
- Deuteronomy 9:25 व्यवस्थाविवरण 9:25मैं यहोवा के साम्हने चालीस दिन और चालीस रात मुंह के बल पड़ा रहा, क्योंकि यहोवा ने कह दिया था, कि वह तुम को सत्यानाश करेगा।
- 1 Kings 19:5–8 1 राजा 19:5–8चह झाऊ के पेड़ तले लेटकर सो गया और देखो एक दूत ने उसे छूकर कहा, उठकर खा। उस ने दृष्टि करके क्या देखा कि मेरे सिरहाने पत्थरों पर पको ऊई एक रोटी, और एक सुराही पानी धरा है; तब उस ने खाया और पिया और फिर लेट गया। दूसरी बार यहोवा का दूत आया और उसे छूकर कहा, उठकर खा, क्योंकि तुझे बहुत भारी यात्रा करनी है। तब उस ने उठकर खाया पिया; और उसी भोजन से बल पाकर चालीस दिन रात चलते चलते परमेश्वर के पर्वत होरेब को पहुंचा।
- Deuteronomy 9:11 व्यवस्थाविवरण 9:11और चालीस दिन और चालीस रात के बीत जाने पर यहोवा ने पत्थर की वे दो वाचा की पटियाएं मुझे दे दीं।
- Deuteronomy 9:18 व्यवस्थाविवरण 9:18तब तुम्हारे उस महापाप के कारण जिसे करके तुम ने यहोवा की दृष्टि में बुराई की, और उसे रीस दिलाई थी, मैं यहोवा के साम्हने मुंह के बल गिर पड़ा, और पहिले की नाई, अर्थात् चालीस दिन और चालीस रात तक, न तो रोटी खाई और न पानी पिया।
- Exodus 24:18 निर्गमन 24:18तब मूसा बादल के बीच में प्रवेश करके पर्वत पर चढ़ गया। और मूसा पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात रहा।।
- 1 Timothy 3:16 1 तीमुथियुस 3:16और इस में सन्देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात् वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया।।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- was · G2258ἦν ēn
- there · G1563ἐκεῖ ekeî
- in · G1722ἐν en
- wilderness · G2048ἔρημος érēmos
- forty · G5062τεσσαράκοντα tessarákonta
- days · G2250ἡμέρα hēméra
- tempted · G3985πειράζω peirázō
- of · G5259ὑπό hypó
- Satan · G4567Σατανᾶς Satanâs
- and · G2532καί kaí
- was · G2258ἦν ēn
- with · G3326μετά metá
- beasts · G2342θηρίον thēríon
- and · G2532καί kaí
- angels · G32ἄγγελος ángelos
- ministered · G1247διακονέω diakonéō
- him · G846αὐτός autós