Mark · chapter 10 · verse 20
Mark 10:20 in Hindi
उस ने उस से कहा, हे गुरू, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं।
Us ne us se kahaa, he guroo, in sab ko maim ladakapan se maanataa aayaa hoon.
Mark 10:20 in English
- King James Version (KJV)
- And he answered and said unto him, Master, all these have I observed from my youth.
- World English Bible (WEB)
- He said to him, “Teacher, I have observed all these things from my youth.”
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto him, Teacher, all these things have I observed from my youth.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to him, Master, all these laws I have kept from the time when I was young.
- Darby Translation (DBY)
- And he answering said to him, Teacher, all these things have I kept from my youth.
- Webster's Bible (WBS)
- And he answered and said to him, Master, all these have I observed from my youth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he answering said to him, 'Teacher, all these did I keep from my youth.'
Read in context
- 18यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात् परमेश्वर।
- 19तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना।
- 20उस ने उस से कहा, हे गुरू, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं।
- 21यीशु ने उस पर दृष्टि करके उस से प्रेम किया, और उस से कहा, तुझ में एक बात की घटी है; जा, जो कुछ तेरा है, उसे बेच कर कंगालों को दे, और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले।
- 22इस बात से उसके चिहरे पर उदासी छा गई, और वह शोक करता हुआ चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था।
Cross references
- Ezekiel 33:31–32 यहेजकेल 33:31–32वे प्रजा की नाईं तेरे पास आते और मेरी प्रजा बन कर तेरे साम्हने बैठ कर तेरे वचन सुनते हैं, परन्तु वे उन पर चलते नहीं; मुंह से तो वे बहुत प्रेम दिखाते हैं, परन्तु उनका मन लालच ही में लगा रहता है। और तू उनकी दृष्टि में प्रेम के मधुर गीत गाने वाले और अच्छे बजाने वाले का सा ठहरा है, क्योंकि वे तेरे वचन सुनते तो है, परन्तु उन पर चलते नहीं।
- 2 Timothy 3:5 2 तीमुथियुस 3:5वे भक्ति का भेष तो धरेंगे, पर उस की शक्ति को न मानेंगे; ऐसों से परे रहता।
- Philippians 3:6 फिलिप्पियों 3:6उत्साह के विषय में यदि कहो तो कलीसिया का सतानेवाला; और व्यवस्था की धार्मिकता के विषय में यदि कहो तो निर्दोष था।
- Luke 18:11–12 लूका 18:11–12फरीसी खड़ा होकर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाई अन्धेर करनेवाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेनेवाले के समान हूं। मैं सप्ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं।
- Matthew 19:20 मत्ती 19:20उस जवान ने उस से कहा, इन सब को तो मैं ने माना है अब मुझ में किस बात की घटी है?
- Romans 7:9 रोमियों 7:9मैं तो व्यवस्था बिना पहिले जीवित था, परन्तु जब आज्ञा आई, तो पाप जी गया, और मैं मर गया।
- Malachi 3:8 मलाकी 3:8क्या मनुष्य परमेश्वर को धोखा दे सकता है? देखो, तुम मुझ को धोखा देते हो, और तौभी पूछते हो कि हम ने किस बात में तुझे लूटा है? दशमांश और उठाने की भेंटों में।
- Luke 10:29 लूका 10:29परन्तु उस ने अपनी तईं धर्मी ठहराने की इच्छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है?
- Ezekiel 5:14 यहेजकेल 5:14और मैं तुझे तेरे चारों ओर की जातियों के बीच, सब बटोहियों के देखते हुए उजाडूंगा, और तेरी नामधराई कराऊंगा।
- Isaiah 58:2 यशायाह 58:2वे प्रति दिन मेरे पास आते और मेरी गति बूझने की इच्छा ऐसी रखते हैं मानो वे धर्मी लोगे हैं जिन्हों ने अपने परमेश्वर के नियमों को नहीं टाला; वे मुझ से धर्म के नियम पूछते और परमेश्वर के निकट आने से प्रसन्न होते हैं।