Mark · chapter 10 · verse 18
Mark 10:18 in Hindi
यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात् परमेश्वर।
Yeeshu ne us se kahaa, too mujhe uttam kyom kahataa hai? Koee uttam naheem, keval ek arthaat parameshvar.
Mark 10:18 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus said unto him, Why callest thou me good? [there is] none good but one, [that is], God.
- World English Bible (WEB)
- Jesus said to him, “Why do you call me good? No one is good except one—God.
- American Standard Version (ASV)
- And Jesus said unto him, Why callest thou me good? none is good save one, [even] God.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jesus said to him, Why do you say I am good? no one is good but one, and that is God.
- Darby Translation (DBY)
- But Jesus said to him, Why callest thou me good? no one is good but one, [that is] God.
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus said to him, Why callest thou me good? [there is] none good, but one, [that is] God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus said to him, 'Why me dost thou call good? no one [is] good except One — God;
Read in context
- 16और उस ने उन्हें गोद में लिया, और उन पर हाथ रखकर उन्हें आशीष दी।।
- 17और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा? हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्यां करूं?
- 18यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात् परमेश्वर।
- 19तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना।
- 20उस ने उस से कहा, हे गुरू, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं।
Cross references
- Luke 18:19 लूका 18:19यीशु ने उस से कहा; तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक, अर्थात् परमेश्वर।
- Matthew 19:17 मत्ती 19:17उस ने उस से कहा, तू मुझ से भलाई के विषय में क्यों पूछता है? भला तो एक ही है; पर यदि तू जीवन में प्रवेश करना चाहता है, तो आज्ञाओं को माना कर।
- 1 John 4:16 1 यूहन्ना 4:16और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उस को हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।
- Romans 3:12 रोमियों 3:12सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करनेवाला नहीं, एक भी नहीं।
- 1 Samuel 2:2 1 शमूएल 2:2यहोवा के तुल्य कोई पवित्रा नहीं, क्योंकि तुझ को छोड़ और कोई है ही नहीं; और हमारे परमेश्वर के समान कोई चट्टान नहीं है।।
- James 1:17 याकूब 1:17क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है।
- Psalm 119:68 भजन संहिता 119:68तू भला है, और भला करता भी है; मुझे अपनी विधियां सिखा।
- 1 John 4:8 1 यूहन्ना 4:8जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
- Psalm 86:5 भजन संहिता 86:5क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करनेवाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है।
- John 5:41–44 यूहन्ना 5:41–44मैं मनुष्यों से आदर नहीं चाहता। परन्तु मैं तुम्हें जानता हूं, कि तुम में परमेश्वर का प्रेम नहीं। मैं अपने पिता के नाम से आया हूं, और तुम मुझे ग्रहण नहीं करते; यदि कोई और अपने ही नाम से आए, तो उसे ग्रहण कर लोगे। तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो अद्वैत परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, किसी प्रकार विश्वास कर सकते हो?
- Psalm 36:7–8 भजन संहिता 36:7–8हे परमेश्वर तेरी करूणा, कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखो के तले शरण लेते हैं। वे तेरे भवन के चिकने भोजन से तृप्त होंगे, और तू अपनी सुख की नदी में से उन्हें पिलाएगा।