Mark · chapter 15 · verse 1
Mark 15:1 in Hindi
और भोर होते ही तुरन्त महायाकों, पुरनियों, और शास्त्रियों ने वरन सारी महासभा ने सलाह करके यीशु को बन्धवाया, और उसे ले जाकर पीलातुस के हाथ सौंप दिया।
Aur bhor hote hee turant mahaayaakom, puraniyom, aur shaastriyom ne varan saaree mahaasabhaa ne salaah karake yeeshu ko bandhavaayaa, aur use le jaakar peelaatus ke haath saump diyaa.
Mark 15:1 in English
- King James Version (KJV)
- And straightway in the morning the chief priests held a consultation with the elders and scribes and the whole council, and bound Jesus, and carried [him] away, and delivered [him] to Pilate.
- World English Bible (WEB)
- Immediately in the morning the chief priests, with the elders, scribes, and the whole council, held a consultation, bound Jesus, carried him away, and delivered him up to Pilate.
- American Standard Version (ASV)
- And straightway in the morning the chief priests with the elders and scribes, and the whole council, held a consultation, and bound Jesus, and carried him away, and delivered him up to Pilate.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the first thing in the morning the chief priests, with those in authority and the scribes and all the Sanhedrin, had a meeting, and put cords round Jesus, and took him away, and gave him up to Pilate.
- Darby Translation (DBY)
- And immediately in the morning the chief priests, having taken counsel with the elders and scribes and the whole sanhedrim, bound Jesus and carried [him] away, and delivered [him] up to Pilate.
- Webster's Bible (WBS)
- And forthwith in the morning the chief priests held a consultation with the elders and scribes, and the whole council, and bound Jesus, and carried [him] away, and delivered [him] to Pilate.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And immediately, in the morning, the chief priests having made a consultation, with the elders, and scribes, and the whole sanhedrim, having bound Jesus, did lead away, and delivered [him] to Pilate;
Read in context
- 1और भोर होते ही तुरन्त महायाकों, पुरनियों, और शास्त्रियों ने वरन सारी महासभा ने सलाह करके यीशु को बन्धवाया, और उसे ले जाकर पीलातुस के हाथ सौंप दिया।
- 2और पीलातुस ने उस से पूछा, क्या तू यहूदियों का राजा है? उस ने उस को उत्तर दिया; कि तू आप ही कह रहा है।
- 3और महायाजक उस पर बहुत बातों का दोष लगा रहे थे।
Cross references
- Matthew 27:1–2 मत्ती 27:1–2जब भोर हुई, तो सब महायाजकों और लोगों के पुरनियों ने यीशु के मार डालने की सम्मति की। और उन्हों ने उसे बान्धा और ले जाकर पीलातुस हाकिम के हाथ में सौंप दिया।।
- Acts 3:13 प्रेरितों के काम 3:13इब्राहीम और इसहाक और याकूब के परमेश्वर, हमारे बापदादों के परमेश्वर ने अपने सेवक यीशु की महिमा की, जिसे तुम ने पकड़वा दिया, और जब पीलातुस ने उसे छोड़ देने का विचार किया, तब तुम ने उसके साम्हने उसका इन्कार किया।
- Luke 22:66 लूका 22:66जब दिन हुआ तो लोगों के पुरनिए और महायाजक और शास्त्री इकट्ठे हुए, और उसे अपनी महासथा में लाकर पूछा,
- John 18:28–38 यूहन्ना 18:28–38और वे यीशु को काइफा के पास से किले को ले गए और भोर का समय था, परन्तु वे आप किले के भीतर न गए ताकि अशुद्ध न हों परन्तु फसह खा सकें। तब पीलातुस उन के पास बाहर निकल आया और कहा, तुम इस मनुष्य पर किस बात की नालिया करते हो? उन्हों ने उस को उत्तर दिया, कि यदि वह कुकर्मी न होता तो हम उसे तेरे हाथ न सौंपते। पीलातुस ने उन से कहा, तुम ही इसे ले जाकर अपनी व्यवस्था के अनुसार उसका न्याय करो: यहूदयों ने उस से कहा, हमें अधिकार नहीं कि किसी का प्राण लें। यह इसलिये हुआ, कि यीशु की वह बात पूरी हो जो उस ने यह पता देते हुए कही थी, कि उसका मरना कैसा होगा।। तब पीलातुस फिर किले के भीतर गया और यीशु को बुलाकर, उस से पूछा, क्या तू यहूदियों का राजा है? यीशु ने उत्तर दिया, क्या तू यह बात अपनी ओर से कहता है या औरों ने मेरे विषय में तुझ से कही? पीलातुस ने उत्तर दिया, क्या मैं यहूदी हूं? तेरी ही जाति और महायाजकों ने तुझे मेरे हाथ सौंपा, तू ने क्या किया है? यीशु ने उत्तर दिया, कि मेरा राज्य इस जगत का नहीं, यदि मेरा राज्य इस जगत का होता, तो मेरे सेवक लड़ते, कि मैं यहूदियों के हाथ सौंपा न जाता: परन्तु अब मेरा राज्य यहां का नहीं। पीलातुस ने उस से कहा, कि तू कहता है, क्योंकि मैं राजा हूं; मैं ने इसलिये जन्म लिया, और इसलिये जगत में आया हूं कि सत्य पर गवाही दूं जो कोई सत्य का है, वह मेरा शब्द सुनता है। पीलातुस ने उस से कहा, सत्य क्या है? और यह कहकर वह फिर यहूदियों के पास निकल गया और उन से कहा, मैं तो उस में कुछ दोष नहीं पाता।
- Luke 23:1–5 लूका 23:1–5तब सारी सभा उठकर उसे पीलातुस के पास ले गई। और वे यह कहकर उस पर दोष लगाने लगे, कि हम ने इसे लोगों को बहकाते और कैसर को कर देने से मना करते, और अपने आप को मसीह राजा कहते हुए सुना है। पीलातुस ने उस से पूछा, क्या तू यहूदियों का राजा है? उस ने उसे उत्तर दिया, कि तू आप ही कह रहा है। तब पीलातुस ने महायाजकों और लोगों से कहा, मैं इस मनुष्य में कुछ दोष नहीं पाता। पर वे और भी दृढ़ता से कहने लगे, यह गलील से लेकर यहां तक सारे यहूदिया में उपदेश दे दे कर लोगों को उसकाता है।
- Acts 4:25–28 प्रेरितों के काम 4:25–28तू ने पवित्रा आत्मा के द्वारा अपने सेवक हमारे पिता दाऊद के मुख से कहा, कि अन्य जातियों ने हुल्लड़ क्यों मचाया? और देश के लोगों ने क्यों व्यर्थ बातें सोची? प्रभु और उसके मसीह के विरोध में पृथ्वी के राजा खड़े हुए, और हाकिम एक साथ इकट्ठे हो गए। क्योंकि सचमुच तेरे सेवक यीशु के विरोध में, जिस तू ने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पीलातुस भी अन्य जातियों और इस्त्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए। कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- Psalm 2:2 भजन संहिता 2:2यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि
- Luke 18:32–33 लूका 18:32–33क्योंकि वह अन्यजातियों के हाथ में सौंपा जाएगा, और वे उसे ठट्ठों में उड़ाएंगे; और उसका अपमान करेंगे, और उस पर थूकेंगे। और उसे कोड़े मारेंगे, और घात करेंगे, और वह तीसरे दिन जी उठेगा।
- Matthew 5:22 मत्ती 5:22परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे "अरे मूर्ख" वह नरक की आग के दण्ड के योग्य होगा।
- Mark 10:33–34 मरकुस 10:33–34कि देखो, हम यरूशलेम को जाते हैं, और मनुष्य का पुत्रा महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ पकड़वाया जाएगा, और वे उस को घात के योग्य ठहराएंगे, और अन्यजातियों के हाथ में सौंपेंगे। और वे उस को ठट्ठों में उड़ाएंगे, और उस पर थूकेंगे, और उसे कोड़े मारेंगे, और उसे घात करेंगे, और तीन दिन के बाद वह जी उठेगा।।
- Acts 4:5–6 प्रेरितों के काम 4:5–6दूसरे दिन ऐसा हुआ कि उन के सरदार और पुरनिये और शास्त्री। और महायाजक हन्ना और कैफा और यूहन्ना और सिकन्दर और जितने महायाजक के घराने के थे, सब यरूशलेम में इकट्ठे हुए।
- Matthew 20:18–19 मत्ती 20:18–19कि देखो, हम यरूशलेम को जाते हैं; और मनुष्य का पुत्रा महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ पकड़वाया जाएगा और वे उस को घात के योग्य ठहराएंगे। और उस को अन्यजातियों के हाथ सोंपेंगे, कि वे उसे ठट्ठों में उड़ाएं, और कोड़े मारें, और क्रूस पर चढ़ाएं, और वह तीसरे दिन जिलाया जाएगा।।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- straightway · G2112εὐθέως euthéōs
- in · G1909ἐπί epí
- morning · G4404πρωΐ prōḯ
- priests · G749ἀρχιερεύς archiereús
- held · G4160ποιέω poiéō
- consultation · G4824συμβούλιον symboúlion
- with · G3326μετά metá
- elders · G4245πρεσβύτερος presbýteros
- and · G2532καί kaí
- scribes · G1122γραμματεύς grammateús
- and · G2532καί kaí
- whole · G3650ὅλος hólos
- council · G4892συνέδριον synédrion
- bound · G1210δέω déō
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- carried · G667ἀποφέρω apophérō
- away · G667ἀποφέρω apophérō
- and · G2532καί kaí
- delivered · G3860παραδίδωμι paradídōmi
- Pilate · G4091Πιλᾶτος Pilâtos