Mark · chapter 15 · verse 42
Mark 15:42 in Hindi
जब संध्या हो गई, तो इसलिये कि तैयारी का दिन था, जो सब्त के एक दिन पहिले होता है।
Jab sandhyaa ho gaee, to isaliye ki taiyaaree kaa din thaa, jo sabt ke ek din pahile hotaa hai.
Mark 15:42 in English
- King James Version (KJV)
- And now when the even was come, because it was the preparation, that is, the day before the sabbath,
- World English Bible (WEB)
- When evening had now come, because it was the Preparation Day, that is, the day before the Sabbath,
- American Standard Version (ASV)
- And when even was now come, because it was the Preparation, that is, the day before the sabbath,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when it was evening, because it was the time of getting ready, that is, the day before the Sabbath,
- Darby Translation (DBY)
- And when it was already evening, since it was [the] preparation, that is, [the day] before a sabbath,
- Webster's Bible (WBS)
- And now, when the evening was come, (because it was the preparation, that is, the day before the sabbath)
- Young's Literal Translation (YLT)
- And now evening having come, seeing it was the preparation, that is, the fore-sabbath,
Read in context
- 40कई स्त्रियां भी दूर से देख रही थीं: उन में मरियम मगदलीनी और छोटे याकूब की और योसेस की माता मरियम और शलोमी थीं।
- 41जब वह गलील में थ, तो ये उसके पीछे हो लेती थीं और उस की सेवाटहल किया करती थीं; और और भी बहुत सी स्त्रियां थीं, जो उसके साथ यरूशलेम में आई थीं।।
- 42जब संध्या हो गई, तो इसलिये कि तैयारी का दिन था, जो सब्त के एक दिन पहिले होता है।
- 43अरिमितिया का रहेनवाला यूसुुफ आया, जो प्रतिष्ठित मंत्री और आप भी परमेश्वर के राज्य की बाट जोहता था; वह हियाव करके पीलातुस के पास गया और यीशु की लोथ मांगी।
- 44पीलातुस ने आश्चर्य किया, कि वह इतना शीघ्र मर गया; और सूबेदार को बुलाकर पूछा, कि क्या उस को मरे हुए देर हुई?
Cross references
- Luke 23:50–56 लूका 23:50–56और देखो यूसुफ नाम एक मन्त्री जो सज्जन और धर्मी पुरूष था। और उन के विचार और उन के इस काम से प्रसन्न न था; और वि यहूदियों के नगर अरिमतीया का रहनेवाला और परमेश्वर के राज्य की बाट जोहनेवाला था। उस ने पीलातुस के पास जाकर यीशु की लोथ मांग ली। और उसे उतारकर चादर में लपेटा, और एक कब्र में रखा, जो चट्टान में खोदी हुई थी; और उस में कोई कभी न रखा गया था। वह तैयारी का दिन था, और सब्त का दिन आरम्भ होने पर था। और उन स्त्रियों ने जो उसके साथ गलील से आई थीं, पीछे पीछे जाकर उस कब्र को देखा, और यह भी कि उस की लोथ किस रीति से रखी गई है। और लौटकर सुगन्धित वस्तुएं और इत्रा तैयार किया: और सब्त के दिन तो उन्हों ने आज्ञा के अनुसार विश्राम किया।।
- John 19:38–42 यूहन्ना 19:38–42इन बातों के बाद अरमतियाह के यूसुफ ने, जो यीशु का चेला था, (परन्तु यहूदियों के डर से इस बात को छिपाए रखता था), पीलातुस से बिनती की, कि मैं यीशु की लोथ को ले जाऊं, और पीलातुस ने उस की बिनती सुनी, और वह आकर उस की लोथ ले गया। निकुदेमुस भी जो पहिले यीशु के पास रात को गया था पचास सेर के लगभग मिला हुआ गन्धरस और एलवा ले आया। तब उन्हों ने यीशु की लोथ को लिया और यहूदियों के गाड़ने की रीति के अनुसार उसे सुगन्ध द्रव्य के साथ कफन में लपेटा। उस स्थान पर जहां यीशु क्रूस पर चढ़ाया गया था, एक बारी थी; और उस बारी में एक नई कब्र थी; जिस में कभी कोई न रखा गया था। सो यहूदियों की तैयारी के दिन के कारण, उन्हों ने यीशु को उसी में रखा, क्योंकि वह कब्र निकट थी।।
- John 19:31 यूहन्ना 19:31और इसलिये कि वह तैयारी का दिन था, यहूदियों ने पीलातुस से बिनती की कि उन की टांगे तोड़ दी जाएं और वे उतारे जाएं ताकि सब्त के दिन वे क्रूसों पर न रहें, क्योंकि वह सब्त का दिन बड़ा दिन था।
- Matthew 27:57–62 मत्ती 27:57–62जब सांझ हुई तो यूसुफ नाम अरिमतियाह का एक धनी मनुष्य जो आप ही यीशु का चेला था आया: उस ने पीलातुस के पास जाकर यीशु की लोथ मांगी। इस पर पीलातुस ने दे देने की आज्ञा दी। यूसुफ ने लोथ को लेकर उसे उज्जवल चादर में लपेटा। और उसे अपनी नई कब्र में रखा, जो उस ने चटान में खुदवाई थी, और कब्र के द्वार पर बड़ा पत्थर लुढ़काकर चला गया। और मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम वहां कब्र के साम्हने बैठी थीं।। दूसरे दिन जो तैयारी के दिन के बाद का दिन था, महायाजकों और फरीसियों ने पीलातुस के पास इकट्ठे होकर कहा।