Matthew · chapter 12 · verse 18
Matthew 12:18 in Hindi
कि देखो, यह मेरा सेवक है, जिसे मैं ने चुना है; मेरा प्रिय, जिस से मेरा मन प्रसन्न है: मैं अपना आत्मा उस पर डालूंगा; और वह अन्यजातियों को न्याय का समाचार देगा।
Ki dekho, yah meraa sevak hai, jise maim ne chunaa hai; meraa priy, jis se meraa man prasann hai: maim apanaa aatmaa us par daaloongaa; aur vah anyajaatiyom ko nyaay kaa samaachaar degaa.
Matthew 12:18 in English
- King James Version (KJV)
- Behold my servant, whom I have chosen; my beloved, in whom my soul is well pleased: I will put my spirit upon him, and he shall shew judgment to the Gentiles.
- World English Bible (WEB)
- “Behold, my servant whom I have chosen, my beloved in whom my soul is well pleased. I will put my Spirit on him. He will proclaim justice to the nations.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, my servant whom I have chosen; My beloved in whom my soul is well pleased: I will put my Spirit upon him, And he shall declare judgment to the Gentiles.
- Bible in Basic English (BBE)
- See my servant, the man of my selection, my loved one in whom my soul is well pleased: I will put my Spirit on him, and he will make my decision clear to the Gentiles.
- Darby Translation (DBY)
- Behold my servant, whom I have chosen, my beloved, in whom my soul has found its delight. I will put my Spirit upon him, and he shall shew forth judgment to the nations.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, my servant, whom I have chosen; my beloved, in whom my soul is well pleased: I will put my spirit upon him, and he shall show judgment to the Gentiles.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Lo, My servant, whom I did choose, My beloved, in whom My soul did delight, I will put My Spirit upon him, and judgment to the nations he shall declare,
Read in context
- 16और उन्हें चिताया, कि मुझे प्रगट न करना।
- 17कि जो वचन यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो।
- 18कि देखो, यह मेरा सेवक है, जिसे मैं ने चुना है; मेरा प्रिय, जिस से मेरा मन प्रसन्न है: मैं अपना आत्मा उस पर डालूंगा; और वह अन्यजातियों को न्याय का समाचार देगा।
- 19वह न झगड़ा करेगा, और न धूम मचाएगा; और न बाजारों में कोई उसका शब्द सुनेगा।
- 20वह कुचले हुए सरकण्डे को न तोड़ेगा; और धूआं देती हुई बत्ती को न बुझाएगा, जब तक न्याय को प्रबल न कराए।
Cross references
- Isaiah 42:1 यशायाह 42:1मेरे दास को देखो जिसे मैं संभाले हूं, मेरे चुने हुए को, जिस से मेरा जी प्रसन्न है; मैं ने उस पर अपना आत्मा रखा है, वह अन्यजातियों के लिये न्याय प्रगट करेगा।
- Luke 4:18 लूका 4:18कि प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिये कि उस ने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिये भेजा है, कि बन्धुओं को छुटकारे का और अन्धों को दृष्टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूं और कुचले हुओं को छुड़ाऊं।
- John 3:34 यूहन्ना 3:34क्योंकि जिसे परमेश्वर ने भेजा है, वह परमेश्वर की बातें कहता है: क्योंकि वह आत्मा नाप नापकर नहीं देता।
- Acts 10:38 प्रेरितों के काम 10:38कि परमेश्वर ने किस रीति से यीशु नासरी को पवित्र आत्मा और सामर्थ से अभिषेक किया: वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा; क्योंकि परमेश्वर उसके साथ था।
- Isaiah 61:1–3 यशायाह 61:1–3प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्राता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं; कि यहोवा के प्रसन्न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूं; कि सब विलाप करनेवालों को शान्ति दूं और सिरयोन के विलाप करनेवालों के सिर पर की राख दूर करके सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर करके हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।
- Matthew 17:5 मत्ती 17:5वह बोल ही रहा था, कि देखो, एक उजले बादल ने उन्हें छा लिया, और देखो; उस बादल में से यह शब्द निकला, कि यह मेरा प्रिय पुत्रा है, जिस से मैं प्रसन्न हूं: इस की सुनो।
- Isaiah 52:13 यशायाह 52:13देखो, मेरा दास बुद्धि से काम करेगा, वह ऊंचा, महान और अति महान हो जाएगा।
- Isaiah 32:15–16 यशायाह 32:15–16जब तक आत्मा ऊपर से हम पर उण्डेला न जाए, और जंगल फलदायक बारी न बने, और फलदायक बारी फिर वन न गिनी जाए। तब उस जंगल में न्याय बसेगा, और उस फलदायक बारी में धर्म रहेगा।
- Isaiah 11:2 यशायाह 11:2और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा, और ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी।
- Isaiah 49:5–6 यशायाह 49:5–6ओर अब यहोवा जिस ने मुझे जन्म ही से इसलिये रख कि मैं उसका दास होकर याकूब को उसकी ओर फेर ले आऊं अर्थात् इस्राएल को उसके पास इकट्ठा करूं, क्योंकि यहोवा की दृष्टि में मैं आदरयोग्य हूं और मेरा परमेश्वर मेरा बल है, उसी ने मुझ से यह भी कहा है, यह तो हलकी सी बात है कि तू याकूब के गोत्रों का उद्धार करने और इस्राएल के रक्षित लोगों को लौटा ले आने के लिये मेरा सेवक ठहरे; मैं तुझे अन्यजातियों के लिये ज्योति ठहराऊंगा कि मेरा उद्धार पृथ्वी की एक ओर से दूसरी ओर तक फैल जाए।।
- 1 Peter 2:4 1 पतरस 2:4उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।
- Matthew 3:16–17 मत्ती 3:16–17और यीशु बपतिस्मा लेकर तुरन्त पानी में से ऊपर आया, और देखो, उसके लिये आकाश खुल गया; और उस ने परमेश्वर के आत्मा को कबूतर की नाई उतरते और अपने ऊपर आते देखा। और देखो, यह आकाशवाणी हुई, कि यह मेरा प्रिय पुत्रा है, जिस से मैं अत्यन्त प्रसन्न हूं।।
Original words (Greek)
- Behold · G2400ἰδού idoú
- my · G3450μοῦ moû
- servant · G3816παῖς paîs
- whom · G3739ὅς hós
- chosen · G140αἱρετίζω hairetízō
- my · G3450μοῦ moû
- beloved · G27ἀγαπητός agapētós
- in · G1519εἰς eis
- whom · G3739ὅς hós
- my · G3450μοῦ moû
- soul · G5590ψυχή psychḗ
- pleased · G2106εὐδοκέω eudokéō
- put · G5087τίθημι títhēmi
- my · G3450μοῦ moû
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- upon · G1909ἐπί epí
- him · G846αὐτός autós
- and · G2532καί kaí
- shew · G518ἀπαγγέλλω apangéllō
- judgment · G2920κρίσις krísis
- Gentiles · G1484ἔθνος éthnos