Matthew · chapter 12 · verse 21
Matthew 12:21 in Hindi
और अन्यजातियां उसके नाम पर आशा रखेंगी।
Aur anyajaatiyaam usake naam par aashaa rakhengee.
Matthew 12:21 in English
- King James Version (KJV)
- And in his name shall the Gentiles trust.
- World English Bible (WEB)
- In his name, the nations will hope.”
- American Standard Version (ASV)
- And in his name shall the Gentiles hope.
- Bible in Basic English (BBE)
- And in his name will the Gentiles put their hope.
- Darby Translation (DBY)
- and on his name shall [the] nations hope.
- Webster's Bible (WBS)
- And in his name shall the Gentiles trust.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and in his name shall nations hope.'
Read in context
- 19वह न झगड़ा करेगा, और न धूम मचाएगा; और न बाजारों में कोई उसका शब्द सुनेगा।
- 20वह कुचले हुए सरकण्डे को न तोड़ेगा; और धूआं देती हुई बत्ती को न बुझाएगा, जब तक न्याय को प्रबल न कराए।
- 21और अन्यजातियां उसके नाम पर आशा रखेंगी।
- 22तब लोग एक अन्धे- गूंगे को जिस में दुष्टात्मा थी, उसके पास लाए; और उस ने उसे अच्छा किया; और वह गूंगा बोलने और देखने लगा।
- 23इस पर सब लोग चकित होकर कहने लगे, यह क्या दाऊद की सन्तान का है?
Cross references
- Isaiah 11:10 यशायाह 11:10उस समय यिशै की जड़ देश देश के लोगों के लिये एक झण्ड़ा होगी; सब राज्यों के लोग उसे ढूंढ़ेंगें, और उसका विश्रामस्थान तेजोमय होगा।।
- Romans 15:12–13 रोमियों 15:12–13और फिर यशायाह कहता है, कि यिशै की एक जड़ प्रगट होगी, और अन्यजातियों का हाकिम होने के लिये एक उठेगा, उस पर अन्यजातियां आशा रखेंगी। सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्राआत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।।
- Isaiah 42:4 यशायाह 42:4वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जाहेंगे।।
- Colossians 1:27 कुलुस्सियों 1:27जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है? और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है।
- Ephesians 1:12–13 इफिसियों 1:12–13कि हम जिन्हों ने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्तुति के कारण हों। और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्रा आत्मा की छाप लगी।