Matthew · chapter 20 · verse 31
Matthew 20:31 in Hindi
लोगों ने उन्हें डांटा, कि चुप रहे, पर वे और भी चिल्लाकर बोले, हे प्रभु, दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर।
Logom ne unhem daantaa, ki chup rahe, par ve aur bhee chillaakar bole, he prabhu, daaood kee santaan, ham par dayaa kar.
Matthew 20:31 in English
- King James Version (KJV)
- And the multitude rebuked them, because they should hold their peace: but they cried the more, saying, Have mercy on us, O Lord, [thou] Son of David.
- World English Bible (WEB)
- The multitude rebuked them, telling them that they should be quiet, but they cried out even more, “Lord, have mercy on us, you son of David!”
- American Standard Version (ASV)
- And the multitude rebuked them, that they should hold their peace: but they cried out the more, saying, Lord, have mercy on us, thou son of David.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the people gave them orders to be quiet; but they went on crying even louder, Lord, Son of David, have mercy on us.
- Darby Translation (DBY)
- But the crowd rebuked them, that they might be silent. But they cried out the more, saying, Have mercy on us, Lord, Son of David.
- Webster's Bible (WBS)
- And the multitude rebuked them, that they should hold their peace: but they cried the more, saying, Have mercy on us, O Lord, [thou] son of David.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the multitude charged them that they might be silent, and they cried out the more, saying, 'Deal kindly with us sir — Son of David.'
Read in context
- 29जब वे यरीहो से निकल रहे थे, तो एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।
- 30और देखो, दो अन्धे, जो सड़कर के किनारे बैठे थे, यह सुनकर कि यीशु जा रहा है, पुकारकर कहने लगे; कि हे प्रभु, दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर।
- 31लोगों ने उन्हें डांटा, कि चुप रहे, पर वे और भी चिल्लाकर बोले, हे प्रभु, दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर।
- 32तब यीशु ने खडे होकर, उन्हें बुलाया, और कहा;
- 33तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये करूं? उन्हों ने उस से कहा, हे प्रभु; यह कि हमारी आंखे खुल जाएं।
Cross references
- Colossians 4:2 कुलुस्सियों 4:2प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
- Matthew 19:13 मत्ती 19:13तब लोग बालकों को उसके पास लाए, कि वह उन पर हाथ रखे और प्रार्थना करे; पर चेलों ने उन्हें डांटा।
- 1 Thessalonians 5:17 1 थिस्सलुनीकियों 5:17निरन्तर प्रार्थना मे लगे रहो।
- Matthew 15:23 मत्ती 15:23पर उस ने उसे कुछ उत्तर न दिया, और उसके चेलों ने आकर उस से बिनती कर कहा; इसे विदा कर; क्योंकि वह हमारे पीछे चिल्लाती आती है।
- Genesis 32:25–29 उत्पत्ति 32:25–29और लाबान याकूब के पास पहुंच गया, याकूब तो अपना तम्बू गिलाद नाम पहाड़ी देश में खड़ा किए पड़ा था: और लाबान ने भी अपने भाइयों के साथ अपना तम्बू उसी पहाड़ी देश में खड़ा किया। तब लाबान याकूब से कहने लगा, तू ने यह क्या किया, कि मेरे पास से चोरी से चला आया, और मेरी बेटियों को ऐसा ले आया, जैसा कोई तलवार के बल से बन्दी बनाए गए? तू क्यों चुपके से भाग आया, और मुझ से बिना कुछ कहे मेरे पास से चोरी से चला आया; नहीं तो मैं तुझे आनन्द के साथ मृदंग और वीणा बजवाते, और गीत गवाते विदा करता? तू ने तो मुझे अपने बेटे बेटियों को चूमने तक न दिया? तू ने मूर्खता की है। तुम लोगों की हानि करने की शक्ति मेरे हाथ में तो है; पर तुम्हारे पिता के परमेश्वर ने मुझ से बीती हुई रात में कहा, सावधान रह, याकूब से न तो भला कहना और न बुरा।
- Matthew 7:7–8 मत्ती 7:7–8क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है? और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा। तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्रा उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे?
- Luke 11:8–10 लूका 11:8–10मैं तुम से कहता हूं, यदि उसका मित्रा होने पर भी उसे उठकर न दे, तौभी उसके लज्जा छोड़कर मांगने के कारण उसे जितनी आवश्यकता हो उतनी उठकर देगा। और मैं तुम से कहता हूं; कि मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ों तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा।
- Luke 18:1–8 लूका 18:1–8फिर उस ने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा। कि किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता थ और न किसी मनुष्य की परवाह करता था। और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, कि मेरा न्याय चुकाकर मुझे मु ई से बचा। उस ने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचारकर कहा, यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूं। तौभी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिये मैं उसका न्याय चुकाऊंगा कहीं ऐसा न हो कि घड़ी घड़ी आकर अन्त को मेरा नाक में दम करे। प्रभु ने कहा, सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है? सो क्या परमेश्र अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात- दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देन करेगा? मैं तुम से कहता हूं; वह तुरन्त उन का न्याय चुकाएगा; तौभी मनुष्य का पुत्रा जब आएगा, तो क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?
- Luke 18:39 लूका 18:39जो आगे जाते थे, वे उसे डांटने लगे कि चुप रहे: परन्तु वह और भी चिल्लाने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- multitude · G3793ὄχλος óchlos
- rebuked · G2008ἐπιτιμάω epitimáō
- them · G846αὐτός autós
- because · G2443ἵνα hína
- peace · G4623σιωπάω siōpáō
- but · G1161δέ dé
- cried · G2896κράζω krázō
- more · G3185μεῖζον meîzon
- saying · G3004λέγω légō
- on · G1653ἐλεέω eleéō
- us · G2248ἡμᾶς hēmâs
- Lord · G2962κύριος kýrios
- Son · G5207υἱός huiós
- David · G1138Δαβίδ Dabíd