Matthew · chapter 23 · verse 17
Matthew 23:17 in Hindi
हे मूर्खो, और अन्धों, कौन बड़ा है, सोना या वह मन्दिर जिस से सोना पवित्रा होता है?
He moorkho, aur andhom, kaun badaa hai, sonaa yaa vah mandir jis se sonaa pavitraa hotaa hai?
Matthew 23:17 in English
- King James Version (KJV)
- [Ye] fools and blind: for whether is greater, the gold, or the temple that sanctifieth the gold?
- World English Bible (WEB)
- You blind fools! For which is greater, the gold or the temple that sanctifies the gold?
- American Standard Version (ASV)
- Ye fools and blind: for which is greater, the gold, or the temple that hath sanctified the gold?
- Bible in Basic English (BBE)
- You foolish ones and blind: which is greater, the gold, or the Temple which makes the gold holy?
- Darby Translation (DBY)
- Fools and blind, for which is greater, the gold, or the temple which sanctifies the gold?
- Webster's Bible (WBS)
- [Ye] fools, and blind: for which is greater, the gold, or the temple that sanctifieth the gold?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Fools and blind! for which [is] greater, the gold, or the sanctuary that is sanctifying the gold?
Read in context
- 15हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम एक जन को अपने मत में लाने के लिये सारे जल और थल में फिरते हो, और जब वह मत में आ जाता है, तो उसे अपने से दूना नारकीय बना देते हो।।
- 16हे अन्धे अगुवों, तुम पर हाय, जो कहते हो कि यदि कोई मन्दिर की शपथ खाए तो कुछ नहीं, परन्तु यदि कोई मन्दिर के सोने की सौगन्ध खाए तो उस से बन्ध जाएगा।
- 17हे मूर्खो, और अन्धों, कौन बड़ा है, सोना या वह मन्दिर जिस से सोना पवित्रा होता है?
- 18फिर कहते हो कि यदि कोई वेदी की शपथ खाए तो कुछ नहीं, परन्तु जो भेंट उस पर है, यदि कोई उस की शपथ खाए तो बन्ध जाएगा।
- 19हे अन्धों, कौन बड़ा है, भेंट या वेदी: जिस से भेंट पवित्रा होता है?
Cross references
- Matthew 23:19 मत्ती 23:19हे अन्धों, कौन बड़ा है, भेंट या वेदी: जिस से भेंट पवित्रा होता है?
- Numbers 16:38–39 गिनती 16:38–39जिन्हों ने पाप करके अपने ही प्राणों की हानि की है, उनके धूपदानों के पत्तर पीट पीटकर बनाए जाएं जिस से कि वह वेदी के मढ़ने के काम आवे; क्योंकि उन्हों ने यहोवा के साम्हने रखा था; इस से वे पवित्रा हैं। इस प्रकार वह इस्त्राएलियों के लिये एक निशान ठहरेगा। सो एलीआजर याजक ने उन पीतल के धूपदानों को, जिन में उन जले हुए मनुष्यों ने धूप चढ़ाया था, लेकर उनके पत्तर पीटकर वेदी के मढ़ने के लिये बनवा दिए,
- Exodus 30:26–29 निर्गमन 30:26–29और उससे मिलाप वाले तम्बू का, और साक्षीपत्र के सन्दूक का, और सारे सामान समेत मेज़ का, और सामान समेत दीवट का, और धूपवेदी का, और सारे सामान समेत होमवेदी का, और पाए समेत हौदी का अभिषेक करना। और उन को पवित्र करना, जिस से वे परमपवित्र ठहरें; और जो कुछ उन से छू जाएगा वह पवित्र हो जाएगा।
- Psalm 94:8 भजन संहिता 94:8तुम जो प्रजा में पशु सरीखे हो, विचार करो; और हे मूर्खों तुम कब तक बुद्धिमान हो जाओगे?