Matthew · chapter 23 · verse 22
Matthew 23:22 in Hindi
और जो स्वर्ग की शपथ खाता है, वह परमेश्वर के सिहांसन की और उस पर बैठनेवाले की भी शपथ खाता है।।
Aur jo svarg kee shapath khaataa hai, vah parameshvar ke sihaansan kee aur us par baithanevaale kee bhee shapath khaataa hai..
Matthew 23:22 in English
- King James Version (KJV)
- And he that shall swear by heaven, sweareth by the throne of God, and by him that sitteth thereon.
- World English Bible (WEB)
- He who swears by heaven, swears by the throne of God and by him who sits on it.
- American Standard Version (ASV)
- And he that sweareth by the heaven, sweareth by the throne of God, and by him that sitteth thereon.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he who takes an oath by heaven, takes it by the seat of God, and by him who is seated on it.
- Darby Translation (DBY)
- And he that swears by heaven swears by the throne of God and by him that sits upon it.
- Webster's Bible (WBS)
- And he that shall swear by heaven, sweareth by the throne of God, and by him that sitteth upon it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he who did swear by the heaven, doth swear by the throne of God, and by Him who is sitting upon it.
Read in context
- 20इसलिये जो वेदी की शपथ खाता है, वह उस की, और जो कुछ उस पर है, उस की भी शपथ खाता है।
- 21और जो मन्दिर की शपथ खाता है, वह उस की और उस में रहनेवालों की भी शपथ खाता है।
- 22और जो स्वर्ग की शपथ खाता है, वह परमेश्वर के सिहांसन की और उस पर बैठनेवाले की भी शपथ खाता है।।
- 23हे कपटी शास्त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते।
- 24हे अन्धे अगुवों, तुम मच्छड़ को तो छान डालते हो, परन्तु ऊंट को निगल जाते हो।
Cross references
- Matthew 5:34 मत्ती 5:34परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि कभी शपथ न खाना; न तो स्वर्ग की, क्योंकि वह परमेश्वर का सिंहासन है।
- Psalm 11:4 भजन संहिता 11:4परमेश्वर अपने पवित्रा भवन में है; परमेश्वर का सिंहासन स्वर्ग में है; उसकी आंखें मनुष्य की सन्तान को नित देखती रहती हैं और उसकी पलकें उनको जांचती हैं।
- Isaiah 66:1 यशायाह 66:1यहोवा यों कहता है, आकाश मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे चरणों की चौकी है; तुम मेरे लिये कैसा भवन बनाओगे, और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा?
- Acts 7:49 प्रेरितों के काम 7:49कि प्रभु कहता है, स्वर्ग मेरा सिहांसन और पृथ्वी मेरे पांवों तले की पीढ़ी है, मेरे लिये तुम किस प्रकार का घर बनाओगे और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा
- Revelation 4:2–3 प्रकाशितवाक्य 4:2–3और तुरन्त मैं आत्मा में आ गया; और क्या देखता हूं, कि एक सिंहासन स्वर्ग में धरा है, और उस सिंहासन पर कोई बैठा है। और जो उस पर बैठा है, वह यशब और मानिक सा दिखाई पड़ता है, और उस सिंहासन के चारों ओर मरकत सा एक मेघधनुष दिखाई देता है।