Matthew · chapter 24 · verse 12
Matthew 24:12 in Hindi
और अधर्म के बढ़ने से बहुतों का प्रेम ठण्डा हो जाएगा।
Aur adharm ke badhane se bahutom kaa prem thandaa ho jaaegaa.
Matthew 24:12 in English
- King James Version (KJV)
- And because iniquity shall abound, the love of many shall wax cold.
- World English Bible (WEB)
- Because iniquity will be multiplied, the love of many will grow cold.
- American Standard Version (ASV)
- And because iniquity shall be multiplied, the love of the many shall wax cold.
- Bible in Basic English (BBE)
- And because wrongdoing will be increased, the love of most people will become cold.
- Darby Translation (DBY)
- and because lawlessness shall prevail, the love of the most shall grow cold;
- Webster's Bible (WBS)
- And because iniquity will abound, the love of many will become cold.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and because of the abounding of the lawlessness, the love of the many shall become cold;
Read in context
- 10तब बहुतेरे ठोकर खाएंगे, और एक दूसरे से बैर रखेंगे।
- 11और बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बहुतों को भरमाएंगे।
- 12और अधर्म के बढ़ने से बहुतों का प्रेम ठण्डा हो जाएगा।
- 13परन्तु जो अन्त तक धीरज धरे रहेगा, उसी का उद्धार होगा।
- 14और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा, कि सब जातियों पर गवाही हो, तब अन्त आ जाएगा॥
Cross references
- Revelation 2:4–5 प्रकाशितवाक्य 2:4–5पर मुझे तेरे विरूद्ध यह कहना है कि तू ने अपना पहिला सा प्रेम छोड़ दिया है। सो चेत कर, कि तू कहां से गिरा है, और मन फिरा और पहिले के समान काम कर; और यदि तू मन न फिराएगा, तो मै तेरे पास आकर तेरी दीवट को उस स्थान से हटा दूंगा।
- James 4:1–4 याकूब 4:1–4तुम में लड़ाइयां और झगड़े कहां से आ गए? क्या उन सुख- विलासों से नहीं जो तुम्हारे अंगों में लड़ते- भिड़ते हैं? तुम लालसा रखते हो, और तुम्हें मिलता नहीं; तुम हत्या और डाह करते हो, ओर कुछ प्राप्त नहीं कर सकते; तुम झगड़ते और लड़ते हो; तुम्हें इसलिये नहीं मिलता, कि मांगते नहीं। तुम मांगते हो और पाते नहीं, इसलिये कि बुरी इच्छा से मांगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो। हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
- Revelation 3:15 प्रकाशितवाक्य 3:15कि मैं तेरे कामों को जानता हूं कि तू न तो ठंडा है और न गर्म: भला होता कि तू ठंडा या गर्म होता।
- Revelation 2:10 प्रकाशितवाक्य 2:10जो दु:ख तुझ को झेलने होंगे, उन से मत डर: क्योंकि देखो, शैतान तुम में से कितनों को जेलखाने में डालने पर है ताकि तुम परखे जाओ; और तुम्हें दस दिन तक क्लेश उठाना होगा: प्राण देने तक विश्वासी रह; तो मैं तुझे जीवन का मुकुट दूंगा।
- James 5:1–6 याकूब 5:1–6हे धनवानों सुन तो लो; तुम अपने आने वाले क्लेशों पर चिल्ला-चिल्लाकर रोओ। तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्त्रों को कीड़े खा गए। तुम्हारे सोने-चान्दी में काई लग गई है; और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाईं तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्तिम युग में धन बटोरा है। देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है। तुम पृथ्वी पर भोग-विलास में लगे रहे और बड़ा ही सुख भोगा; तुम ने इस वध के दिन के लिये अपने हृदय का पालन-पोषण करके मोटा ताजा किया। तुम ने धर्मी को दोषी ठहरा कर मार डाला; वह तुम्हारा साम्हना नहीं करता॥