Matthew · chapter 7 · verse 21
Matthew 7:21 in Hindi
जो मुझ से, हे प्रभु, हे प्रभु कहता है, उन में से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।
Jo mujh se, he prabhu, he prabhu kahataa hai, un mem se har ek svarg ke raajy mem pravesh karegaa, parantu vahee jo mere svargeey pitaa kee ichchhaa par chalataa hai.
Matthew 7:21 in English
- King James Version (KJV)
- Not every one that saith unto me, Lord, Lord, shall enter into the kingdom of heaven; but he that doeth the will of my Father which is in heaven.
- World English Bible (WEB)
- “Not everyone who says to me, ‘Lord, Lord,’ will enter into the Kingdom of Heaven, but he who does the will of my Father who is in heaven.
- American Standard Version (ASV)
- Not every one that saith unto me, Lord, Lord, shall enter into the kingdom of heaven; but he that doeth the will of my Father who is in heaven.
- Bible in Basic English (BBE)
- Not everyone who says to me, Lord, Lord, will go into the kingdom of heaven; but he who does the pleasure of my Father in heaven.
- Darby Translation (DBY)
- Not every one who says to me, Lord, Lord, shall enter into the kingdom of the heavens, but he that does the will of my Father who is in the heavens.
- Webster's Bible (WBS)
- Not every one that saith to me, Lord, Lord, shall enter into the kingdom of heaven; but he that doeth the will of my Father who is in heaven.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Not every one who is saying to me Lord, lord, shall come into the reign of the heavens; but he who is doing the will of my Father who is in the heavens.
Read in context
- 19जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है।
- 20सो उन के फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे।
- 21जो मुझ से, हे प्रभु, हे प्रभु कहता है, उन में से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।
- 22उस दिन बहुतेरे मुझ से कहेंगे; हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से भविष्यद्वाणी नहीं की, और तेरे नाम से दुष्टात्माओं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहुत अचम्भे के काम नहीं किए?
- 23तब मैं उन से खुलकर कह दूंगा कि मैं ने तुम को कभी नहीं जाना, हे कुकर्म करनेवालों, मेरे पास से चले जाओ।
Cross references
- Romans 2:13 रोमियों 2:13(क्योंकि परमेश्वर के यहां व्यवस्था के सुननेवाले धर्मी नहीं, पर व्यवस्था पर चलनेवाले धर्मी ठहराए जाएंगे।
- Luke 6:46 लूका 6:46जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो क्यों मुझे हे प्रभु, हे प्रभु, कहते हो?
- James 1:22 याकूब 1:22परन्तु वचन पर चलनेवाले बनो, और केवल सुननेवाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।
- Luke 11:28 लूका 11:28उस ने कहा, हां; परन्तु धन्य वे हैं, जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं।।
- Titus 1:16 तीतुस 1:16वे कहते हैं, कि हम परमेश्वर को जानते हैं: पर अपने कामों से उसका इन्कार करते हैं, क्योंकि वे घृणित और आज्ञा न माननेवाले हैं: और किसी अच्छे काम के योग्य नहीं।।
- Hebrews 4:6 इब्रानियों 4:6तो जब यह बात बाकी है कि कितने और हैं जो उस विश्राम में प्रवेश करें, और जिन्हें उसका सुसमाचार पहिले सुनाया गया, उन्हों ने आज्ञा न मानने के कारण उस में प्रवेश न किया।
- Matthew 25:11–12 मत्ती 25:11–12इसके बाद वे दूसरी कुंवारियां भी आकर कहने लगीं, हे स्वामी, हे स्वामी, हमारे लिये द्वार खोल दे। उस ने उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच कहता हूं, मैं तुम्हें नहीं जानता।
- John 6:40 यूहन्ना 6:40क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्रा को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा।
- Revelation 3:5 प्रकाशितवाक्य 3:5जो जय पाए, उसे इसी प्रकार श्वेत वस्त्रा पहिनाया जाएगा, और मैं उसका नाम जीवन की पुस्तक में से किसी रीति से न काटूंगा, पर उसका नाम अपने पिता और उसके स्वर्गदूतों के साम्हने मान लूंगा।
- Matthew 10:32–33 मत्ती 10:32–33जो कोई मनुष्यों के साम्हने मुझे मान लेगा, उसे मैं भी स्वर्गीय पिता के साम्हने मान लूंगा। पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं भी अपने स्वर्गीय पिता के साम्हने इन्कार करूंगा।
- Matthew 12:50 मत्ती 12:50क्योंकि जो कोई मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चले, वही मेरा भाई और बहिन और माता है।।
- Hebrews 13:21 इब्रानियों 13:21तुम्हें हर एक भली बात में सिद्ध करे, जिस से तुम उस की इच्छा पूरी करो, और जो कुछ उस को भाता है, उसे यीशु मसीह के द्वारा हम में उत्पन्न करे, जिस की बड़ाई युगानुयुग होती रहे। आमीन।।