Matthew · chapter 25 · verse 11
Matthew 25:11 in Hindi
इसके बाद वे दूसरी कुंवारियां भी आकर कहने लगीं, हे स्वामी, हे स्वामी, हमारे लिये द्वार खोल दे।
Isake baad ve doosaree kunvaariyaam bhee aakar kahane lageem, he svaamee, he svaamee, hamaare liye dvaar khol de.
Matthew 25:11 in English
- King James Version (KJV)
- Afterward came also the other virgins, saying, Lord, Lord, open to us.
- World English Bible (WEB)
- Afterward the other virgins also came, saying, ‘Lord, Lord, open to us.’
- American Standard Version (ASV)
- Afterward came also the other virgins, saying, Lord, Lord, open to us.
- Bible in Basic English (BBE)
- After that the other virgins came, saying, Lord, Lord, let us in.
- Darby Translation (DBY)
- Afterwards come also the rest of the virgins, saying, Lord, Lord, open to us;
- Webster's Bible (WBS)
- Afterward came also the other virgins, saying, Lord, Lord, open to us.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and afterwards come also do the rest of the virgins, saying, Sir, sir, open to us;
Read in context
- 9परन्तु समझदारों ने उत्तर दिया कि कदाचित हमारे और तुम्हारे लिये पूरा न हो; भला तो यह है, कि तुम बेचनेवालों के पास जाकर अपने लिये मोल ले लो।
- 10जब वे मोल लेने को जा रही थीं, तो दूल्हा आ पहुंचा, और जो तैयार थीं, वे उसके साथ ब्याह के घर में चलीं गई और द्वार बन्द किया गया।
- 11इसके बाद वे दूसरी कुंवारियां भी आकर कहने लगीं, हे स्वामी, हे स्वामी, हमारे लिये द्वार खोल दे।
- 12उस ने उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच कहता हूं, मैं तुम्हें नहीं जानता।
- 13इसलिये जागते रहो, क्योंकि तुम न उस दिन को जानते हो, न उस घड़ी को।।
Cross references
- Matthew 7:21–23 मत्ती 7:21–23जो मुझ से, हे प्रभु, हे प्रभु कहता है, उन में से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुतेरे मुझ से कहेंगे; हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से भविष्यद्वाणी नहीं की, और तेरे नाम से दुष्टात्माओं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहुत अचम्भे के काम नहीं किए? तब मैं उन से खुलकर कह दूंगा कि मैं ने तुम को कभी नहीं जाना, हे कुकर्म करनेवालों, मेरे पास से चले जाओ।
- Hebrews 12:16–17 इब्रानियों 12:16–17ऐसा न हो, कि कोई जन व्यभिचारी, या एसाव की नाई अधर्मी हो, जिस न एक बार के भोजन के बदले अपने पहिलौठे होने का पद बेच डाला। तुम जानते तो हो, कि बाद को जब उस ने आशीष पानी चाही, तो अयोग्य गिना गया, और आंसू बहा बहाकर खोजने पर भी मन फिराव का अवसर उसे न मिला।।