Micah · chapter 2 · verse 8
Micah 2:8 in Hindi
परन्तु कल की बात है कि मेरी प्रजा शत्रु बनकर मेरे विरूद्ध उठी है; तुम शान्त और भोले- भाले राहियों के तन पर से चादर छीन लेते हो जो लड़ाई का विचार न करके निधड़क चले जाते हैं।
Parantu kal kee baat hai ki meree prajaa shatru banakar mere virooddh uthee hai; tum shaant aur bhole- bhaale raahiyom ke tan par se chaadar chheen lete ho jo ladaaee kaa vichaar na karake nidhadak chale jaate hain.
Micah 2:8 in English
- King James Version (KJV)
- Even of late my people is risen up as an enemy: ye pull off the robe with the garment from them that pass by securely as men averse from war.
- World English Bible (WEB)
- But lately my people have risen up as an enemy. You strip the robe and clothing from those who pass by without a care, returning from battle.
- American Standard Version (ASV)
- But of late my people is risen up as an enemy: ye strip the robe from off the garment from them that pass by securely [as men] averse from war.
- Bible in Basic English (BBE)
- As for you, you have become haters of those who were at peace with you: you take the clothing of those who go by without fear, and make them prisoners of war.
- Darby Translation (DBY)
- But of late my people is risen up as an enemy: ye strip off the mantle with the garment from them that pass by securely, that are averse from war.
- Webster's Bible (WBS)
- Even of late my people hath risen up as an enemy: ye pull off the robe with the garment from them that pass by securely as men averse to war.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And yesterday My people for an enemy doth raise himself up, From the outer garment the honourable ornament ye strip off, From the confident passers by, Ye who are turning back from war.
Read in context
- 6बकवासी कहा करते हैं, कि बकवास न करो। इन बातें के लिये न कहा करो; ऐसे लोगों में से अपमान न मिटेगा।
- 7हे याकूब के घराने, क्या यह कहा जाए कि यहोवा का आत्मा अधीर हो गया है? क्या ये काम उसी के किए हुए हैं? क्या मेरे वचनों से उसका भला नहीं होता जो सीधाई से चलता है?
- 8परन्तु कल की बात है कि मेरी प्रजा शत्रु बनकर मेरे विरूद्ध उठी है; तुम शान्त और भोले- भाले राहियों के तन पर से चादर छीन लेते हो जो लड़ाई का विचार न करके निधड़क चले जाते हैं।
- 9मेरी प्रजा की स्त्रियों को तुम उनके सुखधामों से निकाल देते हो; और उनके नन्हें बच्चों से तुम मेरी दी हुई उत्तम वस्तुएं सर्वदा के लिये छीन लेते हो।
- 10उठो, चले जाओ! क्योंकि यह तुम्हारा विश्रामस्थान नहीं है; इसका कारण वह अशुद्धता है जो कठिन दु:ख के साथ तुम्हारा नाश करेगी।
Cross references
- Psalm 120:6–7 भजन संहिता 120:6–7बहुत काल से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है। मैं तो मेल चाहता हूं; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!
- 2 Samuel 20:19 2 शमूएल 20:19मैं तो मेलमिलापवाले और विश्वासयोग्य इस्राएलियों में से हूँ; परन्तु तू एक प्रधन नगर नाश करने का यत्न करता है; तू यहोवा के भाग को क्यों निगल जाएगा?
- Psalm 55:20 भजन संहिता 55:20उस ने अपने मेल रखनेवालों पर भी हाथ छोड़ा है, उस ने अपनी वाचा को तोड़ दिया है।
- 2 Chronicles 28:5–8 2 इतिहास 28:5–8इसलिये उसके परमेश्वर यहोवा ने उसको अरामियों के राजा के हाथ कर दिया, और वे उसको जीतकर, उसके बहुत से लोगों को बन्धुआ बनाके दमिश्क को ले गए। और वह इस्राएल के राजा के वश में कर दिया गया, जिस ने उसे बड़ी मार से मारा। और रमल्याह के पुत्रा पेकह ने, यहूदा में एक ही दिन में एक लाख बीस हजार लोगों को जो सब के सब वीर थे, घात किया, क्योंकि उन्हों ने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा को त्याग दिया था। और जिक्री नामक एक एप्रैमी वीर ने मासेयाह नामक एक राजपुत्रा को, और राजभवन के प्रधान अज्रीकाम को, और एलकाना को, जो राजा का मंत्री था, मार डाला। और इस्राएली अपने भाइयों में से त्रियों, बेटों और बेटियों को मिलाकर दो लाख लोगों को बन्धुआ बनाके, और उनकी बहुत लूट भी छीनकर शोमरोन की ओर ले चले।
- Isaiah 9:21 यशायाह 9:21मनश्शे एप्रैम को और एप्रैम मनश्शे को खाता है, और वे दोनों मिलकर यहूदा के विरूद्ध हैं इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ, और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।