Nehemiah · chapter 2 · verse 5
Nehemiah 2:5 in Hindi
यदि राजा को भाए, और तू अपने दास से प्रसन्न हो, तो मुझे यहूदा और मेरे पुरखाओं की कबरों के नगर को भेज, ताकि मैं उसे बनाऊं।
Yadi raajaa ko bhaae, aur too apane daas se prasann ho, to mujhe yahoodaa aur mere purakhaaom kee kabarom ke nagar ko bhej, taaki maim use banaaoon.
Nehemiah 2:5 in English
- King James Version (KJV)
- And I said unto the king, If it please the king, and if thy servant have found favour in thy sight, that thou wouldest send me unto Judah, unto the city of my fathers’ sepulchres, that I may build it.
- World English Bible (WEB)
- I said to the king, “If it pleases the king, and if your servant has found favor in your sight, I ask that you would send me to Judah, to the city of my fathers’ tombs, that I may build it.”
- American Standard Version (ASV)
- And I said unto the king, If it please the king, and if thy servant have found favor in thy sight, that thou wouldest send me unto Judah, unto the city of my fathers’ sepulchres, that I may build it.
- Bible in Basic English (BBE)
- And I said to the king, If it is the king's pleasure, and if your servant has your approval, send me to Judah, to the town where the bodies of my fathers are at rest, so that I may take in hand the building of it.
- Darby Translation (DBY)
- And I said to the king, If it please the king, and if thy servant have found favour in thy sight, that thou wouldest send me to Judah, to the city of my fathers' sepulchres, that I may build it.
- Webster's Bible (WBS)
- And I said to the king, If it should please the king, and if thy servant hath found favor in thy sight, that thou wouldst send me to Judah, to the city of my fathers' sepulchers, that I may build it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and say to the king, 'If to the king [it be] good, and if thy servant be pleasing before thee, that thou send me unto Judah, unto the city of the graves of my fathers, and I built it.'
Read in context
- 3तब मैं अत्यन्त डर गया। और राजा से कहा, राजा सदा जीवित रहे! जब वह नगर जिस में मेरे पुरखाओं की कबरें हैं, उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं, तो मेरा मुंह क्यों न उतरे?
- 4राजा ने मुझ से पूछा, फिर तू क्या मांगता है? तब मैं ने स्वर्ग के परमेश्वर से प्रार्थना करके, राजा से कहा;
- 5यदि राजा को भाए, और तू अपने दास से प्रसन्न हो, तो मुझे यहूदा और मेरे पुरखाओं की कबरों के नगर को भेज, ताकि मैं उसे बनाऊं।
- 6तब राजा ने जिसके पास रानी भी बैठी थी, मुझ से पूछा, तू कितने दिन तक यात्रा में रहेगा? और कब लैटेगा? सो राजा मुझे भेजने को प्रसन्न हुआ; और मैं ने उसके लिये एक समय नियुक्त किया।
- 7फिर मैं ने राजा से कहा, यदि राजा को भाए, तो महानद के पार के अधिपतियों के लिये इस आशय की चिटि्ठयां मुझे दी जाएं कि जब तक मैं यहूदा को न महुंचूं, तब तक वे मुझे अपने अपने देश में से होकर जाने दें।
Cross references
- Ruth 2:13 रूत 2:13उस ने कहा, हे मेरे प्रभु, तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे, क्योंकि यद्यपि मैं तेरी दासियों में से किसी के भी बराबर नहीं हूं, तौभी तू ने अपनी दासी के मन में पैठनेवाली बातें कहकर मुझे शान्ति दी है।
- 2 Samuel 14:22 2 शमूएल 14:22तब योआब ने भूमि पर मुंह के बल गिर दण्डवत् कर राजा को आशीर्वाद दिया; और योआब कहने लगा, हे मेरे प्रभु, हे राजा, आज तेरा दास जान गया कि मुझ पर तेरी अनग्रह की दृष्टि है, क्योंकि राजा ने अपने दास की बिनती सुनी है।
- Esther 7:3 एस्तेर 7:3एस्तेर रानी ने उत्तर दिया, हे राजा! यदि तू मुझ पर प्रसन्न है, और राजा को यह स्वीकार हो, तो मेरे निवेदन से मुझे, और मेरे मांगने से मेरे लोगों को प्राणदान मिले।
- Esther 8:5 एस्तेर 8:5तब एस्तेर उठकर राजा के साम्हने खड़ी हुई; और कहने लगी कि यदि राजा को स्वीकार हो और वह मुझ से प्रसन्न है और यह बात उसको ठीक जान पड़े, और मैं भी उसको अच्छी लगती हूँ, तो जो चिटि्ठयां हम्मदाता अगागी के पुत्रा हामान ने राजा के सब प्रान्तों के यहूदियों को नाश करने की युक्ति करके लिखाई थीं, उनको पलटने के लिये लिखा जाए।
- Proverbs 3:4 नीतिवचन 3:4और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।।
- Ezra 5:17 एज्रा 5:17अब यदि राजा को अच्छा लगे तो बाबेल के राजभणडार में इस बात की खोज की जाए, कि राजा कुस्रू ने सचमुच परमेश्वर के भवन के जो यरूशलेम में है बनवाने की आज्ञा दी थी, या नहीं। तब राजा इस विषय में अपनी इच्छा हम को बताए।
- Esther 5:8 एस्तेर 5:8कि यदि राजा मुझ पर प्रसन्न है और मेरा निवेदन सुनना और जो वरदान मैं मांगूं वही देना राजा को स्वीकार हो, तो राजा और हामान कल उस जेवनार में आएं जिसे मैं उनके लिये करूंगी, और कल मैं राजा के इस वचन के अनुसार करूंगी।
- Esther 1:19 एस्तेर 1:19यदि राजा को स्वीकार हो, तो यह आज्ञा निकाले, और फार्सियों और मादियों के कानून में लिखी भी जाए, जिस से कभी बदल न सके, कि रानी वशती राजा क्षयर्ष के सम्मुख फिर कभी आने न पाए, और राजा पटरानी का पद किसी दूसरी को दे दे जो उस से अच्छी हो।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- please · H2895טוֹב ṭôwb
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed
- favour · H3190יָטַב yâṭab
- sight · H6440פָּנִים pânîym
- send · H7971שָׁלַח shâlach
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- city · H5892עִיר ʻîyr
- fathers’ · H1אָב ʼâb
- sepulchres · H6913קֶבֶר qeber
- build · H1129בָּנָה bânâh