Numbers · chapter 28 · verse 6
Numbers 28:6 in Hindi
यह नित्य होमबलि है, जो सीनै पर्वत पर यहोवा का सुखदायक सुगन्धवाला हव्य होने के लिये ठहराया गया।
Yah nity homabali hai, jo seenai parvat par yahovaa kaa sukhadaayak sugandhavaalaa havy hone ke liye thaharaayaa gayaa.
Numbers 28:6 in English
- King James Version (KJV)
- [It is] a continual burnt offering, which was ordained in mount Sinai for a sweet savour, a sacrifice made by fire unto the LORD.
- World English Bible (WEB)
- It is a continual burnt offering which was ordained in Mount Sinai for a pleasant aroma, an offering made by fire to the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- It is a continual burnt-offering, which was ordained in mount Sinai for a sweet savor, an offering made by fire unto Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- It is a regular burned offering, as it was ordered in Mount Sinai, for a sweet smell, an offering made by fire to the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- [it is] the continual burnt-offering which was ordained on mount Sinai for a sweet odour, an offering by fire to Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- [It is] a continual burnt-offering, which was ordained in mount Sinai for a sweet savor, a sacrifice made by fire to the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- a continual burnt-offering, which was made in mount Sinai, for sweet fragrance, a fire-offering to Jehovah;
Read in context
- 4एक बच्चे को भोर को और दूसरे को गोधूलि के समय चढ़ाना;
- 5और भेड़ के बच्चे के पीछे एक चौथाई हीन कूटके निकाले हुए तेल से सने हुए एपा के दसवें अंश मैदे का अन्नबलि चढ़ाना।
- 6यह नित्य होमबलि है, जो सीनै पर्वत पर यहोवा का सुखदायक सुगन्धवाला हव्य होने के लिये ठहराया गया।
- 7और उसका अर्घ प्रति एक भेड़ के बच्चे के संग एक चौथाई हीन हो; मदिरा का यह अर्घ यहोवा के लिये पवित्रास्थान में देना।
- 8और दूसरे बच्चे को गोधूलि के समय चढ़ाना; अन्नबलि और अर्घ समेत भोर के होमबलि की नाई उसे यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देनेवाला हव्य करके चढ़ाना।।
Cross references
- Amos 5:25 आमोस 5:25हे इस्राएल के घराने, तुम जंगल में चालीस वर्ष तक पशुबलि और अन्नबलि क्या मुझी को चढ़ाते रहे?
- 2 Chronicles 31:3 2 इतिहास 31:3फिर उस ने अपनी सम्पत्ति में से राजभाषा को होमबलियों के लिये ठहरा दिया; अर्थत् सबेरे और सांझ की होमबलि और विश्राम और नये चांद के दिनों और नियत समयों की होमबलि के लिये जैसा कि यहोवा की व्यवस्था में लिखा है।
- 2 Chronicles 2:4 2 इतिहास 2:4देख, मैं अपने परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनाने पर हूँ, कि उसे उसके लिये पवित्रा करूं और उसके सम्मुख सुगन्धित धूम जलाऊं, और नित्य भेंट की रोटी उस में रखी जाए; और प्रतिदिन सबेरे और सांझ को, और विश्राम और नये चांद के दिनों में और हमारे परमेश्वर यहोवा के सब नियत पब्ब में होमबलि चढ़ाया जाए। इस्राएल के लिये ऐसी ही सदा की विधि है।
- Ezra 3:4 एज्रा 3:4और उन्हों ने झोपड़ियों के पर्व को माना, जैसे कि लिखा है, और प्रतिदिन के होमबलि एक एक दिन की गिनती और नियम के अनुसार चढ़ाए।
- Exodus 31:18 निर्गमन 31:18जब परमेश्वर मूसा से सीनै पर्वत पर ऐसी बातें कर चुका, तब उस ने उसको अपनी उंगली से लिखी हुई साक्षी देनेवाली पत्थर की दोनों तख्तियां दी।।
- Ezekiel 46:14 यहेजकेल 46:14और प्रति भोर को उसके साथ एक अन्नबलि तैयार करना, अर्थात् एपा का छठवां अंश और मैदा में मिलाने के लिये हीन भर तेल की तिहाई यहोवा के लिये सदा का अन्नबलि नित्य विधि के अनुसार चढ़ाया जाए।
- Exodus 29:38–42 निर्गमन 29:38–42जो तुझे वेदी पर नित्य चढ़ाना होगा वह यह है; अर्थात् प्रतिदिन एक एक वर्ष के दो भेड़ी के बच्चे। एक भेड़ के बच्चे को तो भोर के समय, और दूसरे भेड़ के बच्चे को गोधूलि के समय चढ़ाना। और एक भेड़ के बच्चे के संग हीन की चौथाई कूटके निकाले हुए तेल से सना हुआ एपा का दसवां भाग मैदा, और अर्घ के लिये ही की चौथाई दाखमधु देना। और दूसरे भेड़ के बच्चे को गोधूलि के समय चढ़ाना, और उसके साथ भोर की रीति अनुसार अन्नबलि और अर्घ दोनों देना, जिस से वह सुखदायक सुगन्ध और यहोवा के लिये हवन ठहरे। तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में यहोवा के आगे मिलापवाले तम्बू के द्वार पर नित्य ऐसा ही होमबलि हुआ करे; यह वह स्थान है जिस में मैं तुम लोगों से इसलिये मिला करूंगा, कि तुझ से बातें करूं।
- Psalm 50:8 भजन संहिता 50:8मैं तुझ पर तेरे मेलबलियों के विषय दोष नहीं लगाता, तेरे होमबलि तो नित्य मेरे लिये चढ़ते हैं।
- Leviticus 6:9 लैव्यव्यवस्था 6:9हारून और उसके पुत्रों को आज्ञा देकर यह कह, कि होमबलि की व्यवस्था यह है; अर्थात् होमबलि ईधन के ऊपर रात भर भोर तब वेदी पर पड़ा रहे, और वेदी की अग्नि वेदी पर जलती रहे।
- Exodus 24:18 निर्गमन 24:18तब मूसा बादल के बीच में प्रवेश करके पर्वत पर चढ़ गया। और मूसा पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात रहा।।