Proverbs · chapter 13 · verse 10
Proverbs 13:10 in Hindi
झगड़े रगड़े केवल अंहकार ही से होते हैं, परन्तु जो लोग सम्मति मानते हैं, उनके पास बुद्धि रहती है।
Jhagade ragade keval anhakaar hee se hote haim, parantu jo log sammati maanate haim, unake paas buddhi rahatee hai.
Proverbs 13:10 in English
- King James Version (KJV)
- Only by pride cometh contention: but with the well advised [is] wisdom.
- World English Bible (WEB)
- Pride only breeds quarrels, but wisdom is with people who take advice.
- American Standard Version (ASV)
- By pride cometh only contention; But with the well-advised is wisdom.
- Bible in Basic English (BBE)
- The only effect of pride is fighting; but wisdom is with the quiet in spirit.
- Darby Translation (DBY)
- By pride there only cometh contention; but with the well-advised is wisdom.
- Webster's Bible (WBS)
- Only by pride cometh contention: but with the well-advised [is] wisdom.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A vain man through pride causeth debate, And with the counselled [is] wisdom.
Read in context
- 8प्राण की छुड़ौती मनुष्य का धन है, परन्तु निर्धन घुड़की को सुनता भी नहीं।
- 9धर्मियों की ज्योति आनन्द के साथ रहती है, परन्तु दुष्टों का दिया बुझ जाता है।
- 10झगड़े रगड़े केवल अंहकार ही से होते हैं, परन्तु जो लोग सम्मति मानते हैं, उनके पास बुद्धि रहती है।
- 11निर्धन के पास माल नहीं रहता, परन्तु जो अपने परिश्रम से बटोरता, उसकी बढ़ती होती है।
- 12जब आशा पूरी होने से विलम्ब होता है, तो मन शिथिल होता है, परन्तु जब लालसा पूरी होती है, तब जीवन का वृक्ष लगता है।
Cross references
- Proverbs 19:20 नीतिवचन 19:20सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे।
- Proverbs 12:15–16 नीतिवचन 12:15–16मूढ़ को अपनी ही चाल सीधी जान पड़ती है, परन्तु जो सम्मति मानता, वह बुद्धिमान है। मूढ़ की रिस उसी दिन प्रगट हो जाती है, परन्तु चतुर अपमान को छिपा रखता है।
- 1 Timothy 6:4 1 तीमुथियुस 6:4तो वह अभिमानी हो गया, और कुछ नहीं जानता, बरन उसे विवाद और शब्दों पर तर्क करने का रोग है, जिन से डाह, और झगड़े, और निन्दा की बातें, और बुरे बुरे सन्देह।
- James 4:1 याकूब 4:1तुम में लड़ाइयां और झगड़े कहां से आ गए? क्या उन सुख- विलासों से नहीं जो तुम्हारे अंगों में लड़ते- भिड़ते हैं?
- Proverbs 17:14 नीतिवचन 17:14झगड़े का आरम्भ बान्ध के छेद के समान है, झगड़ा बढ़ने से पहिले उसको छोड़ देता उचित है।
- Luke 22:24 लूका 22:24उन में यह वाद- विवाद भी हुआ; कि हम में से कौन बड़ा समझा जाता है?
- James 3:14–16 याकूब 3:14–16पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना। यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है।
- 3 John 1:9–10 3 यूहन्ना 1:9–10मैं ने मण्डली को कुछ लिखा था; पर दियुत्रिफेस जो उन में बड़ा बनना चाहता है, हमें ग्रहण नहीं करता। सो जब मैं आऊंगा, तो उसके कामों की जो वह कर रहा है सुधि दिलाऊंगा, कि वह हमारे विषय में बुरी बुरी बातें बकता है; और इस पर भी सन्तोष न करके आप ही भाइयों को ग्रहण नहीं करता, और उन्हें जो ग्रहण करना चाहते हैं, मना करता है: और मण्डली से निकाल देता है।
- 1 Kings 12:16 1 राजा 12:16जब सब इस्राएल ने देखा कि राजा हमारी नहीं सुनता, तब वे बोले, कि दाऊद के साथ हमारा क्या अंश? हमारा तो यिशै के पुत्रा में कोई भाग नहीं! हे इस्राएल अपने अपने डेरे को चले जाओ: अब हे दाऊद, अपने ही घराने की चिन्ता कर।
- 2 Kings 14:10 2 राजा 14:10तू ने एदोमियों को जीता तो है इसलिये तू फूल उठा है। उसी पर बड़ाई पारता हुआ घर रह जा; तू अपनी हानि के लिये यहां क्यों हाथ उठाता है, जिस से तू क्या वरन यहूदा भी तीचा खाएगा?
- Proverbs 25:8 नीतिवचन 25:8झगड़ा करने में जल्दी न करना नहीं तो अन्त में जब तेरा पड़ोसी तेरा मुंह काला करे तब तू क्या कर सकेगा?
- Proverbs 20:18 नीतिवचन 20:18सब कल्पनाएं सम्मत्ति ही से स्थिर होती हैं; और युक्ति के साथ युद्ध करना चाहिये।