Proverbs · chapter 17 · verse 14
Proverbs 17:14 in Hindi
झगड़े का आरम्भ बान्ध के छेद के समान है, झगड़ा बढ़ने से पहिले उसको छोड़ देता उचित है।
Jhagade kaa aarambh baandh ke chhed ke samaan hai, jhagadaa badhane se pahile usako chhod detaa uchit hai.
Proverbs 17:14 in English
- King James Version (KJV)
- The beginning of strife [is as] when one letteth out water: therefore leave off contention, before it be meddled with.
- World English Bible (WEB)
- The beginning of strife is like breaching a dam, therefore stop contention before quarreling breaks out.
- American Standard Version (ASV)
- The beginning of strife is [as] when one letteth out water: Therefore leave off contention, before there is quarrelling.
- Bible in Basic English (BBE)
- The start of fighting is like the letting out of water: so give up before it comes to blows.
- Darby Translation (DBY)
- The beginning of contention is [as] when one letteth out water; therefore leave off strife before it become vehement.
- Webster's Bible (WBS)
- The beginning of strife [is as] when one letteth out water: therefore withdraw from contention, before it be meddled with.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The beginning of contention [is] a letting out of waters, And before it is meddled with leave the strife.
Read in context
- 12बच्चा- छीनी- हुई- रीछनी से मिलना तो भला है, परन्तु मूढ़ता में डूबे हुए मूर्ख से मिलना भला नहीं।
- 13जो कोई भलाई के बदले में बुराई करे, उसके घर से बुराई दूर न होगी।
- 14झगड़े का आरम्भ बान्ध के छेद के समान है, झगड़ा बढ़ने से पहिले उसको छोड़ देता उचित है।
- 15जो दोषी को निर्दोष, और जो निर्दोष को दोषी ठहराता है, उन दोनों से यहोवा घृणा करता है।
- 16बुद्धि मोल लेने के लिये मूर्ख अपने हाथ में दाम क्यों लिए हैं? वह उसे चाहता ही नहीं।
Cross references
- Proverbs 20:3 नीतिवचन 20:3मुक में से हाथ उठाना, पुरूष की महिमा ठहरती है; परन्तु सब मूढ़ झगड़ने को तैयार होते हैं।
- Proverbs 25:8 नीतिवचन 25:8झगड़ा करने में जल्दी न करना नहीं तो अन्त में जब तेरा पड़ोसी तेरा मुंह काला करे तब तू क्या कर सकेगा?
- 2 Timothy 2:23–24 2 तीमुथियुस 2:23–24पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं। और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो।
- Ecclesiastes 7:8–9 सभोपदेशक 7:8–9किसी काम के आरम्भ से उसका अन्त उत्तम है; और धीरजवन्त पुरूष गर्वी से उत्तम है। अपने मन में उतावली से क्रोधित न हो, क्योंकि क्रोध मूर्खों ही के हृदय में रहता है।
- 1 Thessalonians 4:11 1 थिस्सलुनीकियों 4:11और जैसी हम ने तुम्हें आज्ञा दी, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना अपना काम काज करने, और अपने अपने हाथों से कमाने का प्रयत्न करो।
- Proverbs 16:32 नीतिवचन 16:32विलम्ब से क्रोध करना वीरता से, और अपने मन को वश में रखना, नगर के जीत लेने से उत्तम है।
- Proverbs 15:1 नीतिवचन 15:1कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है।
- Proverbs 19:11 नीतिवचन 19:11जो मनुष्य बुद्धि से चलता है वह विलम्ब से क्रोध करता है, और अपराध को झुलाना उसको सोहता है।
- 2 Chronicles 13:17 2 इतिहास 13:17और अबिरयाह और उसकी प्रजा ने उन्हें बड़ी मार से मारा, यहां तक कि इस्राएल में से पांच लाख छंटे हुए पुरूष मारे गए।
- Proverbs 26:21 नीतिवचन 26:21जैसा अंगारों में कोयला और आग में लकड़ी होती है, वैसा ही झगड़े के बढ़ाने के लिये झगडालू होता है।
- Matthew 5:39–41 मत्ती 5:39–41परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि बुरे का सामना न करता; परन्तु जो कोई तेरे दहिने गाल पर थप्पड़ मारे, उस की ओर दूसरा भी फेर दे। और यदि कोई तुझ पर नालिश करके तेरा कुरता लेना चाहे, तो उसे दोहर भी ले लेने दे। और जो कोई तुझे कोस भर बेगार में ले जाए तो उसके साथ दो कोस चला जा।
- 2 Chronicles 10:14–16 2 इतिहास 10:14–16जवानों की सम्मति के अनुसार उन से कहा, मेरे पिता ने तो तुम्हारा जूआ भारी कर दिया, परन्तु मैं उसे और भी कठिन कर दूंगा; मेरे पिता ने तो तुम को कोड़ों से ताड़ना दी, परन्तु मैं बिच्छुओं से ताड़ना दूंगा। इस प्रकार राजा ने प्रजा की बिनती न मानी; इसका कारण यह है, कि जो वचन यहोवा ने शीलोवासी अहिरयाह के द्वारा नबात के पुत्रा यारोबाम से कहा था, उसको पूरा करने के लिये परमेश्वर ने ऐसा ही ठहराया था। जब सब इस्राएलियों ने देखा कि राजा हमारी नहीं सुनता, तब वे बोले कि दाऊद के साथ हमारा क्या अंश? हमारा तो यिशै के पुत्रा में कोई भाग नहीं है। हे इस्राएलियो, अपने अपने डेरे को चले जाओ। अब हे दाऊद, अपने ही घराने की चिन्ता कर।