Proverbs · chapter 28 · verse 6
Proverbs 28:6 in Hindi
टेढ़ी चाल चलनेवाले धनी मनुष्य से खराई से चलनेवाला निर्धन पुरूष ही उत्तम है।
Tedhee chaal chalanevaale dhanee manushy se kharaaee se chalanevaalaa nirdhan puroosh hee uttam hai.
Proverbs 28:6 in English
- King James Version (KJV)
- Better [is] the poor that walketh in his uprightness, than [he that is] perverse [in his] ways, though he [be] rich.
- World English Bible (WEB)
- Better is the poor who walks in his integrity than he who is perverse in his ways, and he is rich.
- American Standard Version (ASV)
- Better is the poor that walketh in his integrity, Than he that is perverse in [his] ways, though he be rich.
- Bible in Basic English (BBE)
- Better is the poor man whose ways are upright, than the man of wealth whose ways are not straight.
- Darby Translation (DBY)
- Better is the poor that walketh in his integrity, than he that is perverse, double in ways, though he be rich.
- Webster's Bible (WBS)
- Better [is] the poor that walketh in his uprightness, than [he that is] perverse [in his] ways, though he [is] rich.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Better [is] the poor walking in his integrity, Than the perverse of ways who is rich.
Read in context
- 4जो लोग व्यवस्था को छोड़ देते हैं, वे दुष्ट की प्रशंसा करते हैं, परन्तु व्यवस्था पर चलनेवाले उन से लड़ते हैं।
- 5बुरे लोग न्याय को नहीं समझ सकते, परन्तु यहोवा को ढूंढनेवाले सब कुछ समझते हैं।
- 6टेढ़ी चाल चलनेवाले धनी मनुष्य से खराई से चलनेवाला निर्धन पुरूष ही उत्तम है।
- 7जो व्यवस्था का पालन करता वह समझदार सुपूत होता है, परन्तु उड़ाऊ का संगी अपने पिता का मुंह काला करता है।
- 8जो अपना धन ब्याज आदि बढ़ती से बढ़ाता है, वह उसके लिये बटोरता है जो कंगालों पर अनुग्रह करता है।
Cross references
- Proverbs 19:1 नीतिवचन 19:1जो निर्धन खराई से चलता है, वह उस मूर्ख से उत्तम है जो टेढ़ी बातें बोलता है।
- Luke 16:19–23 लूका 16:19–23एक धनवान मनुष्य था जो बैंजनी कपड़े और मलमल पहिनता और प्रति दिन सुख-विलास और धूम-धाम के साथ रहता था। और लाजर नाम का एक कंगाल घावों से भरा हुआ उस की डेवढ़ी पर छोड़ दिया जाता था। और वह चाहता था, कि धनवान की मेज पर की जूठन से अपना पेट भरे; वरन कुत्ते भी आकर उसके घावों को चाटते थे। और ऐसा हुआ कि वह कंगाल मर गया, और स्वर्गदूतों ने उसे लेकर इब्राहीम की गोद में पहुंचाया; और वह धनवान भी मरा; और गाड़ा गया। और अधोलोक में उस ने पीड़ा में पड़े हुए अपनी आंखें उठाई, और दूर से इब्राहीम की गोद में लाजर को देखा।
- Proverbs 28:18 नीतिवचन 28:18जो सीधाई से चलता है वह बचाया जाता है, परन्तु जो टेढ़ी चाल चलता है वह अचानक गिर पड़ता है।
- Proverbs 19:22 नीतिवचन 19:22मनुष्य कृपा करने के अनुसार चाहने योग्य होता है, और निर्धन जन झूठ बोलनेवाले से उत्तम है।
- Proverbs 16:8 नीतिवचन 16:8अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।
- Acts 24:24–27 प्रेरितों के काम 24:24–27कितने दिनों के बाद फेलिक्स अपनी पत्नी द्रुसिल्ला को, जो यहूदिनी थी, साथ लेकर आया; और पौलुस को बुलवाकर उस विश्वास के विषय में जे मसीह यीशु पर है, उस से सुना। और जब वह धर्म और संयम और आनेवाले न्याय की चर्चा करता था, तो फेलिक्स ने भयमान होकर उत्तर दिया, कि अभी तो जा: अवसर पाकर मैं तुझे फिर बुलाऊंगा। उसे पौलुस से कुछ रूपये मिलने की भी आस थी; इसलिये और भी बुला बुलाकर उस से बातें किया करता था। परन्तु जब दो वर्ष बीत गए, तो पुरकियुस फेस्तुस फेलिक्स की जगह पर आया, और फेलिक्स यहूदियों को खुश करने की इच्छा से पौलुस को बन्धुआ छोड़ गया।।