Proverbs · chapter 16 · verse 8
Proverbs 16:8 in Hindi
अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।
Anyaay ke bade laabh se, nyaay se thodaa hee praapt karanaa uttam hai.
Proverbs 16:8 in English
- King James Version (KJV)
- Better [is] a little with righteousness than great revenues without right.
- World English Bible (WEB)
- Better is a little with righteousness, than great revenues with injustice.
- American Standard Version (ASV)
- Better is a little, with righteousness, Than great revenues with injustice.
- Bible in Basic English (BBE)
- Better is a little with righteousness, than great wealth with wrongdoing.
- Darby Translation (DBY)
- Better is a little with righteousness, than great revenues without right.
- Webster's Bible (WBS)
- Better [is] a little with righteousness, than great revenues without right.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Better [is] a little with righteousness, Than abundance of increase without justice.
Read in context
- 6अधर्म का प्रायश्चित कृपा, और सच्चाई से होता है, और यहोवा के भय मानने के द्वारा मनुष्य बुराई करने से बच जाते हैं।
- 7जब किसी का चालचलन यहोवा को भवता है, तब वह उसके शत्रुओं का भी उस से मेल कराता है।
- 8अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।
- 9मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।
- 10राजा के मुंह से दैवीवाणी निकलती है, न्याय करने में उस से चूक नहीं होती।
Cross references
- Proverbs 15:16 नीतिवचन 15:16घबराहट के साथ बहुत रखे हुए धन से, यहोवा के भय के साथ थोड़ा ही धन उत्तम है,
- Psalm 37:16 भजन संहिता 37:16धर्मी को थोड़ा से माल दुष्टों के बहुत से धन से उत्तम है।
- 1 Timothy 6:6–9 1 तीमुथियुस 6:6–9पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्हीं पर सन्तोष करना चाहिए। पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
- Jeremiah 17:11 यिर्मयाह 17:11जो अन्याय से धन बटोरता है वह उस तीतर के समान होता है जो दूसरी चिड़िया के दिए हुए अंडों को सेती है, उसकी आधी आयु में ही वह उस धन को छोड़ जाता है, और अन्त में वह मूढ़ ही ठहरता है।
- Proverbs 21:6–7 नीतिवचन 21:6–7जो धन झूठ के द्वारा प्राप्त हो, वह वायु से उड़ जानेवाला कुहरा है, उसके ढूंढ़नेवाले मृत्यु ही को ढूंढ़ते हैं। जो उपद्रव दुष्ट लोग करते हैं, उस से उन्हीं का नाश होता है, क्योंकि वे न्याय का काम करने से इनकार करते हैं।
- Micah 6:10 मीका 6:10क्या अब तक दुष्ट के घर में दुष्टता से पाया हुआ धन और छोटा एपा घृणित नहीं है?