Psalms · chapter 107 · verse 34
Psalm 107:34 in Hindi
वह फलवन्त भूमि को नोनी करता है, यह वहां के रहनेवालों की दुष्टता के कारण होता है।
Vah phalavant bhoomi ko nonee karataa hai, yah vahaam ke rahanevaalom kee dushtataa ke kaaran hotaa hai.
Psalm 107:34 in English
- King James Version (KJV)
- A fruitful land into barrenness, for the wickedness of them that dwell therein.
- World English Bible (WEB)
- and a fruitful land into a salt waste, for the wickedness of those who dwell in it.
- American Standard Version (ASV)
- A fruitful land into a salt desert, For the wickedness of them that dwell therein.
- Bible in Basic English (BBE)
- He makes a fertile country into a salt waste, because of the sins of those who are living there.
- Darby Translation (DBY)
- A fruitful land into a plain of salt, for the wickedness of them that dwell therein.
- Webster's Bible (WBS)
- A fruitful land into barrenness, for the wickedness of them that dwell in it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A fruitful land becometh a barren place, For the wickedness of its inhabitants.
Read in context
- 32और सभा में उसको सराहें, और पुरतियों के बैठक में उसकी स्तुति करें।।
- 33वह नदियों को जंगल बना डालता है, और जल के सोतों को सूखी भूमि कर देता है।
- 34वह फलवन्त भूमि को नोनी करता है, यह वहां के रहनेवालों की दुष्टता के कारण होता है।
- 35वह जंगल को जल का ताल, और निर्जल देश को जल के सोते कर देता है।
- 36और वहां वह भूखों को बसाता है, कि वे बसने के लिये नगर तैयार करें;
Cross references
- Genesis 14:3 उत्पत्ति 14:3इन पांचों ने सिद्दीम नाम तराई में, जो खारे ताल के पास है, एका किया।
- Genesis 13:10 उत्पत्ति 13:10तब लूत ने आंख उठाकर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है।
- Ezekiel 47:11 यहेजकेल 47:11परन्तु ताल के पास जो दलदल ओर गड़हे हैं, उनका जल मीठा न होगा; वे खारे ही रहेंगे।
- Deuteronomy 29:23–28 व्यवस्थाविवरण 29:23–28और यह भी देखकर कि इसकी सब भूमि गन्धक और लोन से भर गई है, और यहां तक जल गई है कि इस में न कुछ बोया जाता, और न कुछ जम सकता, और न घास उगती है, वरन सदोम और अमोरा, अदमा और सबोयीम के समान हो गया है जिन्हें यहोवा ने अपने कोप और जलजलाहट में उलट दिया था; और सब जातियों के लोग पूछेंगे, कि यहोवा ने इस देश से ऐसा क्यों किया? और इस बड़े कोप के भड़कने का क्या कारण है? तब लोग यह उत्तर देंगे, कि उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने जो वाचा उनके साथ मि देश से निकालने के समय बान्धी थी उसको उन्हों ने तोड़ा है। और पराए देवताओं की उपासना की है जिन्हें वे पहिले नहीं जानते थे, और यहोवा ने उनको नहीं दिया था; इसलिये यहोवा का कोप इस देश पर भड़क उठा है, कि पुस्तक मे लिखे हुए सब शाप इस पर आ पडें; और यहोवा ने कोप, और जलजलाहट, और बड़ा ही क्रोध करके उन्हें उनके देश में से उखाड़ कर दूसरे देश में फेंक दिया, जैसा कि आज प्रगट है।।
- Genesis 13:13 उत्पत्ति 13:13सदोम के लोग यहोवा के लेखे में बड़े दुष्ट और पापी थे।
- Genesis 19:24–25 उत्पत्ति 19:24–25तब यहोवा ने अपनी ओर से सदोम और अमोरा पर आकाश से गन्धक और आग बरसाई; और उन नगरों को और सम्पूर्ण तराई को, और नगरों को और उस सम्पूर्ण तराई को, और नगरों के सब निवासियों को, भूमि की सारी उपज समेत नाश कर दिया।
- Isaiah 32:13–15 यशायाह 32:13–15मेरे लागों के वरन प्रसन्न नगर के सब हर्ष भरे घरों में भी भांति भांति के कटीले पेड़ उपजेंगे। क्योंकि राजभवन त्यागा जाएगा, कोलाहल से भरा नगर सुनसान हो जाएगा और पहाड़ी और उन पर के पहरूओं के घर सदा के लिये मांदे और जंगली गदहों को विहारस्थान और घरैलू पशुओं की चराई उस समय तक बने रहेंगे जब तक आत्मा ऊपर से हम पर उण्डेला न जाए, और जंगल फलदायक बारी न बने, और फलदायक बारी फिर वन न गिनी जाए।