Psalms · chapter 111 · verse 5
Psalm 111:5 in Hindi
उस ने अपने डरवैयों को आहार दिया है; वह अपनी वाचा को सदा तक स्मरण रखेगा।
Us ne apane daravaiyom ko aahaar diyaa hai; vah apanee vaachaa ko sadaa tak smaran rakhegaa.
Psalm 111:5 in English
- King James Version (KJV)
- He hath given meat unto them that fear him: he will ever be mindful of his covenant.
- World English Bible (WEB)
- He has given food to those who fear him. He always remembers his covenant.
- American Standard Version (ASV)
- He hath given food unto them that fear him: He will ever be mindful of his covenant.
- Bible in Basic English (BBE)
- He has given food to his worshippers; he will keep his agreement in mind for ever.
- Darby Translation (DBY)
- He hath given meat unto them that fear him; he is ever mindful of his covenant.
- Webster's Bible (WBS)
- He hath given food to them that fear him: he will ever be mindful of his covenant.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Prey He hath given to those fearing Him, He remembereth to the age His covenant.
Read in context
- 3उसके काम का विभवमय और ऐश्वरर्यमय होते हैं, और उसका धन सदा तक बना रहेगा।
- 4उस ने अपने आश्चर्यकर्मों का स्मरण कराया है; यहोवा अनुग्रहकारी और दयावन्त है।
- 5उस ने अपने डरवैयों को आहार दिया है; वह अपनी वाचा को सदा तक स्मरण रखेगा।
- 6उस ने अपनी प्रजा को अन्यजातियों का भाग देने के लिये, अपने कामों का प्रताप दिखाया है।
- 7सच्चाई और न्याय उसके हाथों के काम हैं; उसके सब उपदेश विश्वासयोग्य हैं,
Cross references
- Psalm 105:8 भजन संहिता 105:8वह अपनी वाचा को सदा स्मरण रखता आया है, यह वही वचन है जो उस ने हजार पीढ़ीयों के लिये ठहराया है;
- Luke 1:72 लूका 1:72कि हमारे बाप- दादों पर दया करके अपनी पवित्रा वाचा का स्मरण करे।
- Nehemiah 1:5 नहेमायाह 1:5हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर! तू जो अपने प्रेम रखनेवाले और आज्ञा माननेवाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करूणा करता है;
- Psalm 106:45 भजन संहिता 106:45और उनके हित अपनी वाचा को स्मरण करके अपनी अपार करूणा के अनुसार तरस खाया,
- Matthew 6:26–33 मत्ती 6:26–33आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। तुम में कौन है, जो चिन्ता करके अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है? और वस्त्रा के लिये क्यों चिन्ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं। तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे विभव में उन में से किसी के समान वस्त्रा पहिने हुए न था। इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्रा पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा? इसलिये तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए। इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
- Psalm 89:34 भजन संहिता 89:34मैं अपनी वाचा न तोडूंगा, और जो मेरे मुंह से निकल चुका है, उसे न बदलूंगा।
- Daniel 9:4 दानिय्येल 9:4मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा से इस प्रकार प्रार्थना की और पाप का अंगीकार किया, हे प्रभु, तू महान और भययोग्य परमेश्वर है, जो अपने प्रेम रखने और आज्ञा माननेवालों के साथ अपनी वाचा को पूरा करता और करूणा करता रहता है,
- Luke 12:30 लूका 12:30क्योंकि संसार की जातियां इन सब वस्तुओं की खोज में रहती हैं: और तुम्हारा पिता जानता है, कि तुम्हें इन वस्तुओं की आवश्यकता है।
- Isaiah 33:16 यशायाह 33:16वह चट्टानों के गढ़ों में शरण लिए हुए रहेगा; उसको रोटी मिलेगी और पानी की घटी कभी न होगी।।
- Psalm 34:9–10 भजन संहिता 34:9–10ृहे यहोवा के पवित्रा लोगो, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती! जवान सिहों को तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी।।
- Psalm 37:3 भजन संहिता 37:3यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह।