Psalms · chapter 145 · verse 5
Psalm 145:5 in Hindi
मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
Maim tere aishvary kee mahimaa ke prataap par aur tere bhaanti bhaanti ke aashcharyakarmom par dhyaan karoongaa.
Psalm 145:5 in English
- King James Version (KJV)
- I will speak of the glorious honour of thy majesty, and of thy wondrous works.
- World English Bible (WEB)
- I will meditate on the glorious majesty of your honor, on your wondrous works.
- American Standard Version (ASV)
- Of the glorious majesty of thine honor, And of thy wondrous works, will I meditate.
- Bible in Basic English (BBE)
- My thoughts will be of the honour and glory of your rule, and of the wonder of your works.
- Darby Translation (DBY)
- I will speak of the glorious splendour of thy majesty, and of thy wondrous works.
- Webster's Bible (WBS)
- I will speak of the glorious honor of thy majesty, and of thy wondrous works.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The honour — the glory of Thy majesty, And the matters of Thy wonders I declare.
Read in context
- 3यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।।
- 4तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा।
- 5मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
- 6लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा।
- 7लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण करके उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।।
Cross references
- Isaiah 12:4 यशायाह 12:4और उस दिन तुम कहोगे, यहोवा की स्तुति करो, उस से प्रार्थना करो; सब जातियों में उसके बड़े कामों का प्रचार करो, और कहो कि उसका नाम महान है।।
- Psalm 119:27 भजन संहिता 119:27अपने उपदेशों का मार्ग मुझे बता, तब मैं तेरे आश्यर्चकर्मों पर ध्यान करूंगा।
- Psalm 72:18 भजन संहिता 72:18धन्य है, यहोवा परमेश्वर जो इस्राएल का परमेश्वर है; आश्चर्य कर्म केवल वही करता है।
- Psalm 40:9–10 भजन संहिता 40:9–10मैं ने बड़ी सभा में धर्म के शुभ समाचार का प्रचार किया है; देख, मैं ने अपना मुंह बन्द नहीं किया हे यहोवा, तू इसे जानता है। मैं ने तेरा धर्म मन ही में नहीं रखा; मैं ने तेरी सच्चाई और तेरे किए हुए उधार की चर्चा की है; मैं ने तेरी करूणा और सत्यता बड़ी सभा से गुप्त नहीं रखी।।
- Daniel 4:37 दानिय्येल 4:37अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है।।
- Psalm 105:2 भजन संहिता 105:2उसके लिये गीत गाओ, उसके लिये भजन गाओ, उसके सब आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करो!
- Daniel 4:1–3 दानिय्येल 4:1–3नबूकदनेस्सर राजा की ओर से देश- देश और जाति जाति के लोगों, और भिन्न- भिन्न भाषा बोलनेवाले जितने सारी पृथ्वी पर रहते हैं, उन सभों को यह वचन मिला, तुम्हारा कुशल क्षेम बएे़! मुझे यह अच्छा लगा, कि परमप्रधान परमेश्वर ने मुझे जो जो चिन्ह और चमत्कार दिखाए हैं, उनको प्रगट करूं। उसके दिखाए हुए चिन्ह क्या ही बड़े, और उसके चमत्कारों में क्या ही बड़ी शक्ति प्रगट होती है! उसका राज्य तो सदा का और उसकी प्रभुता पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।।
- Psalm 104:1–2 भजन संहिता 104:1–2हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह! हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू अत्यन्त महान है! तू विभव और ऐश्वर्य का वस्त्रा पहिने हुए है, जो उजियाले को चादर की नाई ओढ़े रहता है, और आकाश को तम्बू के समान ताने रहता है,
- Psalm 71:24 भजन संहिता 71:24और मैं तेरे धर्म की चर्चा दिन भर करता रहूंगा; क्योंकि जो मेरी हानि के अभिलाषी थे, उनकी आशा टूट गई और मुंह काले हो गए हैं।।
- Psalm 71:17–19 भजन संहिता 71:17–19हे परमेश्वर, तू तो मुझ को बचपन ही से सिखाता आया है, और अब तक मैं तेरे आश्चर्य कर्मों का प्रचार करता आया हूं। इसलिये हे परमेश्वर जब मैं बूढ़ा हो जाऊं और मेरे बाल पक जाएं, तब भी तू मुझे न छोड़, जब तक मैं आनेवाली पीढ़ी के लोगों को तेरा बाहुबल और सब उत्पन्न होनेवालों को तेरा पराक्रम सुनाऊं। और हे परमेश्वर, तेरा धर्म अति महान है।। तू जिस ने महाकार्य किए हैं, हे परमेवर तेरे तुल्य कौन है?
- Psalm 66:3–4 भजन संहिता 66:3–4परमेश्वर से कहो, कि तेरे काम क्या ही भयानक हैं! तेरी महासामर्थ्य के कारण तेरे शत्रु तेरी चापलूसी करेंगे। सारी पृथ्वी के लोग तुझे दण्डवत् करेंगे, और तेरा भजन गाएंगे; वे तेरे नाम का भजन गाएंगे।।
- Psalm 96:3 भजन संहिता 96:3अन्य जातियों में उसकी महिमा का, और देश देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो।