Psalms · chapter 19 · verse 13
Psalm 19:13 in Hindi
तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।।
Too apane daas ko dhithaaee ke paapom se bhee bachaae rakh; vah mujh par prabhutaa karane na paaem! Tab maim siddh ho jaaoongaa, aur bade aparaadhom se bachaa rahoongaa..
Psalm 19:13 in English
- King James Version (KJV)
- Keep back thy servant also from presumptuous [sins;] let them not have dominion over me: then shall I be upright, and I shall be innocent from the great transgression.
- World English Bible (WEB)
- Keep back your servant also from presumptuous sins. Let them not have dominion over me. Then I will be upright. I will be blameless and innocent of great transgression.
- American Standard Version (ASV)
- Keep back thy servant also from presumptuous [sins]; Let them not have dominion over me: Then shall I be upright, And I shall be clear from great transgression.
- Bible in Basic English (BBE)
- Keep your servant back from sins of pride; let them not have rule over me: then will I be upright and free from great sin.
- Darby Translation (DBY)
- Keep back thy servant also from presumptuous [sins]; let them not have dominion over me: then shall I be perfect, and I shall be innocent from great transgression.
- Webster's Bible (WBS)
- Keep back thy servant also from presumptuous [sins] ; let them not have dominion over me: then shall I be upright, and I shall be innocent from the great transgression.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Also — from presumptuous ones keep back Thy servant, Let them not rule over me, Then am I perfect, And declared innocent of much transgression,
Read in context
- 11और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
- 12अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्रा कर।
- 13तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।।
- 14मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करनेवाले!
Cross references
- Psalm 119:133 भजन संहिता 119:133मेरे पैरों को अपने वचन के मार्ग पर स्थिर कर, और किसी अनर्थ बात को मुझ पर प्रभुता न करने दे।
- Romans 6:12–14 रोमियों 6:12–14इसलिये पाप तुम्हारे मरनहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के अधीन रहो। और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमशॆवर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो। और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं बरन अनुग्रह के आधीन हो।।
- Psalm 7:10 भजन संहिता 7:10मेरी ढाल परमेश्वर के हाथ में है, वह सीधे मनवालों को बचाता है।।
- Psalm 84:11 भजन संहिता 84:11क्योंकि यहोवा परमेश्वर सूर्य और ढाल है; यहोवा अनुग्रह करेगा, और महिमा देगा; और जो लोग खरी चाल चलते हैं; उन से वह कोई अच्छा पदार्थ रख न छोड़ेगा।
- Acts 24:16 प्रेरितों के काम 24:16इस से मैं आप भी यतन करता हूं, कि परमेश्वर की, और मनुष्यों की ओर मेरा विवेक सदा निर्दोष रहे।
- 1 Samuel 25:39 1 शमूएल 25:39नाबाल के मरने का हाल सुनकर दाऊद ने कहा, धन्य है यहोवा जिस ने नाबाल के साथ मेरी नामधराई का मुक मा लड़कर अपने दास को बुराई से रोक रखा; और यहोवा ने नाबाल की बुराईको उसी के सिर पर लाद दिया है। तब दाऊद ने लोगों को अबीगैल के पास इसलिये भेजा कि वे उस से उसकी पत्नी होने की बातचीत करें।
- Deuteronomy 17:12–13 व्यवस्थाविवरण 17:12–13और जो मनुष्य अभिमान करके उस याजक की, जो वहां तेरे परमेश्वर यहोवा की सेवा टहल करने को उपस्थित रहेगा, न माने, वा उस न्यायी की न सुने, तो वह मनुष्य मार डाला जाए; इस प्रकार तू इस्राएल में से ऐसी बुराई को दूर कर देना। इस से सब लोग सुनकर डर जाएंगे, और फिर अभिमान नहीं करेंगे।।
- Genesis 20:6 उत्पत्ति 20:6परमेश्वर ने उस से स्वप्न में कहा, हां, मैं भी जानता हूं कि अपने मन की खराई से तू ने यह काम किया है और मैं ने तुझे रोक भी रखा कि तू मेरे विरूद्ध पाप न करे: इसी कारण मैं ने तुझ को उसे छूने नहीं दिया।
- 2 Peter 2:10 2 पतरस 2:10निज करके उन्हें जो अशुद्ध अभिलाषाओं के पीछे शरीर के अनुसार चलते, और प्रभुता को तुच्छ जानते हैं: वे ढीठ, और हठी हैं, और ऊंचे पदवालों को बुरा भला कहने से नहीं डरते।
- Psalm 18:23 भजन संहिता 18:23और मैं उसके सम्मुख सिद्ध बना रहा, और अधर्म से अपने को बचाए रहा।
- Exodus 21:14 निर्गमन 21:14परन्तु यदि कोई ढिठाई से किसी पर चढ़ाई करके उसे छल से घात करे, तो उसको मार ढालने के लिये मेरी वेदी के पास से भी अलग ले जाना।।
- Romans 6:16–22 रोमियों 6:16–22क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों की नाईं सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धार्मिकता है? परन्तु परमशॆवर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के माननेवाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे। और पाप से छुड़ाए जाकर धर्म के दास हो गए। मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास करके सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्राता के लिये धर्म के दास करके सौंप दो। जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्वतंत्रा थे। सो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे? क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्रा होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्राता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।