Psalms · chapter 3 · verse 1
Psalm 3:1 in Hindi
हे यहोवा मेरे सतानेवाले कितने बढ़ गए हैं! वह जो मेरे विरूद्ध उठते हैं बहुत हैं।
He yahovaa mere sataanevaale kitane badh gae haim! Vah jo mere virooddh uthate haim bahut hain.
Psalm 3:1 in English
- King James Version (KJV)
- A Psalm of David, when he fled from Absalom his son. LORD, how are they increased that trouble me! many [are] they that rise up against me.
- World English Bible (WEB)
- A Psalm by David, when he fled from Absalom his son. LORD, how my adversaries have increased! Many are those who rise up against me.
- American Standard Version (ASV)
- A Psalm of David, when he fled from Absalom his son. Jehovah, how are mine adversaries increased! Many are they that rise up against me.
- Bible in Basic English (BBE)
- A Psalm. Of David. When he went in flight from Absalom his son. Lord, how greatly are they increased who make attacks on me! in great numbers they come against me.
- Darby Translation (DBY)
- A Psalm of David, when he fled from Absalom his son. Jehovah, how many are they that trouble me, many they that rise up against me!
- Webster's Bible (WBS)
- A Psalm of David, when he fled from Absalom his son. LORD, how are they multiplied that trouble me? many [are] they that rise up against me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A Psalm of David, in his fleeing from the face of Absalom his son. Jehovah, how have my distresses multiplied! Many are rising up against me.
Read in context
- 1हे यहोवा मेरे सतानेवाले कितने बढ़ गए हैं! वह जो मेरे विरूद्ध उठते हैं बहुत हैं।
- 2बहुत से मेरे प्राण के विषय में कहते हैं, कि उसका बचाव परमेश्वर की आरे से नहीं हो सकता।
- 3परन्तु हे यहोवा, तू तो मेरे चारों ओर मेरी ढ़ाल है, तू मेरी महिमा और मेरे मस्तिष्क का ऊंचा करनेवाला है।
Cross references
- Psalm 17:7 भजन संहिता 17:7तू जो अपने दहिने हाथ के द्वारा अपने शरणगतों को उनके विरोधियों से बचाता है, अपनी अद्भुत करूणा दिखा।
- 2 Samuel 17:11–13 2 शमूएल 17:11–13इसलिये मेरी सम्मति यह है कि दान से लेकर बेर्शेबा तक रहनेवाले समस्त इस्राएली तेरे पास समुद्रतीर की बालू के किनकों के समान अकट्ठे किए जाए, और तू आप ही युठ्ठ को जाए। और जब हम उसको किसी न किसी स्थान में जहां वह मिले जा पकड़ेंगे, तब जैसे ओस भूमि पर गिरती है वैसे ही हम उस पर टूट पड़ेंगे; तब न तो वह बचेगा, और न उसके संगियों में से कोई बचेगा। और यदि वह किसी नगर में घुसा हो, तो सब इस्राएली उस नगर के पास रस्सियां ले आएंगे, और हम उसे नाले में खींचेंगे, यहां तक कि उसका एक छोटा सा पत्थर भी न रह जाएगा।
- 2 Samuel 16:15 2 शमूएल 16:15अबशालोम सब इस्राएली लोगों समेत यरूशलेम को आया, और उसके संग अहीतोपेल भी आया।
- 2 Samuel 15:1–18 2 शमूएल 15:1–18इसके बाद अबशालोम ने रथ और घोड़े, और अपते आगे आगे दौड़नेवाले पचास मनुष्य रख लिए। और अबशालोम सवेरे उठकर फाटक के मार्ग के पास ख्ड़ा हाआ करता था; और जब जब कोई मु ई राजा के पास न्याय के लिये आता, तब तब अबशालोम उसको पुकारके पूछता था, तू किय नगर से आता है? और वह कहता था, कि तेरा दास इस्राएल के फुलाने गोत्रा का है। तब अबशालोम उस से कहता था, कि सुन, तेरा पक्ष तो ठीक और न्याय का है; परन्तु राजा की ओर से तेरी युननेवाला कोई नहीं है। फिर अबशालोम यह भी कहा करता था, कि भला होता कि मैं इस देश में न्यायी ठहराया जाता! कि जितने मुक मावाले होते वे सब मेरे ही पास आते, और मैं उनका न्याय चुकाता। फिर जब कोई उसे दणडवत् करने को निकट आता, तब वह हाथ बढ़ाकर उसको पकड़के चूम लेता था। और जितने इस्राएली राजा के पास अपना मुक मा तै करने को आते उन सभों से अबशालोम ऐसा ही व्यवहार किया करता था; इस प्रकार अबशालोम ने इस्राएली मनुष्यों के मन को हर लिया। चार वर्ष के बीतने पर अबशालोम ने राजा से कहा, मुझे हेब्रोन जाकर अपनी उस मन्नत को पूरी करने दे, जो मैं ने यहोवा की मानी है। तेरा दास तो जब आराम के गशूर में रहता था, तब यह कहकर यहोवा की मन्नत मानी, कि यदि यहोवा मुझे सचमुच यरूशलेम को लौटा ले जाए, तो मैं यहोवा की उपासना करूंगा। राजा ने उस से कहा, कुशल क्षेम से जा। और वह चलकर हेब्रोन को गया। तब अबशालोम ने इस्राएल के समस्त गोत्रों में यह कहने के लिये भेदिए भेजे, कि जग नरसिंगे का शब्द तुम को सुन पड़े, तब कहना, कि अबशालोम हेब्रोन में राजा हुआ! और अबशालोम के संग दो सौ नेवतहारी यरूशलेम से गए; वे सीधे मन से उसका भेद बिना जाने गए। फिर जब अबशालोम का यज्ञ हुआ, तब उस ने गीलोवासी अहीतोपेल को, जो दाऊद का मंत्री था, बुलवा भेजा कि वह अपने नगर गीलो से आए। और राजद्रोह की गोष्ठी ने बल पकड़ा, क्योंकि अबशालोम के पक्ष के लोग बराबर बढ़ते गए। तब किसी ने दाऊद के पास जाकर यह समाचार दिया, कि इस्राएली मनुष्यों के मन अबशालोम की ओर हो गए हैं। तब दाऊद ने अपने सब कर्मचारियों से जो यरूशलेम में उसके संग थे कहा, आओ, हम भाग चलें; नहीं तो हम में से कोर्ह भी अबशालोम से न बचेगा; इसलिये फुत करते चले चलो, ऐसा न हो कि वह फुत करके हमें आ घेरे, और हमारी हानि करे, और इस नगर को तलवार से मार ले। राजा के कर्मचारियों ने उस से कहा, जैसा हमारे प्रभु राजा को अच्छा जान पडे, वैसा ही करने के लिये तेरे दास तैयार हैं। तब राजा निकल गया, और उसके पीछे उसका समस्त घराना निकला। और राजा दस रखेलियों को भवन की चौकसी करने के लिये छोड़ गया। और राजा निकल गया, और उसके पीछे सब लोग निकले; और वे बेतमेर्हक में ठहर गए। और उसके सब कर्मचारी उसके पास से होकर आगे गए; और सब करेती, और सब पलेती, और सब गती, अर्थात् जो छे सौ पुरूष गत से उसके पीछे हो लिए थे वे सब राजा के साम्हने से होकर आगे चले।
- Matthew 27:25 मत्ती 27:25सब लोगों ने उत्तर दिया, कि इस का लोहू हम पर और हमारी सन्तान पर हो।
- Matthew 10:21 मत्ती 10:21भाई, भाई को और पिता पुत्रा को, घात के लिये सौंपेंगे, और लड़केबाले माता- पिता के विरोध में उठकर उन्हें मरवा डालेंगे।