Psalms · chapter 42 · verse 1
Psalm 42:1 in Hindi
जैसे हरिणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही, हे परमेश्वर, मैं तेरे लिये हांफता हूं।
Jaise harinee nadee ke jal ke liye haamphatee hai, vaise hee, he parameshvar, maim tere liye haamphataa hoon.
Psalm 42:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician, Maschil, for the sons of Korah. As the hart panteth after the water brooks, so panteth my soul after thee, O God.
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician. A contemplation by the sons of Korah. As the deer pants for the water brooks, so my soul pants after you, God.
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician. Maschil of the sons of Korah. As the hart panteth after the water brooks, So panteth my soul after thee, O God.
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker. Maschil. Of the sons of Korah. Like the desire of the roe for the water-streams, so is my soul's desire for you, O God.
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician. An instruction; of the sons of Korah. As the hart panteth after the water-brooks, so panteth my soul after thee, O God.
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician, Maschil, for the sons of Korah. As the hart panteth after the water brooks, so my soul panteth after thee, O God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer. — An Instruction. By sons of Korah. As a hart doth pant for streams of water, So my soul panteth toward Thee, O God.
Read in context
- 1जैसे हरिणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही, हे परमेश्वर, मैं तेरे लिये हांफता हूं।
- 2जीवते ईश्वर परमेश्वर का मैं प्यासा हूं, मैं कब जाकर परमेश्वर को अपना मुंह दिखाऊंगा?
- 3मेरे आंसू दिन और रात मेरा आहार हुए हैं; और लोग दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
Cross references
- Psalm 63:1–2 भजन संहिता 63:1–2हे परमेश्वर, तू मेरा ईश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूंढूंगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है। इस प्रकार से मैं ने पवित्रास्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं।
- Psalm 143:6–7 भजन संहिता 143:6–7मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हूए हूं; सूखी भूमि की नाईं मैं तेरा प्यासा हूं।। हे यहोवा, फुर्ती करके मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कबर में पड़े हुओं के समान हो जाऊं।
- Psalm 119:131 भजन संहिता 119:131मैं मुंह खोलकर हांफने लगा, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं का प्यासा था।
- Isaiah 26:8–9 यशायाह 26:8–9हे यहोवा, तेरे न्याय के मार्ग में हम लोग तेरी बाट जोहते आए हैं; तेरे नाम के स्मरण की हमारे प्राणों में लालसा बनी रहती है। रात के समय मैं जी से तरी लालसा करता हूं, मेरा सम्पूर्ण मन से यत्न के साथ तुझे ढूंढ़ता है। क्योंकि जब तेरे न्याय के काम पृथ्वी पर प्रगट होते हैं, तब जगत के रहनेवाले धर्म की सीखते हैं।
- Psalm 84:1–2 भजन संहिता 84:1–2हे सेनाओं के यहोवा, तेरे निवास क्या ही प्रिय हैं! मेरा प्राण यहोवा के आंगनों की अभिलाषा करते करते मूर्र्छित हो चला; मेरा तन मन दोंनो जीवते ईश्वर को पुकार रहे।।
- Psalm 48:1 भजन संहिता 48:1हमारे परमेश्वर के नगर में, और अपने पवित्रा पर्वत पर यहोवा महान् और अति स्तुति के योग्य है!
- Psalm 46:1 भजन संहिता 46:1परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक।
- Psalm 85:1 भजन संहिता 85:1हे यहोवा, तू अपने देश पर प्रसन्न हुआ, याकूब को बन्धुआई से लौटा ले आया है।
- Psalm 45:1 भजन संहिता 45:1मेरा हृदय एक सुन्दर विषय की उमंग से उमण्ड रहा है, जो बात मैं ने राजा के विषय रची है उसको सुनाता हूं; मेरी जीभ निपुण लेखक की लेखनी बनी है।
- Psalm 47:1 भजन संहिता 47:1हे देश देश के सब लोगों, तालियों बजाओ! ऊंचे शब्द से परमेश्वर के लिये जयजयकार करो!
- Psalm 44:1 भजन संहिता 44:1हे परमेश्वर हम ने अपने कानों से सुना, हमारे बापदादों ने हम से वर्णन किया है, कि तू ने उनके दिनों में और प्राचीनकाल में क्या क्या काम किए हैं।
- Psalm 49:1 भजन संहिता 49:1हे देश देश के सब लोगों यह सुनो! हे संसार के सब निवासियों, कान लगाओ!