Psalms · chapter 42 · verse 3
Psalm 42:3 in Hindi
मेरे आंसू दिन और रात मेरा आहार हुए हैं; और लोग दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
Mere aansoo din aur raat meraa aahaar hue haim; aur log din bhar mujh se kahate rahate haim, teraa parameshvar kahaam hai?
Psalm 42:3 in English
- King James Version (KJV)
- My tears have been my meat day and night, while they continually say unto me, Where [is] thy God?
- World English Bible (WEB)
- My tears have been my food day and night, while they continually ask me, “Where is your God?”
- American Standard Version (ASV)
- My tears have been my food day and night, While they continually say unto me, Where is thy God?
- Bible in Basic English (BBE)
- My tears have been my food day and night, while they keep saying to me, Where is your God?
- Darby Translation (DBY)
- My tears have been my bread day and night, while they say unto me all the day, Where is thy God?
- Webster's Bible (WBS)
- My tears have been my food day and night, while they continually say to me, Where [is] thy God?
- Young's Literal Translation (YLT)
- My tear hath been to me bread day and night, In their saying unto me all the day, 'Where [is] thy God?'
Read in context
- 1जैसे हरिणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही, हे परमेश्वर, मैं तेरे लिये हांफता हूं।
- 2जीवते ईश्वर परमेश्वर का मैं प्यासा हूं, मैं कब जाकर परमेश्वर को अपना मुंह दिखाऊंगा?
- 3मेरे आंसू दिन और रात मेरा आहार हुए हैं; और लोग दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
- 4मैं भीड़ के संग जाया करता था, मैं जयजयकार और धन्यवाद के साथ उत्सव करनेवाली भीड़ के बीच में परमेश्वर के भवन को धीरे धीरे जाया करता था; यह स्मरण करके मेरा प्राण शोकित हो जाता है।
- 5हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
Cross references
- Psalm 79:10 भजन संहिता 79:10अनयजातियां क्यों कहने पाएं कि उनका परमेश्वर कहां रहा? अन्यजातियों के बीच तेरे दासों के खून का पलटा लेना हमारे देखते उन्हें मालूम हो जाए।।
- Psalm 115:2 भजन संहिता 115:2जाति जाति के लोग क्यों कहने पांए, कि उनका परमेश्वर कहां रहा?
- Joel 2:17 योएल 2:17याजक जो यहोवा के टहलुए हैं, वे आंगल और वेदी के बीच में रो रोकर कहें, हे यहोवा अपनी प्रजा पर तरस खा; और अपने निज भाग की नामधराई न होने दे; न अन्यजातियां उसकी उपमा देने पाएं। जाति जाति के लोग आपस में क्यां कहने पाएं, कि उनका परमेश्वर कहां रहा?
- Psalm 42:10 भजन संहिता 42:10मेरे सतानेवाले जो मेरी निन्दा करते हैं मानो उस में मेरी हडि्डयां चूर चूर होती हैं, मानो कटार से छिदी जाती हैं, क्योंकि वे दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
- Psalm 80:5 भजन संहिता 80:5तू ने आंसुओं को उनका आहार कर दिया, और मटके भर भरके उन्हें आंसु पिलाए हैं।
- Psalm 102:9 भजन संहिता 102:9क्योंकि मैं ने रोटी की नाईं राख खाईं और आंसू मिलाकर पानी पीता हूं।
- Psalm 79:12 भजन संहिता 79:12और हे प्रभु, हमारे पड़ोसियों ने जो तेरी निन्दा की है, उसका सातगुणा बदला उनको दे!
- Micah 7:10 मीका 7:10तब मेरी बैरिन जो मुझ से यह कहती है कि तेरा परमेश्वर यहोवा कहां रहा, वह भी उसे देखेगी और लज्जा से मुंह ढांपेगी। मैं अपनी आंखों से उसे देखूंगा; तब वह सड़कों की कीच की नाईं लताड़ी जाएगी।।
- 2 Samuel 16:12 2 शमूएल 16:12कदाचित् यहोवा इस उपद्रव पर, जो मुझ पर हो रहा है, दृष्टि करके आज के शाप की सन्ती मुझे भला बदला दे।
- Psalm 3:2 भजन संहिता 3:2बहुत से मेरे प्राण के विषय में कहते हैं, कि उसका बचाव परमेश्वर की आरे से नहीं हो सकता।
- Psalm 22:8 भजन संहिता 22:8कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है।