Psalms · chapter 5 · verse 12
Psalm 5:12 in Hindi
क्योंकि तू धर्मी को आशिष देगा; हे यहोवा, तू उसको अपने अनुग्रहरूपी ढाल से घेरे रहेगा॥
Kyonki too dharmee ko aashish degaa; he yahovaa, too usako apane anugraharoopee dhaal se ghere rahegaa
Psalm 5:12 in English
- King James Version (KJV)
- For thou, LORD, wilt bless the righteous; with favour wilt thou compass him as [with] a shield.
- World English Bible (WEB)
- For you will bless the righteous. LORD, you will surround him with favor as with a shield.
- American Standard Version (ASV)
- For thou wilt bless the righteous; O Jehovah, thou wilt compass him with favor as with a shield.
- Bible in Basic English (BBE)
- For you, Lord, will send a blessing on the upright man; your grace will be round him, and you will be his strength.
- Darby Translation (DBY)
- For thou, Jehovah, wilt bless the righteous [man]; with favour wilt thou surround him as [with] a shield.
- Webster's Bible (WBS)
- For thou, LORD, wilt bless the righteous; with favor wilt thou compass him as [with] a shield.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For Thou blessest the righteous, O Jehovah, As a buckler with favour dost compass him!
Read in context
- 10हे परमेश्वर तू उन को दोषी ठहरा; वे अपनी ही युक्तियों से आप ही गिर जाएं; उन को उनके अपराधों की अधिकाई के कारण निकाल बाहर कर, क्योंकि उन्होंने तुझ से बलवा किया है॥
- 11परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों।
- 12क्योंकि तू धर्मी को आशिष देगा; हे यहोवा, तू उसको अपने अनुग्रहरूपी ढाल से घेरे रहेगा॥
Cross references
- Psalm 84:11 भजन संहिता 84:11क्योंकि यहोवा परमेश्वर सूर्य और ढाल है; यहोवा अनुग्रह करेगा, और महिमा देगा; और जो लोग खरी चाल चलते हैं; उन से वह कोई अच्छा पदार्थ रख न छोड़ेगा।
- Psalm 32:10 भजन संहिता 32:10दुष्ट को तो बहुत पीड़ा होगी; परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा।
- Psalm 115:13 भजन संहिता 115:13क्या छोटे क्या बड़े जितने यहोवा के डरवैये हैं, वह उन्हें आशीष देगा।।
- Psalm 1:1–3 भजन संहिता 1:1–3क्या ही धन्य है वह पुरूष जो दुष्टों की युक्ति पर नहीं चलता, और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता; और न ठट्ठा करनेवालों की मण्डली में बैठता है! परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है। वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।।
- Psalm 112:1 भजन संहिता 112:1याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
- Psalm 32:7 भजन संहिता 32:7तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।।
- Psalm 29:11 भजन संहिता 29:11यहोवा अपनी प्रजा को बल देगा; यहोवा अपनी प्रजा को शान्ति की आशीष देगा।।
- Psalm 3:3 भजन संहिता 3:3परन्तु हे यहोवा, तू तो मेरे चारों ओर मेरी ढ़ाल है, तू मेरी महिमा और मेरे मस्तिष्क का ऊंचा करनेवाला है।
- Psalm 3:8 भजन संहिता 3:8उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्रजा पर हो।।