Psalms · chapter 51 · verse 6
Psalm 51:6 in Hindi
देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
Dekh, too hruday kee sachchaaee se prasann hotaa hai; aur mere man hee mem jnyaan sikhaaegaa.
Psalm 51:6 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, thou desirest truth in the inward parts: and in the hidden [part] thou shalt make me to know wisdom.
- World English Bible (WEB)
- Behold, you desire truth in the inward parts. You teach me wisdom in the inmost place.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, thou desirest truth in the inward parts; And in the hidden part thou wilt make me to know wisdom.
- Bible in Basic English (BBE)
- Your desire is for what is true in the inner parts: in the secrets of my soul you will give me knowledge of wisdom.
- Darby Translation (DBY)
- Behold, thou wilt have truth in the inward parts; and in the hidden [part] thou wilt make me to know wisdom.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, thou desirest truth in the inward parts: and in the hidden [part] thou shalt make me to know wisdom.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, truth Thou hast desired in the inward parts, And in the hidden part Wisdom Thou causest me to know.
Read in context
- 4मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
- 5देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।।
- 6देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
- 7जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्रा हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
- 8मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं।
Cross references
- Psalm 15:2 भजन संहिता 15:2वह जो खराई से चलता और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है;
- 1 Samuel 16:7 1 शमूएल 16:7परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।
- Romans 7:22 रोमियों 7:22क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।
- 1 Peter 3:4 1 पतरस 3:4बरन तुम्हारा छिपा हुआ और गुप्त मनुष्यत्व, नम्रता और मन की दीनता की अविनाशी सजावट से सुसज्जित रहे, क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि में इसका मूल्य बड़ा है।
- Job 38:36 अय्यूब 38:36किस ने अन्तेकरण में बुध्दि उपजाई, और मन में समझने की शक्ति किस ने दी है?
- Proverbs 2:6 नीतिवचन 2:6क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं।
- Luke 11:39 लूका 11:39प्रभु ने उस से कहा, हे फरीसियों, तुम कटोरे और थाली को ऊपर ऊपर तो मांजते हो, परन्तु तुम्हारे भीतर अन्धेर और दुष्टता भरी है।
- James 4:8 याकूब 4:8परमेश्वर के निकट आओ, तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा: हे पापियों, अपने हाथ शुद्ध करो; और हे दुचित्ते लोगों अपने हृदय को पवित्रा करो।
- 1 Chronicles 29:17 1 इतिहास 29:17और हे मेरे परमेश्वर! मैं जानता हूँ कि तू मन को जांचता है और सिधाई से प्रसन्न रहता है; मैं ने तो यह सब कुछ मन की सिधाई और अपनी इच्छा से दिया है; और अब मैं ने आनन्द से देखा है, कि तेरी प्रजा के लोग जो यहां उपस्थित हैं, वह अपनी इच्छा से तेरे लिये भेंट देते हैं।
- John 4:23–24 यूहन्ना 4:23–24परन्तु वह समय आता है, बरन अब भी है जिस में सच्चे भक्त पिता का भजन आत्मा और सच्चाई से करेंगे, क्योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही भजन करनेवालों को ढूंढ़ता है। परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करनेवाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें।
- Jeremiah 32:40 यिर्मयाह 32:40मैं उन से यह वाचा बान्धूंगा, कि मैं कभी उनका संग छोड़ कर उनका भला करना न छोड़ूंगा; और अपना भय मैं उनके मन से ऐसा उपजाऊंगा कि वे कभी मुझ से अलग होना न चाहेंगे।
- Jeremiah 5:3 यिर्मयाह 5:3हे यहोवा, क्या तेरी दृष्टि सच्चाई पर नहीं है? तू ने उनको दु:ख दिया, परन्तु वे शोकित नहीं हुए; तू ने उनको नाश किया, परन्तु उन्हों ने ताड़ना से भी नहीं माना। उन्हों ने अपना मन चट्टान से भी अधिक कठोर किया है; उन्हों ने पश्चात्ताप करने से इनकार किया है।