Psalms · chapter 51 · verse 5
Psalm 51:5 in Hindi
देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।।
Dekh, maim adharm ke saath utpann huaa, aur paap ke saath apanee maataa ke garbh mem padaa..
Psalm 51:5 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, I was shapen in iniquity; and in sin did my mother conceive me.
- World English Bible (WEB)
- Behold, I was born in iniquity. My mother conceived me in sin.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, I was brought forth in iniquity; And in sin did my mother conceive me.
- Bible in Basic English (BBE)
- Truly, I was formed in evil, and in sin did my mother give me birth.
- Darby Translation (DBY)
- Behold, in iniquity was I brought forth, and in sin did my mother conceive me.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, I was shapen in iniquity; and in sin did my mother conceive me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, in iniquity I have been brought forth, And in sin doth my mother conceive me.
Read in context
- 3मैं तो अपने अपराधों कों जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
- 4मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
- 5देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।।
- 6देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
- 7जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्रा हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Cross references
- Romans 5:12 रोमियों 5:12इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
- Job 14:4 अय्यूब 14:4अशुठ्ठ वस्तु से शुठ्ठ वस्तु को कौन निकाल सकता है? कोई नहीं।
- Psalm 58:3 भजन संहिता 58:3दुष्ट लोग जन्मते ही पराए हो जाते हैं, वे पेट से निकलते ही झूठ बालते हुए भटक जाते हैं।
- Job 15:14–16 अय्यूब 15:14–16मनुष्य है क्या कि वह निष्कलंक हो? और जो स्त्री से उत्पन्न हुआ वह है क्या कि निदष हो सके? देख, वह अपने पवित्रों पर भी विश्वास नहीं करता, और स्वर्ग भी उसकी दृष्टि में निर्मल नहीं है। फिर मनुष्य अधिक घिनौना और मलीन है जो कुटिलता को पानी की नाई पीता है।
- Ephesians 2:3 इफिसियों 2:3इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
- John 3:6 यूहन्ना 3:6क्योंकि जो शरीर से जन्मा है, वह शरीर है; और जो आत्मा से जन्मा है, वह आत्मा है।
- Genesis 5:3 उत्पत्ति 5:3जब आदम एक सौ तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा उसकी समानता में उस ही के स्वरूप के अनुसार एक पुत्रा उत्पन्न हुआ उसका नाम शेत रखा।
- Genesis 8:21 उत्पत्ति 8:21इस पर यहोवा ने सुखदायक सुगन्ध पाकर सोचा, कि मनुष्य के कारण मैं फिर कभी भूमि को शाप न दूंगा, यद्यपि मनुष्य के मन में बचपन से जो कुछ उत्पन्न होता है सो बुरा ही होता है; तौभी जैसा मैं ने सब जीवों को अब मारा है, वैसा उनको फिर कभी न मारूंगा।