Psalms · chapter 55 · verse 3
Psalm 55:3 in Hindi
क्योंकि शत्रु कोलाहल और दुष्ट उपद्रव कर रहें हैं; वे मुझ पर दोषारोपण करते हैं, और क्रोध में आकर मुझे सताते हैं।।
Kyonki shatru kolaahal aur dusht upadrav kar rahem haim; ve mujh par doshaaropan karate haim, aur krodh mem aakar mujhe sataate hain..
Psalm 55:3 in English
- King James Version (KJV)
- Because of the voice of the enemy, because of the oppression of the wicked: for they cast iniquity upon me, and in wrath they hate me.
- World English Bible (WEB)
- because of the voice of the enemy, because of the oppression of the wicked. For they bring suffering on me. In anger they hold a grudge against me.
- American Standard Version (ASV)
- Because of the voice of the enemy, Because of the oppression of the wicked; For they cast iniquity upon me, And in anger they persecute me.
- Bible in Basic English (BBE)
- I am troubled because of the voice of the cruel ones, because of the loud cry of the evil-doers; for they put a weight of evil on me, and they are cruel in their hate for me.
- Darby Translation (DBY)
- Because of the voice of the enemy; because of the oppression of the wicked: for they cast iniquity upon me, and in anger they persecute me.
- Webster's Bible (WBS)
- Because of the voice of the enemy, because of the oppression of the wicked: for they cast iniquity upon me, and in wrath they hate me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because of the voice of an enemy, Because of the oppression of the wicked, For they cause sorrow to move against me, And in anger they hate me.
Read in context
- 1हे परमेश्वर, मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा; और मेरी गिड़गिड़ाहट से मुंह न मोड़!
- 2मेरी ओर ध्यान देकर, मुझे उत्तर दे; मैं चिन्ता के मारे छटपटाता हूं और व्याकुल रहता हूं।
- 3क्योंकि शत्रु कोलाहल और दुष्ट उपद्रव कर रहें हैं; वे मुझ पर दोषारोपण करते हैं, और क्रोध में आकर मुझे सताते हैं।।
- 4मेरा मन भीतर ही भीतर संकट में है, और मृत्यु का भय मुझ में समा गया है।
- 5भय और कंपकपी ने मुझे पकड़ लिया है, और भय के कारण मेरे रोंए रोंए खड़े हो गए हैं।
Cross references
- 2 Samuel 16:7–8 2 शमूएल 16:7–8और शिमी कोसता हुआ यों बकता गया, कि दूर हो खूनी, दूर हो ओछे, निकल जा, निकल जा! यहोवा ने तुझ से शाऊल के घराने के खून का पूरा पलटा लिया है, जिसके स्थान पर तू राजा बना है; यहोवा ने राज्य को तेरे पुत्रा अबशालोम के हाथ कर दिया है। और इसलिये कि तू खूनी है, तू अपनी बुराई में आप फंस गया।
- Psalm 35:11 भजन संहिता 35:11झूठे साक्षी खड़े होते हैं; और जो बात मैं नहीं जानता, वही मुझ से पूछते हैं।
- Psalm 27:12 भजन संहिता 27:12मुझ को मेरे सतानेवालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरूद्ध उठे हैं।।
- 2 Samuel 15:3 2 शमूएल 15:3और वह कहता था, कि तेरा दास इस्राएल के फुलाने गोत्रा का है। तब अबशालोम उस से कहता था, कि सुन, तेरा पक्ष तो ठीक और न्याय का है; परन्तु राजा की ओर से तेरी युननेवाला कोई नहीं है।
- Psalm 17:9 भजन संहिता 17:9उन दुष्टों से जो मुझ पर अत्याचार करते हैं, मेरे प्राण के शत्रुओं से जो मुझे घेरे हुए हैं।।
- Psalm 71:11 भजन संहिता 71:11परमेश्वर ने उसको छोड़ दिया है; उसका पीछा करके उसे पकड़ लो, क्योंकि उसका कोई छुड़ानेवाला नहीं।।
- Matthew 26:59 मत्ती 26:59महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे।
- Psalm 12:5 भजन संहिता 12:5दी लोगों के लुट जाने, और दरिद्रों के कराहने के कारण, परमेश्वर कहता है, अब मैं उठूंगा, जिस पर वे फुंकारते हैं उसे मैं चैन विश्राम दूंगा।
- Psalm 73:8 भजन संहिता 73:8वे ठट्ठा मारते हैं, और दुष्टता से अन्धेर की बात बोलते हैं;
- Lamentations 3:34–36 विलापगीत 3:34–36पृथ्वी भर के बंधुओं को पांव के तले दलित करना, किसी पुरूष का हक़ परमप्रधान के साम्हने मारना, और किसी मनुष्य का मुक़ मा बिगाड़ना, इन तीन कामों को यहोवा देख नहीं सकता।
- Psalm 54:3 भजन संहिता 54:3क्योंकि परदेशी मेरे विरूद्व उठे हैं, और बलात्कारी मेरे प्राण के ग्राहक हुए हैं; उन्हों ने परमेश्वर को अपने सम्मुख नहीं जाना।।
- 2 Samuel 19:19 2 शमूएल 19:19राजा से कहने लगा, मेरा प्रभु मेरे दोष का लेखा न करे, और जिस दिन मेरा प्रभु राजा यरूशलेम को छोड़ आया, उस दिन तेरे दास ने जो कुटिल काम किया, उसे ऐसा स्मरण न कर कि राजा उसे अपने ध्यान में रखे।