Psalms · chapter 68 · verse 9
Psalm 68:9 in Hindi
हे परमेश्वर, तू ने बहुत से वरदान बरसाए; तेरा निज भाग तो बहुत सूखा था, परन्तू तू ने उसको हरा भरा किया है;
He parameshvar, too ne bahut se varadaan barasaae; teraa nij bhaag to bahut sookhaa thaa, parantoo too ne usako haraa bharaa kiyaa hai;
Psalm 68:9 in English
- King James Version (KJV)
- Thou, O God, didst send a plentiful rain, whereby thou didst confirm thine inheritance, when it was weary.
- World English Bible (WEB)
- You, God, sent a plentiful rain. You confirmed your inheritance when it was weary.
- American Standard Version (ASV)
- Thou, O God, didst send a plentiful rain, Thou didst confirm thine inheritance, when it was weary.
- Bible in Basic English (BBE)
- You, O God, did freely send the rain, giving strength to the weariness of your heritage.
- Darby Translation (DBY)
- Thou, O God, didst pour a plentiful rain upon thine inheritance, and when it was weary thou strengthenedst it.
- Webster's Bible (WBS)
- Thou, O God, didst send a plentiful rain, by which thou didst confirm thy inheritance, when it was weary.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A shower of free-will gifts thou shakest out, O God. Thine inheritance, when it hath been weary, Thou hast established it.
Read in context
- 7हे परमेश्वर, जब तू अपनी प्रजा के आगे आगे चलता था, जब तू निर्जल भूमि में सेना समेत चला,
- 8तब पृथ्वी कांप उठी, और आकाश भी परमेश्वर के साम्हने टपकने लगा, उधर सीनै पर्वत परमेश्वर, हां इस्राएल के परमेश्वर के साम्हने कांप उठा।
- 9हे परमेश्वर, तू ने बहुत से वरदान बरसाए; तेरा निज भाग तो बहुत सूखा था, परन्तू तू ने उसको हरा भरा किया है;
- 10तेरा झुण्ड उस में बसने लगा; हे परमेश्वर तू ने अपनी भलाई से दीन जन के लिये तैयारी की है।
- 11प्रभु आज्ञा देता है, तब शुभ समाचार सुनानेवालियों की बड़ी सेना हो जाती है।
Cross references
- Deuteronomy 11:14 व्यवस्थाविवरण 11:14तो मैं तुम्हारे देश में बरसात के आदि और अन्त दोनों समयों की वर्षा को अपने अपने समय पर बरसाऊंगा, जिस से तू अपना अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल संचय कर सकेगा।
- Ezekiel 34:26 यहेजकेल 34:26और मैं उन्हें और अपनी पहाड़ी के आस पास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूंगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूंगा; और वे आशीषों की वर्षा होंगी।
- Psalm 65:9–13 भजन संहिता 65:9–13तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता हैं, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नहर जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है। तू रेघारियों को भली भांति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है। अपनी भलाई से भरे हुए वर्ष पर तू ने मानो मुकुट धर दिया है; तेरे मार्गों में उत्तम उत्तम पदार्थ पाए जाते हैं। वे जंगल की चराइयों में पाए जाते हैं; और पहाड़ियां हर्ष का फेंटा बान्धे हुए है।। चराइयां भेड़- बकरियों से भरी हुई हैं; और तराइयां अन्न से ढंपी हुई हैं, वे जयजयकार करतीं और गाती भी हैं।।
- Psalm 78:24–27 भजन संहिता 78:24–27और उनके लिये खाने को मान बरसाया, और उन्हे स्वर्ग का अन्न दिया। उनको शूरवीरों की सी रोटी मिली; उस ने उनको मनमाना भोजन दिया। उस ने आकाश में पुरवाई को चलाया, और अपनी शक्ति से दक्खिनी बहाई; और उनके लिये मांस धूलि की नाई बहुत बरसाया, और समुद्र के बालू के समान अनगिनित पक्षी भेजे;
- Deuteronomy 11:10–12 व्यवस्थाविवरण 11:10–12देखो, जिस देश के अधिकारी होने को तुम जा रहे हो वह मि देश के समान नहीं है, जहां से निकलकर आए हो, जहां तुम बीज बोते थे और हरे साग के खेत की रीति के अनुसार अपने पांव की नलियां बनाकर सींचते थे; परन्तु जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो वह पहाड़ों और तराईयों का देश है, और आकाश की वर्षा के जल से सिंचता है; वह ऐसा देश है जिसकी तेरे परमेश्वर यहोवा को सुधि रहती है; और वर्ष के आदि से लेकर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है।।
- Psalm 77:16–17 भजन संहिता 77:16–17हे परमेश्वर समुद्र ने तुझे देखा, समुद्र तुझे देखकर ड़र गया, गहिरा सागर भी कांप उठा। मेघों से बड़ी वर्षा हुई; आकाश से शब्द हुआ; फिर तेरे तीर इधर उधर चले।