Psalms · chapter 73 · verse 27
Psalm 73:27 in Hindi
जो तुझ से दूर रहते हैं वे तो नाश होंगे; जो कोई तेरे विरूद्ध व्यभिचार करता है, उसको तू विनाश करता है।
Jo tujh se door rahate haim ve to naash honge; jo koee tere virooddh vyabhichaar karataa hai, usako too vinaash karataa hai.
Psalm 73:27 in English
- King James Version (KJV)
- For, lo, they that are far from thee shall perish: thou hast destroyed all them that go a whoring from thee.
- World English Bible (WEB)
- For, behold, those who are far from you shall perish. You have destroyed all those who are unfaithful to you.
- American Standard Version (ASV)
- For, lo, they that are far from thee shall perish: Thou hast destroyed all them that play the harlot, [departing] from thee.
- Bible in Basic English (BBE)
- For those who are far away from you will come to destruction: you will put an end to all those who have not kept faith with you.
- Darby Translation (DBY)
- For behold, they that are far from thee shall perish; thou destroyest every one that goeth a whoring from thee.
- Webster's Bible (WBS)
- For lo, they that are far from thee shall perish: thou hast destroyed all them that go astray from thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For, lo, those far from Thee do perish, Thou hast cut off every one, Who is going a whoring from Thee.
Read in context
- 25स्वर्ग में मेरा और कौन है? तेरे संग रहते हुए मैं पृथ्वी पर और कुछ नहीं चाहता।
- 26मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं, परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग और मेरे हृदय की चट्टान बना है।।
- 27जो तुझ से दूर रहते हैं वे तो नाश होंगे; जो कोई तेरे विरूद्ध व्यभिचार करता है, उसको तू विनाश करता है।
- 28परन्तु परमेश्वर के समीप रहना, यही मेरे लिये भला है; मैं ने प्रभु यहोवा को अपना शरणस्थान माना है, जिस से मैं तेरे सब कामों को वर्णन करूं।।
Cross references
- James 4:4 याकूब 4:4हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
- Psalm 119:155 भजन संहिता 119:155दुष्टों को उद्धार मिलना कठिन है, क्योंकि वे तेरी विधियों की सुधि नहीं रखते।
- Exodus 34:15 निर्गमन 34:15ऐसा न हो कि तू उस देश के निवासियों से वाचा बान्धे, और वे अपने देवताओं के पीछे होने का व्यभिचार करें, और उनके लिये बलिदान भी करें, और कोई तुझे नेवता दे और तू भी उसके बलिपशु का प्रसाद खाए,
- Numbers 15:39 गिनती 15:39और वह तुम्हारे लिये ऐसी झालर ठहरे, जिस से जब जब तुम उसे देखो तब तब यहोवा की सारी आज्ञाएं तुम हो स्मरण आ जाएं; और तुम उनका पालन करो, और तुम अपने अपने मन और अपनी अपनी दृष्टि के वश में होकर व्यभिचार न करते फिरो जैसे करते आए हो।
- Revelation 17:1–5 प्रकाशितवाक्य 17:1–5और जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उन में से एक ने आकर मुझ से यह कहा कि इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊं, जो बहुत से पानियों पर बैठी है। जिस के साथ पृथ्वी के राजाओं ने व्यभिचार किया, और पृथ्वी के रहनेवाले उसके व्यभिचार की मदिरा से मतवाले हो गए थे। तब वह मुझे आत्मा में जंगल को ले गया, और मैं ने किरमिजी रंग के पशु पर जो निन्दा के नामों से छिपा हुआ था और जिस के सात सिर और दस सींग थे, एक स्त्री को बैठे हुए देखा। यह स्त्री बैंजनी, और किरमिजी, कपड़े पहिने थी, और सोने और बहुमोल मणियों और मोतियों से सजी हुई थी, और उसके हाथ में एक सोने का कटोरा था जो घृणित वस्तुओं से और उसके व्यभिचार की अशुद्ध वस्तुओं से भरा हुआ था। और उसके माथे पर यह नाम लिखा था, "भेद बड़ा बाबुल पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता।"
- Psalm 106:39 भजन संहिता 106:39और वे आप अपने कामों के द्वारा अशुद्ध हो गए, और अपने कार्यों के द्वारा व्यभिचारी भी बन गए।।
- Job 21:14–15 अय्यूब 21:14–15तौभी वे ईश्वर से कहते थे, कि हम से दूर हो! तेरी गति जानने की हम को इच्छा नहीं रहती। सर्वशक्तिमान क्या है, कि हम उसकी सेवा करें? और जो हम उस से बिनती भी करें तो हमें क्या लाभ होगा?
- Isaiah 29:13 यशायाह 29:13और प्रभु ने कहा, ये लोग जो मुंह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझ से दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं।
- Ephesians 2:13 इफिसियों 2:13पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो।
- Matthew 15:7–8 मत्ती 15:7–8हे कपटियों, यशायाह ने तुम्हारे विषय में यह भविष्यद्वाणी ठीक की। कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है।
- Jeremiah 12:2 यिर्मयाह 12:2तू उनको बोता और वे जड़ भी पकड़ते; वे बढ़ते और फलते भी हैं; तू उनके मुंह के निकट है परन्तु उनके मनों से दूर है।
- Ephesians 2:17 इफिसियों 2:17और उस ने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल- मिलाप का सुसमाचार सुनाया।