Psalms · chapter 78 · verse 30
Psalm 78:30 in Hindi
उनकी कामना बनी ही रही, उनका भोजन उनके मुंह ही में था,
Unakee kaamanaa banee hee rahee, unakaa bhojan unake munh hee mem thaa,
Psalm 78:30 in English
- King James Version (KJV)
- They were not estranged from their lust. But while their meat [was] yet in their mouths,
- World English Bible (WEB)
- They didn’t turn from their cravings. Their food was yet in their mouths,
- American Standard Version (ASV)
- They were not estranged from that which they desired, Their food was yet in their mouths,
- Bible in Basic English (BBE)
- But they were not turned from their desires; and while the food was still in their mouths,
- Darby Translation (DBY)
- They were not alienated from their lust, their meat was yet in their mouths,
- Webster's Bible (WBS)
- They were not estranged from their desire: but while their meat [was] yet in their mouths,
- Young's Literal Translation (YLT)
- They have not been estranged from their desire, Yet [is] their food in their mouth,
Read in context
- 28और उनकी छावनी के बीच में, उनके निवासों के चारों ओर गिराए।
- 29और वे खाकर अति तृप्त हुए, और उस ने उनकी कामना पूरी की।
- 30उनकी कामना बनी ही रही, उनका भोजन उनके मुंह ही में था,
- 31कि परमेश्वर का क्रोध उन पर भड़का, और उस ने उनके हष्टपुष्टों को घात किया, और इस्त्राएल के जवानों को गिरा दिया।।
- 32इतने पर भी वे और अधिक पाप करते गए; और परमेश्वर के आश्चर्यकर्मों की प्रतीति न की।
Cross references
- Numbers 11:33–34 गिनती 11:33–34मांस उनके मुंह ही में था, और वे उसे खाने न पाए थे, कि यहोवा का कोप उन पर भड़क उठा, और उस ने उनको बहुत बड़ी मार से मारा। और उस स्थान का नाम किब्रोथत्तावा पड़ा, क्योंकि जिन लोगों ने कामुकता की थी उनको वहां मिट्टी दी गई।
- Numbers 22:20–22 गिनती 22:20–22और परमेश्वर ने रात को बिलाम के पास आकर कहा, यदि वे पुरूष तुझे बुलाने आए हैं, तो तू उठकर उनके संग जा; परन्तु जो बात मैं तुझ से कहूं उसी के अनुसार करना। तब बिलाम भोर को उठा, और अपनी गदही पर काठी बान्धकर मोआबी हाकिमों के संग चल पड़ा। और उसके जाने के कारण परमेश्वर का कोप भड़क उठा, और यहोवा का दूत उसका विरोध करने के लिये मार्ग रोककर खड़ा हो गया। वह तो अपनी गदही पर सवार होकर जा रहा था, और उसके संग उसके दो सेवक भी थे।
- Luke 16:19–23 लूका 16:19–23एक धनवान मनुष्य था जो बैंजनी कपड़े और मलमल पहिनता और प्रति दिन सुख-विलास और धूम-धाम के साथ रहता था। और लाजर नाम का एक कंगाल घावों से भरा हुआ उस की डेवढ़ी पर छोड़ दिया जाता था। और वह चाहता था, कि धनवान की मेज पर की जूठन से अपना पेट भरे; वरन कुत्ते भी आकर उसके घावों को चाटते थे। और ऐसा हुआ कि वह कंगाल मर गया, और स्वर्गदूतों ने उसे लेकर इब्राहीम की गोद में पहुंचाया; और वह धनवान भी मरा; और गाड़ा गया। और अधोलोक में उस ने पीड़ा में पड़े हुए अपनी आंखें उठाई, और दूर से इब्राहीम की गोद में लाजर को देखा।
- Proverbs 1:32 नीतिवचन 1:32क्योंकि भोले लोगों का भटक जाना, उनके घात किए जाने का कारण होगा, और निश्चिन्त रहने के कारण मूढ़ लोग नाश होंगे;