Psalms · chapter 80 · verse 15
Psalm 80:15 in Hindi
ये पौधा तू ने अपने दहिने हाथ से लगाया, और जो लता की शाखा तू ने अपने लिये दृढ़ की है।
Ye paudhaa too ne apane dahine haath se lagaayaa, aur jo lataa kee shaakhaa too ne apane liye drudh kee hai.
Psalm 80:15 in English
- King James Version (KJV)
- And the vineyard which thy right hand hath planted, and the branch [that] thou madest strong for thyself.
- World English Bible (WEB)
- the stock which your right hand planted, the branch that you made strong for yourself.
- American Standard Version (ASV)
- And the stock which thy right hand planted, And the branch that thou madest strong for thyself.
- Bible in Basic English (BBE)
- Even to the tree which was planted by your right hand, and to the branch which you made strong for yourself.
- Darby Translation (DBY)
- Even the stock which thy right hand hath planted, and the young plant thou madest strong for thyself.
- Webster's Bible (WBS)
- And the vineyard which thy right hand planted, and the branch [that] thou madest strong for thyself.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the root that Thy right hand planted, And the branch Thou madest strong for Thee,
Read in context
- 13वनसूअर उसको नाश किए डालता है, और मैदान के सब पशु उसे चर जाते हैं।।
- 14हे सेनाओं के परमेश्वर, फिर आ! स्वर्ग से ध्यान देकर देख, और इस दाखलता की सुधि ले,
- 15ये पौधा तू ने अपने दहिने हाथ से लगाया, और जो लता की शाखा तू ने अपने लिये दृढ़ की है।
- 16वह जल गई, वह कट गई है; तेरी घुड़की से वे नाश होते हैं।
- 17तेरे दहिने हाथ के सम्भाले हुअ पुरूष पर तेरा हाथ रखा रहे, उस आदमी पर, जिसे तू ने अपने लिये दृढ़ किया है।
Cross references
- John 15:1 यूहन्ना 15:1सच्ची दाखलता मैं हूं; और मेरा पिता किसान है।
- Zechariah 3:8 जकर्याह 3:8हे यहेाशू महायाजक, तू सुन ले, और तेरे भाईबन्धु जो तेरे साम्हने खड़े हैं वे भी सुनें, क्योंकि वे मनुष्य शुभ शकुन हैं: सुनो, मैं अपने दास शाख को प्रगट करूंगा।
- Zechariah 6:12 जकर्याह 6:12और उस से यह कह, सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस पुरूष को देख जिस का नाम शाख है, वह अपने ही स्थान से उगकर यहोवा के मन्दिर को बनाएगा।
- Psalm 80:8 भजन संहिता 80:8तू मि से एक दाखलता ले आया; और अन्यजातियों को निकालकर उसे लगा दिया।
- Jeremiah 2:21 यिर्मयाह 2:21मैं ने तो तुझे उत्तम जाति की दाखलता और उत्तम बीज करके लगाया था, फिर तू क्यों मेरे लिये जंगली दाखलता बन गई?
- Isaiah 11:1 यशायाह 11:1तब यिशै के ठूंठ में से एक डाली फूट निकलेगी और उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी।
- Jeremiah 23:5–6 यिर्मयाह 23:5–6यहोवा की यह भी वाणी है, देख ऐसे दिन आते हैं जब मैं दाऊद के कुल में एक धम अंकुर उगाऊंगा, और वह राजा बनकर बुध्दि से राज्य करेगा, और अपने देश में न्याय और धर्म से प्रभुता करेगा। उसके दिनों में यहूदी लोग बचे रहेंगे, और इस्राएली लोग निडर बसे रहेंगे: और यहोवा उसका नाम यहोवा "हमारी धार्मिकता" रखेगा।
- Mark 12:1 मरकुस 12:1फिर वह दृष्टान्त में उन से बातें करने लगा: कि किसी मनुष्य ने दाख की बारी लगाई, और उसके चारों ओर बाड़ा बान्धा, और रस का कुंड खोदा, और गुम्मट बनाया; और किसानों को उसका ठीका देकर परदेश चला गया।
- Ezekiel 17:22–24 यहेजकेल 17:22–24फिर प्रभु यहोवा यों कहता है, मैं भी देवदार की ऊंची फुनगी में से कुछ लेकर लगाऊंगा, और उसकी सब से ऊपरवाली कनखाओं में से एक कोमल कनखा तोड़कर एक अति ऊंचे पर्वत पर लगाऊंगा। अर्थात् इस्राएल के ऊंचे पर्वत पर लगाऊंगा; सो वह डालियां फोड़कर बलवन्त और उत्तम देवदार बन जाएगा, और उसके नीचे अर्थात् उसकी डालियों की छाया में भांति भांति के सब पक्षी बसेरा करेंगे। तब मैदान के सब वृक्ष जान लेंगे कि मुझ यहोवा ही ने ऊंचे वृक्ष को नीचा और नीचे पृक्ष को ऊंचा किया, हरे वृक्ष को सुखा दिया, और सूखे वृक्ष को फुलाया फलाया है। मुझ यहोवा ही ने यह कहा और वैसा ही कर भी दिया है।
- Isaiah 49:5 यशायाह 49:5ओर अब यहोवा जिस ने मुझे जन्म ही से इसलिये रख कि मैं उसका दास होकर याकूब को उसकी ओर फेर ले आऊं अर्थात् इस्राएल को उसके पास इकट्ठा करूं, क्योंकि यहोवा की दृष्टि में मैं आदरयोग्य हूं और मेरा परमेश्वर मेरा बल है,
- Psalm 89:21 भजन संहिता 89:21मेरा हाथ उसके साथ बना रहेगा, और मेरी भुजा उसे दृढ़ रखेगी।
- Isaiah 5:1–2 यशायाह 5:1–2अब मैं अपने प्रिय के लिये और उसकी दाख की बारी के विषय में गीत गाऊंगा: एक अति उपजाऊ टीले पर मेरे प्रिय की एक दाख की बरी थी। उस ने उसकी मिट्टी खोदी और उसके पत्थर बीनकर उस में उत्तम जाति की एक दाखलता लगाई; उसके बीच में उस ने एक गुम्मट बनाया, और दाखरस के लिये एक कुण्ड भी खोदा; तब उस ने दाख की आशा की, परन्तु उस में निकम्मी दाखें ही लगीं।।