Psalms · chapter 84 · verse 10
Psalm 84:10 in Hindi
क्योंकि तेरे आंगनों में का एक दिन और कहीं के हजार दिन से उत्तम है। दुष्टों के डेरों में वास करने से अपने परमेश्वर के भवन की डेवढ़ी पर खड़ा रहना ही मुझे अधिक भावता है।
Kyonki tere aanganom mem kaa ek din aur kaheem ke hajaar din se uttam hai. Dushtom ke derom mem vaas karane se apane parameshvar ke bhavan kee devadhee par khadaa rahanaa hee mujhe adhik bhaavataa hai.
Psalm 84:10 in English
- King James Version (KJV)
- For a day in thy courts [is] better than a thousand. I had rather be a doorkeeper in the house of my God, than to dwell in the tents of wickedness.
- World English Bible (WEB)
- For a day in your courts is better than a thousand. I would rather be a doorkeeper in the house of my God, than to dwell in the tents of wickedness.
- American Standard Version (ASV)
- For a day in thy courts is better than a thousand. I had rather be a doorkeeper in the house of my God, Than to dwell in the tents of wickedness.
- Bible in Basic English (BBE)
- For a day in your house is better than a thousand. It is better to be a door-keeper in the house of my God, than to be living in the tents of sin.
- Darby Translation (DBY)
- For a day in thy courts is better than a thousand. I had rather stand at the threshold of the house of my God, than dwell in the tents of wickedness.
- Webster's Bible (WBS)
- For a day in thy courts [is] better than a thousand. I had rather be a door-keeper in the house of my God, than to dwell in the tents of wickedness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For good [is] a day in Thy courts, O Teacher! I have chosen rather to be at the threshold, In the house of my God, Than to dwell in tents of wickedness.
Read in context
- 8हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन, हे याकूब के परमेश्वर, कान लगा!
- 9हे परमेश्वर, हे हमारी ढ़ाल, दृष्टि कर; और अपने अभिषिक्ति का मुख देख!
- 10क्योंकि तेरे आंगनों में का एक दिन और कहीं के हजार दिन से उत्तम है। दुष्टों के डेरों में वास करने से अपने परमेश्वर के भवन की डेवढ़ी पर खड़ा रहना ही मुझे अधिक भावता है।
- 11क्योंकि यहोवा परमेश्वर सूर्य और ढाल है; यहोवा अनुग्रह करेगा, और महिमा देगा; और जो लोग खरी चाल चलते हैं; उन से वह कोई अच्छा पदार्थ रख न छोड़ेगा।
- 12हे सेनाओं के यहोवा, क्या ही धन्य वह मनुष्य है, जो तुझ पर भरोसा रखता है!
Cross references
- Psalm 27:4 भजन संहिता 27:4एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।।
- Psalm 26:8–10 भजन संहिता 26:8–10और तेरे सब आश्चर्यकर्मों का वर्णन करूं।। हे यहोवा, मैं तेरे धाम से तेरी महिमा के निवासस्थान से प्रीति रखता हूं। मेरे प्राण को पापियों के साथ, और मेरे जीवन को हत्यारों के साथ न मिला। वे तो ओछापन करने में लगे रहते हैं, और उनका दहिना हाथ घूस से भरा रहता है।।
- Psalm 63:2 भजन संहिता 63:2इस प्रकार से मैं ने पवित्रास्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं।
- Philippians 3:20 फिलिप्पियों 3:20पर हमारा स्वदेश स्वर्ग पर है; और हम पर उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आन ही बाट जोह रहे हैं।
- Romans 8:5–6 रोमियों 8:5–6क्योंकि शरीरिक व्यक्ति शरीर की बातों पर मन लगाते हैं; परन्तु आध्यात्मिक आत्मा की बातों पर मन लगाते हैं। शरीर पर मन लगाना तो मृत्यु है, परन्तु आत्मा पर मन लगाना जीवन और शान्ति है।
- Psalm 84:1–2 भजन संहिता 84:1–2हे सेनाओं के यहोवा, तेरे निवास क्या ही प्रिय हैं! मेरा प्राण यहोवा के आंगनों की अभिलाषा करते करते मूर्र्छित हो चला; मेरा तन मन दोंनो जीवते ईश्वर को पुकार रहे।।
- Psalm 141:4–5 भजन संहिता 141:4–5मेरा मन किसी बुरी बात की ओर फिरने न दे; मैं अनर्थकारी पुरूषों के संग, दुष्ट कामों में न लगूं, और मै उनके स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं में से कुछ न खाऊं! धर्मी मुझ को मारे तो यह कुपा मानी जाएगी, और वह मुझे ताड़ना दे, तो यह मेरे सिर पर का लेत ठहरेगा; मेरा सिर उस से इन्कार न करेगा।। लोगों के बुरे काम करने पर भी मैं प्रार्थना में लवलीन रहूंगा।
- Psalm 17:14–15 भजन संहिता 17:14–15अपना हाथ बढ़ाकर हे यहोवा, मुझे मनुष्यों से बचा, अर्थात् संसारी मनुष्यों से जिनका भाग इसी जीवन में है, और जिनका पेट तू अपने भण्डार से भरता है। वे बालबच्चों से सन्तुष्ट हैं; और शेष सम्पति अपने बच्चों के लिये छोड़ जाते हैं।। परन्तु मैं तो धर्मी होकर तेरे मुख का दर्शन करूंगा जब मैं जानूंगा तब तेरे स्वरूप से सन्तुष्ट हूंगा।।
- Psalm 43:3–4 भजन संहिता 43:3–4अपने प्रकाश और अपनी सच्चाई को भेज; वे मेरी अगुवाई करें, वे ही मुझ को तेरे पवित्रा पर्वत पर और तेरे निवास स्थान में पहुंचाए! तब मैं परमेश्वर की वेदी के पास जाऊंगा, उस ईश्वर के पास जो मेरे अति आनन्द का कुण्ड है; और हे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर मैं वीणा बजा बजाकर तेरा धन्यवाद करूंगा।।
- Luke 2:46 लूका 2:46और तीन दिन के बाद उन्हों ने उसे मन्दिर में उपदेशकों के बीच में बैठे, उन की सुनते और उन से प्रश्न करते हुए पाया।
- James 2:3 याकूब 2:3और तुम उस सुन्दर वस्त्रावाले का मुंह देखकर कहो कि तू वहां अच्छी जगह बैठ; और उस कंगाल से कहो, कि तू यहां खड़ा रह, या मेरे पांव की पीढ़ी के पास बैठ।