Psalms · chapter 89 · verse 22
Psalm 89:22 in Hindi
शत्रु उसको तंग करने न पाएगा, और न कुटिल जल उसको दु:ख देने पाएगा।
Shatru usako tang karane na paaegaa, aur na kutil jal usako du:kh dene paaegaa.
Psalm 89:22 in English
- King James Version (KJV)
- The enemy shall not exact upon him; nor the son of wickedness afflict him.
- World English Bible (WEB)
- No enemy will tax him. No wicked man will oppress him.
- American Standard Version (ASV)
- The enemy shall not exact from him, Nor the son of wickedness afflict him.
- Bible in Basic English (BBE)
- The deceit of those who are against him will not overcome him; he will not be troubled by the sons of evil.
- Darby Translation (DBY)
- No enemy shall exact upon him, nor the son of wickedness afflict him;
- Webster's Bible (WBS)
- The enemy shall not exact upon him; nor the son of wickedness afflict him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- An enemy exacteth not upon him, And a son of perverseness afflicteth him not.
Read in context
- 20मैं ने अपने दास दाऊद को लेकर, अपने पवित्रा तेल से उसका अभिषेक किया है।
- 21मेरा हाथ उसके साथ बना रहेगा, और मेरी भुजा उसे दृढ़ रखेगी।
- 22शत्रु उसको तंग करने न पाएगा, और न कुटिल जल उसको दु:ख देने पाएगा।
- 23मैं उसके द्रोहियों को उसके साम्हने से नाश करूंगा, और उसके बैरियों पर विपत्ति डालूंगा।
- 24परन्तु मेरी सच्चाई और करूणा उस पर बनी रहेंगी, और मेरे नाम के द्वारा उसका सींग ऊंचा हो जाएगा।
Cross references
- 2 Samuel 7:10 2 शमूएल 7:10और मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिये एक स्थान ठहराऊंगा, और उसको स्थिर करूंगा, कि वह अपने ही स्थान में बसी रहेेगी, और कभी चलायमान न होगी; और कुटिल लोग उसे फिर दु:ख न देने पाएंगे, जैसे कि पहिले दिनों में करते थे,
- 1 Chronicles 17:9 1 इतिहास 17:9और मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिये एक स्थान ठहराऊंगा, और उसको स्थिर करूंगा कि वह अपने ही स्थान में बसी रहे और कभी चलायमान न हो; और कुटिल लोग उन को नाश न करने पाएंगे, जैसे कि पहिले दिनों में करते थे;
- John 17:12 यूहन्ना 17:12जब मै। उन के साथ था, तो मैं ने तेरे उस नाम से, जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा की, मैं ने उन की चौकसी की और विनाश के पुत्रा को छोड़ उन में से काई नाश न हुआ, इसलिये कि पवित्रा शास्त्रा की बात पूरी हो।
- Matthew 4:1–10 मत्ती 4:1–10तब उस समय आत्मा यीशु को जंगल में ले गया ताकि इब्लीस से उस की परीक्षा हो। वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, अन्त में उसे भूख लगी। तब परखनेवाले ने पास आकर उस से कहा, यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियां बन जाएं। उस ने उत्तर दिया; कि लिखा है कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा। तब इब्लीस उसे पवित्रा नगर में ले गया और मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया। और उस से कहा यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो अपने आप को नीचे गिरा दे; क्योंकि लिखा है, कि वह तेरे विषय में अपने स्वर्गदूतों को आज्ञा देगा; और वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे; कहीं ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे। यीशु ने उस से कहा; यह भी लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न कर। फिर शैतान उसे एक बहुत ऊंचे पहाड़ पर ले गया और सारे जगत के राज्य और उसका विभव दिखाकर उस से कहा, कि यदि तू गिरकर मुझे प्रणाम करे, तो मैं यह सब कुछ तुझे दे दूंगा। तब यीशु ने उस से कहा; हे शैतान दूर हो जा, क्योंकि लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर, और केवल उसी की उपासना कर।
- 2 Thessalonians 2:3 2 थिस्सलुनीकियों 2:3किसी रीति से किसी के धोखे में न आना क्योंकि वह दिन न आएगा, जब तक धर्म का त्याग न हो ले, और वह पाप का पुरूष अर्थात् विनाश का पुत्रा प्रगट न हो।