Revelation · chapter 11 · verse 14
Revelation 11:14 in Hindi
दूसरी विपत्ति बीत चुकी, देखो, तीसरी विपत्ति शीघ्र आनेवाली है।।
Doosaree vipatti beet chukee, dekho, teesaree vipatti sheeghr aanevaalee hai..
Revelation 11:14 in English
- King James Version (KJV)
- The second woe is past; [and], behold, the third woe cometh quickly.
- World English Bible (WEB)
- The second woe is past. Behold, the third woe comes quickly.
- American Standard Version (ASV)
- The second Woe is past: behold, the third Woe cometh quickly.
- Bible in Basic English (BBE)
- The second Trouble is past: see, the third Trouble comes quickly.
- Darby Translation (DBY)
- The second woe has passed; behold, the third woe comes quickly.
- Webster's Bible (WBS)
- The second woe is past; [and] behold, the third woe cometh quickly.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The second woe did go forth, lo, the third woe doth come quickly.
Read in context
- 12और उन्हें स्वर्ग से एक बड़ा शब्द सुनाई दिया, कि यहां ऊपर आओ; यह सुन वे बादल पर सवार होकर अपने बैरियों के देखते देखते स्वर्ग पर चढ़ गए।
- 13फिर उसी घड़ी एक बड़ा भुइंडोल हुआ, और नगर का दसवां अंश गिर पड़ा; और उस भुइंडोल से सात हजार मनुष्य मर गए और शेष डर गए, और स्वर्ग के परमेश्वर की महिमा की।।
- 14दूसरी विपत्ति बीत चुकी, देखो, तीसरी विपत्ति शीघ्र आनेवाली है।।
- 15और जब सातवें दूत ने तुरही फूंकी, तो स्वर्ग में इस विषय के बड़े बड़े शब्द होने लगे कि जगत का राज्य हमारे प्रभु का, और उसके मसीह का हो गया।
- 16और वह युगानुयुग राज्य करेगा, और चौबीसों प्राचीन जो परमेश्वर के साम्हने अपने अपने सिंहासन पर बैठे थे, मुंह के बल गिरकर परमेश्वर को दण्डवत करके।
Cross references
- Revelation 8:13 प्रकाशितवाक्य 8:13और जब मैं ने फिर देखा, तो आकाश के बीच में एक उकाब को उड़ते और ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि उन तीन स्वर्गदूतों की तुरही के शब्दों के कारण जिन का फूंकना अभी बाकी है, पृथ्वी के रहनेवालों पर हाय! हाय! हाय!
- Revelation 9:12 प्रकाशितवाक्य 9:12पहिली विपत्ति बीत चुकी, देखो अब इन के बाद दो विपत्तियां और होनेवाली हैं।।
- Revelation 15:1 प्रकाशितवाक्य 15:1फिर मैं ने स्वर्ग में एक और बड़ा और अद्भुत चिन्ह देखा, अर्थात् सात स्वर्गदूत जिन के पास सातों पिछली विपत्तियां थीं, क्योंकि उन के हो जाने पर परमेश्वर के प्रकोप का अन्त है।।
- Revelation 16:1–21 प्रकाशितवाक्य 16:1–21फिर मैं ने मन्दिर में किसी को ऊंचे शब्द से उन सातों स्वर्गदूतों से यह कहते सुना कि जाओ, परमेश्वर के प्रकोप के सातों कटोरों को पृथ्वी पर उंडेल दो।। सो पहिले ने जाकर अपना कटोरा पृथ्वी पर उंडेल दिया। और उन मनुष्यों के जिन पर पशु की छाप थी, और जो उस की मूरत की पूजा करते थे, एक प्रकार का बुरा और दुखदाई फोड़ा निकला।। और दूसरे ने अपना कटोरा समुद्र पर उंडेल दिया और वह मरे हुए का सा लोहू बन गया, और समुद्र में का हर एक जीवधारी मर गया।। और तीसरे ने अपना कटोरा नदियों, और पानी के सोतों पर उंडेल दिया, और वे लोहू बन गए। और मैं ने पानी के स्वर्गदूत को यह कहते सुना, कि हे पवित्रा, जो है, और जो था, तू न्यायी है और तू ने यह न्याय किया। क्योंकि उन्हों ने पवित्रा लोगों, और भविष्यद्वक्ताओं को लोहू बहाया था, और तू ने उन्हें लोहू पिलाया; क्योंकि वे इसी योग्य हैं। फिर मैं ने वेदी से यह शब्द सुना, कि हां हे सर्वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर, तेरे निर्णय ठीक और सच्चे हैं।। और चौथे ने अपना कटोरा सूर्य पर उंडेल दिया, और उसे मनुष्यों को आग से झुलसा देने का अधिकार दिया गया। और मनुष्य बड़ी तपन से झुलस गए, और परमेश्वर के नाम की जिसे इन विपत्तियों पर अधिकार है, निन्दा की और उस की महिमा करने के लिये मन न फिराया।। और पांचवें ने अपना कटोरा उस पशु के सिंहासन पर उंडेल दिया और उसके राज्य पर अंधेरा छा गया; और लोग पीड़ा के मारे अपनी अपनी जीभ चबाने लगे। और अपनी पीड़ाओं और फोड़ों के कारण स्वर्ग के परमेश्वर की निन्दा की; और अपने अपने कामों से मन न फिराया।। और छठवें ने अपना कटोरा बड़ी नदी फुरात पर उंडेल दिया और उसका पानी सूख गया कि पूर्व दिशा के राजाओं के लिये मार्ग तैयार हो जाए। और मैं ने उस अजगर के मुंह से, और उस पशु के मुंह से और उस झूठे भविष्यद्वक्ता के मुंह से तीन अशुद्ध आत्माओं को मेंढ़कों के रूप में निकलते देखा। ये चिन्ह दिखानेवाली दुष्टात्मा हैं, जो सारे संसार के राजाओं के पास निकलकर इसलिये जाती हैं, कि उन्हें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उस बड़े दिन की लड़ाई के लिये इकट्ठा करें। देख, मैं चोर की नाई आता हूं; धन्य वह है, जो जागता रहता है, और अपने वस्त्रा कि चौकसी करता है, कि नंगा न फिरे, और लोग उसका नंगापन न देखें। और उन्हों ने उन को उस जगह इकट्ठा किया, जो इब्रानी में हर- मगिदोन कहलाता है।। और सातवें ने अपना कटोरा हवा पर उंडेल दिया, और मंदिर के सिंहासन से यह बड़ा शब्द हुआ, कि `हो चुका'। फिर बिजलियां, और शब्द, और गर्जन हुए, और एक ऐसा बड़ा भुइंडोल हुआ, कि जब से मनुष्य की उत्पत्ति पृथ्वी पर हुई, तब से ऐसा बड़ा भुइंडोल कभी न हुआ था। और उस बड़े नगर के तीन टुकडे हो गए, और जाति जाति के नगर गिर पड़े, और बड़ा बाबुल का स्मरण परमेश्वर के यहां हुआ, कि वह अपने क्रोध की जलजलाहट की मदिरा उसे पिलाए। और हर एक टापू अपनी जगह से टल गया; और पहाड़ों का पता न लगा। और आकाश से मनुष्यों पर मन मन भर के बड़े ओले गिरे, और इसलिये कि यह विपत्ति बहुत ही भारी थी, लोगों ने ओलों की विपत्ति के कारण परमेश्वर की निन्दा की।।