Revelation · chapter 11 · verse 6
Revelation 11:6 in Hindi
इन्हें अधिकार है, कि आकाश को बन्द करें, कि उन की भविष्यद्ववाणी के दिनों में मेंह न बरसे, और उन्हें सब पानी पर अधिकार है, कि उसे लोहू बनाएं, और जब जब चाहें तब तब पृथ्वी पर हर प्रकार की आपत्ति लाएं।
Inhem adhikaar hai, ki aakaash ko band karem, ki un kee bhavishyadvavaanee ke dinom mem menh na barase, aur unhem sab paanee par adhikaar hai, ki use lohoo banaaem, aur jab jab chaahem tab tab pruthvee par har prakaar kee aapatti laaen.
Revelation 11:6 in English
- King James Version (KJV)
- These have power to shut heaven, that it rain not in the days of their prophecy: and have power over waters to turn them to blood, and to smite the earth with all plagues, as often as they will.
- World English Bible (WEB)
- These have the power to shut up the sky, that it may not rain during the days of their prophecy. They have power over the waters, to turn them into blood, and to strike the earth with every plague, as often as they desire.
- American Standard Version (ASV)
- These have the power to shut the heaven, that it rain not during the days of their prophecy: and they have power over the waters to turn them into blood, and to smite the earth with every plague, as often as they shall desire.
- Bible in Basic English (BBE)
- These have the power to keep the heaven shut, so that there may be no rain in the days when they are prophets: and they have power over the waters to make them into blood, and to send every sort of disease on the earth as their pleasure is.
- Darby Translation (DBY)
- These have power to shut the heaven that no rain may fall during the days of their prophecy; and they have power over the waters to turn them into blood, and to smite the earth as often as they will with every plague.
- Webster's Bible (WBS)
- These have power to shut heaven, that it rain not in the days of their prophecy: and have power over waters to turn them to blood, and to smite the earth with all plagues, as often as they will.
- Young's Literal Translation (YLT)
- These have authority to shut the heaven, that it may not rain rain in the days of their prophecy, and authority they have over the waters to turn them to blood, and to smite the land with every plague, as often as they may will.
Read in context
- 4ये वे ही जैतून के दो पेड़ और दो दीवट हैं जो पृथ्वी के प्रभु के साम्हने खड़े रहते हैं।
- 5और यदि कोई उन को हानि पहुंचाना चाहता है, तो उन के मुंह से आग निकलकर उन के बैरियों को भस्म करती है, और यदि कोई उन को हानि पहुंचाना चाहेगा, तो अवश्य इसी रीति से मार डाला जाएगा।
- 6इन्हें अधिकार है, कि आकाश को बन्द करें, कि उन की भविष्यद्ववाणी के दिनों में मेंह न बरसे, और उन्हें सब पानी पर अधिकार है, कि उसे लोहू बनाएं, और जब जब चाहें तब तब पृथ्वी पर हर प्रकार की आपत्ति लाएं।
- 7और जब वे अपनी गवाही दे चुकेंगे, तो वह पशु जो अथाह कुण्ड में से निकलेगा, उन से लड़कर उन्हें जीतेगा और उन्हें मार डालेगा।
- 8और उन की लोथें उस बड़े नगर के चौक में पड़ी रहेंगी, जो आत्मिक रीति से सदोम और मिसर कहलाता है, जहां उन का प्रभु भी क्रूस पर चढ़ाया गया था।
Cross references
- Luke 4:25 लूका 4:25और मैं तुम से सच कहता हूं, कि एलिरयाह के दिनों में जब साढ़े तीन वर्ष तक आकाश बन्द रहा, यहां तक कि सारे देश में बड़ा आकाल पड़ा, तो इस्राएल में बहुत सी विधवाएं थीं।
- 1 Kings 17:1 1 राजा 17:1और तिशबी एलिरयाह जो गिलाद के पर:सियों में से था उस ने अहाब से कहा, इस्राएल का परमेश्वा यहोवा जिसके सम्मुख मैं उपस्थ्ति रहता हूँ, उसके जीवन की शपथ इन वष में मेरे बिना कहे, न तो मेंह बरसेगा, और न ओस पड़ेगी।
- Exodus 7:17–25 निर्गमन 7:17–25यहोवा यों कहता है, इस से तू जान लेगा कि मैं ही परमेश्वर हूं; देख, मै अपने हाथ की लाठी को नील नदी के जल पर मारूंगा, और जल लोहू बन जाएगा, और जो मछलियां नील नदी में हैं वे मर जाएंगी, और नील नदी बसाने लगेगी, और नदी का पानी पीने के लिये मिस्त्रियों का जी न चाहेगा। फिर यहोवा ने मूसा से कहा, हारून से कह, कि अपनी लाठी लेकर मि देश में जितना जल है, अर्थात् उसकी नदियां, नहरें, झीलें, और पोखरे, सब के ऊपर अपना हाथ बढ़ा कि उनका जल लोहू बन जाए; और सारे मि देश में काठ और पत्थर दोनों भांति के जलपात्रों में लोहू ही लोहू हो जाएगा। तब मूसा और हारून ने यहोवा की आज्ञा ही के अनुसार किया, अर्थात् उस ने लाठी को उठाकर फिरौन और उसके कर्मचारियों के देखते नील नदी के जल पर मारा, और नदी का सब जल लोहू बन गया। और नील नदी में जो मछलियां थीं वे मर गई; और नदी से दुर्गन्ध आने लगी, और मिद्दी लोग नदी का पानी न पी सके; और सारे मि देश में लोहू हो गया। तब मि के जादूगरों ने भी अपने तंत्रा- मंत्रो से वैसा ही किया; तौभी फिरौन का मन हठीला हो गया, और यहोवा के कहने के अनुसार उस ने मूसा और हारून की न मानी। फिरौन ने इस पर भी ध्यान नहीं दिया, और मुंह फेर के अपने घर में चला गया। और सब मिद्दी लोग पीने के जल के लिये नील नदी के आस पास खोदने लगे, क्योंकि वे नदी का जल नहीं पी सकते थे। और जब यहोवा ने नील नदी को मारा था तब से सात दिन हो चुके थे।।
- Psalm 105:26–36 भजन संहिता 105:26–36उस ने अपने दास मूसा को, और अपने चुने हुए हारून को भेजा। उन्हों ने उनके बीच उसकी ओर से भांति भांति के चिन्ह, और हाम के देश में चमत्कार दिखाए। उस ने अन्धकार कर दिया, और अन्धियारा हो गया; और उन्हों ने उसकी बातों को न टाला। उस ने मिस्त्रियों के जल को लोहू कर डाला, और मछलियों को मार डाला। मेंढक उनकी भूमि में वरन उनके राजा की कोठरियों में भी भर गए। उस ने आज्ञा दी, तब डांस आ गए, और उनके सारे देश में कुटकियां आ गईं। उस ने उनके लिये जलवृष्टि की सन्ती ओले, और उनके देश में धधकती आग बरसाई। और उस ने उनकी दाखलताओं और अंजीर के वृक्षों को वरन उनके देश के सब पेड़ों को तोड़ डाला। उस ने आज्ञा दी तब अनगिनत टिडि्डयां, और कीड़े आए, और उन्हों ने उनके देश के सब अन्नादि को खा डाला; औश्र उनकी भूमि के सब फलों को चट कर गए। उस ने उनके देश के सब पहिलौठों को, उनके पौरूष के सब पहिले फल को नाश किया।।
- 1 Samuel 4:8 1 शमूएल 4:8हाय! ऐसे महाप्रतापी देवताओं के हाथ से हम को कौन बचाएगा? ये तो वे ही देवता हैं जिन्हों ने मिस्त्रियों पर जंगल में सब प्रकार की विपत्तियां डाली थीं।
- James 5:16–18 याकूब 5:16–18इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है। एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा। फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्त हुई॥
- Ezekiel 7:1–12 यहेजकेल 7:1–12फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, हे मनुष्य के सन्तान, प्रभु यहोवा इस्राएल की भूमि के विषय में यों कहता है, कि अन्त हुआ; चारों कोनों समेत देश का अन्त आ गया है। तेरा अन्त भी आ गया, और मैं अपना कोप तुझ पर भड़काकर तेरे चालचलन के अनुसार तुझे दण्ड दूंगा; और तेरे सारे घिनौने कामों का फल तुझे दूंगा। मेरी दयादृष्टि तुझ पर न होगी, और न मैं कोतलता करूंगा; और जब तक तेरे घिनौने पाप तुझ में बने रहेंगे तब तक मैं तेरे चालचलन का फल तुझे दूंगा। तब तू जान लेगा कि मैं यहोवा हूँ। प्रभु यहोवा यों कहता है, विपत्ति है, एक बड़ी विपत्ति है! देखो, वह आती है। अन्त आ गया है, सब का अन्त आया है; वह तेरे विरूद्ध जागा है। देखो, वह आता है। हे देश के निवासी, तेरे लिये चक्र घूम चुका, समय आ गया, दिन निकट है; पहाड़ों पर आनन्द के शब्द का दिन नहीं, हुल्लड़ ही का होगा। अब थोड़े दिनों में मैं अपनी जलजलाहट तुझ पर भड़काऊंगा, और तुझ पर पूरा कोप उण्डेलूंगा और तेरे चालचलन के अनुसार तुझे दण्ड दूंगा। और तेरे सारे घिनौने कामों का फल तुझे भुगताऊंगा। मेरी दयादृष्टि तुझ पर न होगी और न मैं तुझ पर कोपलता करूंगा। मैं तेरी चालचलन का फल तुझे भुगताऊंगा, और तेरे घिनौने पाप तुझ में बने रहेंगे। तब तुम जान लोगे कि मैं यहोवा दण्ड देनेवाला हूँ। देखो, उस दिन को देखो, वह आता है! चक्र घूम चुका, छड़ी फूल चुकी, अभिमान फूला है। उपद्रव बढ़ते बढ़ते दुष्टता का दण्ड बन गया; उन में से कोई न बचेगा, और न उनकी भीड़- भाड़, न उनके धन में से कुछ रहेगा; और न उन में से किसी के लिये विलाप सुन पड़ेगा। समय आ गया, दिन निकट आ गया है; न तो मोल लेनेवाला आनन्द करे और न बेचनेवाला शोक करे, क्योंकि उनकी सारी भीड़ पर कोप भड़क उठा है।
Original words (Greek)
- These · G3778οὗτος hoûtos
- have · G2192ἔχω échō
- power · G1849ἐξουσία exousía
- shut · G2808κλείω kleíō
- heaven · G3772οὐρανός ouranós
- that · G2443ἵνα hína
- rain · G1026βρέχω bréchō
- not · G3361μή mḗ
- in · G1722ἐν en
- days · G2250ἡμέρα hēméra
- their · G846αὐτός autós
- prophecy · G4394προφητεία prophēteía
- and · G2532καί kaí
- have · G2192ἔχω échō
- power · G1849ἐξουσία exousía
- over · G1909ἐπί epí
- waters · G5204ὕδωρ hýdōr
- turn · G4762στρέφω stréphō
- them · G846αὐτός autós
- to · G1519εἰς eis
- blood · G129αἷμα haîma
- and · G2532καί kaí
- smite · G3960πατάσσω patássō
- earth · G1093γῆ gē
- all · G3956πᾶς pâs
- plagues · G4127πληγή plēgḗ
- often · G3740ὁσάκις hosákis
- as · G1437ἐάν eán
- will · G2309θέλω thélō